सोना ₹1,44,400 और चांदी ₹2,26,038 पर, मध्य पूर्व तनाव से सुरक्षित निवेश की मांग में उछाल
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार, 22 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक की तेज़ी दर्ज की गई। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के चलते मध्य पूर्व में जारी तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर धकेला है, जिससे कीमती धातुओं की माँग में तेज़ उछाल आया है।
MCX पर सोने का भाव
5 अगस्त 2026 के सोने के वायदा कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोजिंग ₹1,42,883 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹1,44,852 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार शुरू किया। सुबह 9:47 बजे IST तक यह ₹1,517 यानी 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,44,400 प्रति 10 ग्राम पर था। दिन के कारोबार में सोने ने ₹1,44,311 का निम्नतम और ₹1,44,883 का उच्चतम स्तर छुआ, जो दर्शाता है कि भाव एक सीमित दायरे में टिका हुआ है।
MCX पर चांदी का भाव
4 सितंबर 2026 के चांदी के वायदा कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोजिंग ₹2,23,779 प्रति किलो के मुकाबले ₹2,26,568 प्रति किलो पर शुरुआत की। इस दौरान यह ₹2,259 यानी 1.01 प्रतिशत की मज़बूती के साथ ₹2,26,038 प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था। चांदी ने दिन में ₹2,25,885 का निम्नतम और ₹2,26,892 का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी तेज़ी
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में मज़बूती देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक COMEX पर सोना 1.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ $4,133 प्रति औंस और चांदी 1.50 प्रतिशत की मज़बूती के साथ $60 प्रति औंस के करीब थी। गौरतलब है कि डॉलर इंडेक्स में आई कमज़ोरी ने भी कीमती धातुओं को अतिरिक्त सहारा दिया है, क्योंकि कमज़ोर डॉलर में सोना-चांदी अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए सस्ता पड़ता है।
मध्य पूर्व में तनाव की पृष्ठभूमि
जानकारों के अनुसार इस तेज़ी का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने लगातार 11वें दिन ईरान पर हमले किए, जिनमें उसकी ड्रोन भंडारण सुविधाओं, समुद्री हमले की क्षमताओं और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहीं, ईरान भी मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भू-राजनीतिक दबाव पहले से ही बना हुआ है।
आगे क्या होगा
बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं होता और डॉलर में स्थिरता नहीं आती, तब तक सोने और चांदी में तेज़ी का रुझान बना रह सकता है। निवेशकों की नज़र अब अमेरिकी विदेश नीति के अगले कदम और ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी है, जो आने वाले सत्रों में धातुओं की दिशा तय करेगी।