30 जून 2026
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सोना ₹1,40,450 के निम्नतम स्तर पर, चांदी भी 1% टूटी; फेड की सख्ती और पश्चिम एशिया तनाव बने कारण

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सोना ₹1,40,450 के निम्नतम स्तर पर, चांदी भी 1% टूटी; फेड की सख्ती और पश्चिम एशिया तनाव बने कारण

सारांश

फेड की सख्त मौद्रिक नीति और पश्चिम एशिया के बढ़ते संकट ने मंगलवार को MCX पर सोने को ₹1,40,450 और चांदी को ₹2,20,247 के निम्नतम स्तर पर धकेल दिया। जून में सोना 12.7% टूट चुका है — अक्टूबर 2008 के बाद संभावित सबसे बड़ी मासिक गिरावट।

मुख्य बातें

MCX पर 30 जून को अगस्त डिलीवरी सोना 1.37% गिरकर दिन के निम्नतम स्तर ₹1,40,450 प्रति 10 ग्राम पर पहुँचा।
सितंबर डिलीवरी चांदी 1% टूटकर ₹2,20,247 प्रति किलोग्राम के निम्नतम स्तर पर आई।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में स्पॉट गोल्ड 1.5% गिरकर 3,956.92 डॉलर प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर 2% गिरकर 57.13 डॉलर प्रति औंस पर आया।
जून 2026 में सोना अब तक लगभग 12.7% गिर चुका है — लगातार चौथे महीने कमज़ोरी।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित दर-वृद्धि और पश्चिम एशिया में मिसाइल हमलों ने बाज़ार की धारणा को कमज़ोर किया।
ब्रेंट क्रूड अगस्त वायदा 1.03% गिरकर 72.40 डॉलर प्रति बैरल पर आया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार, 30 जून को सोने और चांदी की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की तीव्र गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे भी बढ़ोतरी की आशंका, डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट ने निवेशकों को सुरक्षित माने जाने वाले इन कीमती धातुओं से दूर कर दिया। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही रुझान बना रहा तो सोना अक्टूबर 2008 के बाद अपनी सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज कर सकता है।

MCX पर सोने-चांदी का हाल

अगस्त डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद स्तर ₹1,42,402 प्रति 10 ग्राम से ₹1,516 (1 प्रतिशत) की गिरावट के साथ ₹1,40,886 पर खुला। दिन के कारोबार में यह और नीचे फिसलकर ₹1,40,450 के निम्नतम स्तर पर पहुँचा, जो 1.37 प्रतिशत यानी ₹1,952 की गिरावट थी। बाद में इसमें कुछ रिकवरी हुई और खबर लिखे जाने तक यह 0.15 प्रतिशत की मामूली बढ़त पर था।

सितंबर डिलीवरी वाली चांदी भी अपने पिछले बंद ₹2,22,634 प्रति किलोग्राम से 1 प्रतिशत यानी ₹2,387 टूटकर ₹2,20,247 पर खुली, और यही दिन का निम्नतम स्तर रहा। बाद के कारोबार में इसमें भी 0.12 प्रतिशत की मामूली तेजी देखने को मिली।

वैश्विक बाज़ार में भी दबाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड करीब 1.5 प्रतिशत टूटकर 3,956.92 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। जून महीने में अब तक सोने की कीमत लगभग 12.7 प्रतिशत लुढ़क चुकी है और यह लगातार चौथे महीने कमज़ोरी की राह पर है।

स्पॉट सिल्वर 2 प्रतिशत गिरकर 57.13 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गया। प्लेटिनम में 1.1 प्रतिशत और पैलेडियम में 0.4 प्रतिशत की कमज़ोरी दर्ज हुई। ये तीनों कीमती धातुएँ भी इस महीने और पूरी तिमाही में गिरावट दर्ज करने की ओर अग्रसर हैं।

गिरावट के पीछे के कारण

विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका और प्रबल हुई है। इसी कारण बाज़ार को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए ब्याज दरें और बढ़ा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब ऊँची ब्याज दरें डॉलर को मजबूत बनाती हैं और सोने जैसी बिना-ब्याज परिसंपत्तियों की माँग स्वाभाविक रूप से घट जाती है।

इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी रही। निवेशकों की नज़र अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता पर टिकी है, हालाँकि सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच हुए मिसाइल हमलों ने संघर्ष विराम की संभावनाओं को कमज़ोर कर दिया है। अगस्त डिलीवरी ब्रेंट क्रूड वायदा 1.03 प्रतिशत गिरकर 72.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि सितंबर अनुबंध 73.51 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

आगे क्या होगा

बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों की नज़र इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी गैर-कृषि रोज़गार आँकड़ों, बेरोज़गारी दर, विनिर्माण व सेवा PMI तथा यूरोज़ोन के मुद्रास्फीति आँकड़ों पर रहेगी, जो बाज़ार की अगली दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे। गौरतलब है कि सोने की यह कमज़ोरी केवल एक दिन की नहीं, बल्कि लगातार चार महीनों की संरचनात्मक गिरावट का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन फेड की नीति और भू-राजनीतिक अनिश्चितता का यह दोहरा दबाव निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत ज़रूर है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 जून को MCX पर सोने की कीमत कितनी गिरी?
30 जून को MCX पर अगस्त डिलीवरी सोना दिन के कारोबार में 1.37% यानी ₹1,952 गिरकर ₹1,40,450 प्रति 10 ग्राम के निम्नतम स्तर पर पहुँचा। बाद में इसमें मामूली रिकवरी हुई।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका, डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव से ऊर्जा कीमतें बढ़ीं, जिससे महंगाई की चिंता गहरी हुई। ऊँची ब्याज दरें सोने जैसी बिना-ब्याज परिसंपत्तियों की माँग घटा देती हैं।
जून 2026 में सोने की मासिक गिरावट कितनी रही?
जून 2026 में अब तक अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना लगभग 12.7% गिर चुका है और यह लगातार चौथे महीने कमज़ोरी दर्ज कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह अक्टूबर 2008 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में स्पॉट गोल्ड और सिल्वर किस स्तर पर आए?
स्पॉट गोल्ड करीब 1.5% टूटकर 3,956.92 डॉलर प्रति औंस पर पहुँचा, जबकि स्पॉट सिल्वर 2% गिरकर 57.13 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। प्लेटिनम 1.1% और पैलेडियम 0.4% कमज़ोर हुए।
आगे सोने-चांदी की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में दबाव बना रह सकता है। अमेरिकी गैर-कृषि रोज़गार आँकड़े, बेरोज़गारी दर, विनिर्माण व सेवा PMI और यूरोज़ोन के मुद्रास्फीति आँकड़े बाज़ार की अगली दिशा तय करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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