सोना ₹1,43,655 पर फिसला, चांदी ₹2,23,315 पर; वैश्विक स्थिरता और मजबूत डॉलर से दबाव
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार, 29 जून 2026 को सुबह के कारोबार में सोना 507 रुपए (0.35%) की गिरावट के साथ ₹1,43,655 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी मामूली 157 रुपए (0.07%) की कमजोरी के साथ ₹2,23,315 प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी, डॉलर इंडेक्स की मजबूती और अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की आशंका ने दोनों कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव बनाया।
MCX पर सोने का कारोबार
सोने का 5 अगस्त 2026 का वायदा अनुबंध पिछली बंद कीमत ₹1,44,162 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹1,44,180 प्रति 10 ग्राम पर खुला। शुरुआती घंटे में ही बिकवाली हावी हो गई और सुबह 9:40 बजे IST तक यह ₹1,43,655 पर आ गया। दिन के कारोबार में सोने ने ₹1,43,454 का निम्नतम और ₹1,44,180 का उच्चतम स्तर छुआ।
MCX पर चांदी का हाल
चांदी का 4 सितंबर 2026 का वायदा अनुबंध पिछली बंद कीमत ₹2,23,472 प्रति किलो के मुकाबले तेजी के साथ ₹2,23,912 प्रति किलो पर खुला, लेकिन शुरुआती दौर में बिकवाली आने से यह लुढ़क गई। खबर लिखे जाने तक चांदी ₹2,23,315 प्रति किलो पर थी। दिन के कारोबार में इसने ₹2,22,641 का निम्नतम और ₹2,24,248 का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुएँ कमजोर रहीं। COMEX पर सोना 0.41% की गिरावट के साथ $4,078 प्रति औंस और चांदी 1.18% की कमजोरी के साथ $58.52 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। गौरतलब है कि सोने में गिरावट अपेक्षाकृत तीखी रही, जबकि चांदी में कारोबार सपाट बना रहा।
गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार जानकारों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहला, अमेरिका और ईरान के बीच कथित तौर पर संघर्षविराम पर सहमति बनी है और रिपोर्टों के अनुसार मंगलवार को कतर में दोनों देशों के बीच बैठक हो सकती है — इससे वैश्विक जोखिम का माहौल कमजोर पड़ा और सुरक्षित निवेश की मांग घटी। दूसरा, डॉलर इंडेक्स लगातार 101 के ऊपर बना हुआ है, जो सोने की कीमतों पर सीधा दबाव डालता है। तीसरा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की ओर से बढ़ती महंगाई पर बार-बार चिंता जताई जा चुकी है, जिससे आने वाले महीनों में ब्याज दर बढ़ने की आशंका बनी हुई है — ऊँची ब्याज दरें सोने जैसी गैर-ब्याज-देने वाली संपत्तियों को कम आकर्षक बनाती हैं।
आगे क्या देखें
बाजार विश्लेषकों की नजर अब कतर वार्ता के नतीजे, Fed के अगले नीतिगत संकेतों और डॉलर इंडेक्स की चाल पर रहेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव और कम होता है तो सोने में और दबाव देखा जा सकता है, जबकि किसी नए संकट की स्थिति में सुरक्षित निवेश की मांग फिर लौट सकती है।