मजबूत डॉलर से सोना-चांदी धड़ाम: MCX पर सोना ₹1,44,250 और चांदी ₹2,22,031 पर फिसली
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 24 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तीखी गिरावट दर्ज की गई, जब डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.265 के स्तर पर पहुँच गया — जो पिछले करीब 12 महीनों का उच्चतम स्तर है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1.56 प्रतिशत और चांदी 1.68 प्रतिशत तक लुढ़की, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी दोनों धातुओं पर दबाव बना रहा।
MCX पर सोने और चांदी का हाल
सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोज़िंग ₹1,46,529 के मुकाबले ₹1,528 यानी 1.04 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ ₹1,45,000 पर खुला। सुबह 9:48 बजे तक यह ₹2,279 यानी 1.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,44,250 पर आ गया। कारोबार के दौरान सोने का न्यूनतम स्तर ₹1,44,250 और उच्चतम स्तर ₹1,45,000 रहा।
चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोज़िंग ₹2,25,834 के मुकाबले ₹3,255 यानी 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,22,579 पर खुला। खबर लिखे जाने तक यह ₹3,803 यानी 1.68 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ ₹2,22,031 पर था।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी दबाव
वैश्विक बाज़ारों में भी दोनों कीमती धातुएँ दबाव में रहीं। खबर लिखे जाने तक सोना 1.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,077.70 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.69 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 61.02 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। यह गिरावट डॉलर की मज़बूती के सीधे अनुपात में देखी जा रही है।
डॉलर इंडेक्स क्यों चढ़ा
डॉलर इंडेक्स, जो अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं — यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक — के मुकाबले दर्शाता है, बढ़कर 101.265 पर पहुँच गया है। यह बीते करीब 12 महीनों में डॉलर इंडेक्स का सर्वोच्च स्तर है। चूँकि सोना और चांदी डॉलर में मूल्यांकित होते हैं, डॉलर के मज़बूत होने पर इनकी कीमतें आमतौर पर गिरती हैं।
ब्याज दरों की आशंका और भू-राजनीतिक दबाव
गौरतलब है कि ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ प्रभावित होने से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके चलते दुनिया के कई केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के प्रमुख केविन वॉर्श ने 2026 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया है। ऊँची ब्याज दरें सोने जैसी गैर-ब्याज-देने वाली परिसंपत्तियों को निवेशकों के लिए कम आकर्षक बना देती हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त दबाव बनता है।
आगे क्या
बाज़ार विश्लेषकों की नज़र अब अमेरिकी फेड की आगामी बैठकों और डॉलर इंडेक्स की चाल पर टिकी है। यदि ब्याज दर बढ़ोतरी के संकेत और पुख्ता होते हैं, तो सोने और चांदी पर दबाव और बढ़ सकता है। घरेलू निवेशकों के लिए MCX पर ₹1,44,000 के स्तर को नज़दीकी समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।