21 अक्टूबर 2026
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सोना ₹1,46,000 और चांदी ₹2,09,218 पर फिसली; मिडिल ईस्ट तनाव, मजबूत डॉलर और Fed दर-बढ़ोतरी आशंका का असर

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सोना ₹1,46,000 और चांदी ₹2,09,218 पर फिसली; मिडिल ईस्ट तनाव, मजबूत डॉलर और Fed दर-बढ़ोतरी आशंका का असर

सारांश

मिडिल ईस्ट तनाव और मजबूत डॉलर के बीच बुधवार को सोना MCX पर ₹1,46,000 और चांदी ₹2,09,218 पर फिसल गई। असली दबाव है 27-28 अक्टूबर की Fed बैठक और दिसंबर में 90% संभावित दर-बढ़ोतरी — जो कीमती धातुओं की राह तय करेगी।

मुख्य बातें

MCX पर दिसंबर डिलीवरी का सोना ₹519 (0.35%) गिरकर ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम पर आया; दिन का निचला स्तर ₹1,45,689 रहा।
चांदी ₹2,267 (1.07%) टूटकर ₹2,09,218 प्रति किलोग्राम पर; दिन का निचला स्तर ₹2,08,801 रहा।
कॉमेक्स पर सोना 0.23% गिरकर 4,133 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.03% फिसलकर 57.405 डॉलर प्रति औंस पर रही।
27-28 अक्टूबर को फेडरल रिज़र्व की बैठक; दिसंबर में दर-बढ़ोतरी की संभावना लगभग 90 प्रतिशत आंकी जा रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अस्थिरता और ट्रंप के टैरिफ-छूट के फैसले ने वैश्विक कमोडिटी बाजार को प्रभावित किया।
अगले सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति आंकड़े सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सोना और चांदी दोनों कीमती धातुएं दबाव में रहीं — मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों की खरीदारी पर लगाम लगाए रखी। MCX पर दिसंबर डिलीवरी का सोना ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम पर और चांदी ₹2,09,218 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ

वैश्विक संदर्भ बिंदु कॉमेक्स पर खबर लिखे जाने तक सोना 0.23 प्रतिशत कमजोर होकर 4,133 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। चांदी इससे ज्यादा दबाव में रही और 1.03 प्रतिशत फिसलकर 57.405 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस कमजोरी की सीधी छाया घरेलू बाजार पर भी पड़ी।

MCX पर घरेलू कीमतों का विस्तृत हाल

MCX पर दिसंबर डिलीवरी का सोना ₹519 यानी 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। दिन की शुरुआत इसने पिछले बंद ₹1,46,519 से 0.13 प्रतिशत टूटकर ₹1,46,328 पर की, लेकिन कारोबार के दौरान यह ₹830 यानी 0.56 प्रतिशत लुढ़ककर ₹1,45,689 प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुँच गया।

चांदी की स्थिति और चुनौतीपूर्ण रही। MCX पर यह ₹2,267 यानी 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,09,218 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई। दिन की शुरुआत पिछले बंद ₹2,11,485 से ₹1,085 यानी 0.51 प्रतिशत नीचे ₹2,10,400 पर हुई थी, लेकिन एक समय यह ₹2,684 यानी 1.26 प्रतिशत फिसलकर ₹2,08,801 प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर भी पहुँची।

मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल का प्रभाव

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ी अस्थिरता और क्षेत्रीय तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेला था। इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूसी ऊर्जा के प्रमुख खरीदारों पर लगने वाले अतिरिक्त टैरिफ हटाने के फैसले ने भी वैश्विक कमोडिटी बाजारों को प्रभावित किया। गौरतलब है कि ऊर्जा बाजार की यह अनिश्चितता निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर धकेलती है, लेकिन मजबूत डॉलर और दर-बढ़ोतरी की आशंका इस रुझान को काट रही है।

फेडरल रिज़र्व बैठक और ब्याज दर की संभावनाएँ

आर्थिक जानकारों के मुताबिक, निवेशकों की नजर 27-28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की नीतिगत बैठक पर टिकी है। अनुमान है कि अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 16 प्रतिशत है, जबकि दिसंबर में यह संभावना लगभग 90 प्रतिशत मानी जा रही है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों का आकर्षण घट जाता है — यही वजह है कि निवेशक फिलहाल नई खरीदारी से परहेज कर रहे हैं।

आगे क्या देखें निवेशक

आने वाले सत्रों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अगले सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति आंकड़ों पर निर्भर करेगी, जिन्हें फेडरल रिज़र्व महंगाई नापने का प्राथमिक पैमाना मानता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि महंगाई अनुमान से अधिक रही, तो ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका और पुख्ता होगी तथा कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है। इसके विपरीत, महंगाई के नरम संकेत मिलने पर खरीदारी लौट सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक बड़ा विरोधाभास छुपा है — मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता आमतौर पर सोने को 'सेफ हेवन' के रूप में ऊपर धकेलती है, लेकिन इस बार मजबूत डॉलर और दर-बढ़ोतरी की आशंका उस परंपरागत रुझान को पलट रही है। दिसंबर में 90 प्रतिशत दर-बढ़ोतरी की संभावना बाजार में पहले से 'प्राइस इन' हो चुकी है, इसलिए असली झटका तब आएगा जब PCE मुद्रास्फीति आंकड़े उम्मीद से अधिक रहे। घरेलू निवेशकों के लिए ध्यान देने की बात यह है कि ₹1,46,000 का स्तर तकनीकी समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है — इसके नीचे टिकाऊ टूट अल्पकालिक धारणा को और कमजोर कर सकती है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 अक्टूबर 2026 को MCX पर सोने और चांदी का भाव क्या रहा?
MCX पर दिसंबर डिलीवरी का सोना ₹519 यानी 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी ₹2,267 यानी 1.07 प्रतिशत टूटकर ₹2,09,218 प्रति किलोग्राम पर रही। दिन के कारोबार में सोना ₹1,45,689 और चांदी ₹2,08,801 के निचले स्तर तक भी पहुँची।
सोने और चांदी की कीमतों में आज गिरावट क्यों आई?
मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों को सतर्क किया। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों का आकर्षण घट जाता है, जिससे नई खरीदारी सीमित हो गई।
फेडरल रिज़र्व की बैठक सोने की कीमत को कैसे प्रभावित करती है?
फेडरल रिज़र्व की 27-28 अक्टूबर की बैठक में ब्याज दर पर फैसला होना है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार दिसंबर में दर-बढ़ोतरी की संभावना लगभग 90 प्रतिशत है, जो सोने पर दबाव बनाए रख सकती है। ऊँची ब्याज दरें डॉलर को मजबूत करती हैं और सोने की माँग को कमजोर करती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर सोने-चांदी का हाल कैसा रहा?
कॉमेक्स पर सोना 0.23 प्रतिशत कमजोर होकर 4,133 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 1.03 प्रतिशत फिसलकर 57.405 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस कमजोरी का सीधा असर घरेलू MCX कीमतों पर भी पड़ा।
आगे सोने-चांदी की कीमतें किस दिशा में जा सकती हैं?
विशेषज्ञों के मुताबिक अगले सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति आंकड़े कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यदि महंगाई उम्मीद से अधिक रही तो दर-बढ़ोतरी की आशंका मजबूत होगी और सोने-चांदी पर दबाव बना रह सकता है; नरम महंगाई मिलने पर खरीदारी लौट सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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