कमज़ोर डॉलर से MCX पर सोना ₹1,41,914 और चांदी ₹2,19,347 प्रति किलो पर, दोनों में करीब 1% की तेज़ी
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार, 3 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों की शुरुआत तेज़ी के साथ हुई। डॉलर इंडेक्स के कमज़ोर पड़ने के चलते दोनों कीमती धातुओं में करीब एक प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय — दोनों बाज़ारों में यह तेज़ी एक साथ देखी गई।
MCX पर सोने का हाल
MCX पर 5 अगस्त 2026 का सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹1,41,511 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹1,42,002 प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 10:20 बजे IST तक यह ₹403 यानी 0.28 प्रतिशत की मज़बूती के साथ ₹1,41,914 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दिन के कारोबार में सोने ने ₹1,41,550 का निम्नतम और ₹1,42,002 का उच्चतम स्तर छुआ।
MCX पर चांदी का हाल
चांदी का 4 सितंबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग ₹2,17,198 प्रति किलो के मुकाबले ₹2,17,995 प्रति किलो पर खुला। दिन के कारोबार में चांदी ₹2,149 यानी 0.99 प्रतिशत की मज़बूती के साथ ₹2,19,347 प्रति किलो पर पहुँची। इंट्राडे में चांदी ने ₹2,17,683 का निम्नतम और ₹2,19,399 प्रति किलो का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी तेज़ी
वैश्विक स्तर पर भी धातुओं में मज़बूती का रुख रहा। कॉमेक्स पर सोना 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ $4,120 प्रति औंस और चांदी 1.24 प्रतिशत की तेज़ी के साथ $58.51 प्रति औंस पर थी। यह वैश्विक तेज़ी घरेलू बाज़ार की बढ़त को और पुष्ट करती है।
तेज़ी की वजह: कमज़ोर डॉलर और कच्चे तेल में गिरावट
बाज़ार जानकारों के अनुसार, इस तेज़ी की मुख्य वजह डॉलर इंडेक्स का कमज़ोर होना है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध रुकने से कच्चे तेल की माँग घटी, जिससे डॉलर की माँग कम हुई और डॉलर इंडेक्स लुढ़का। गौरतलब है कि डॉलर इंडेक्स अमेरिकी मुद्रा की छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं — यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक — के मुकाबले स्थिति दर्शाता है। डॉलर के कमज़ोर होने पर सोना-चांदी जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों में निवेशकों की रुचि बढ़ जाती है।
कच्चे तेल में भी भारी गिरावट
खबर लिखे जाने तक, बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 5.36 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ $83.20 प्रति बैरल और WTI क्रूड 6.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ $79.06 प्रति बैरल पर था। यह ऊर्जा बाज़ार में आई तेज़ गिरावट डॉलर की कमज़ोरी को और गहरा कर सकती है, जिससे आने वाले सत्रों में सोने-चांदी को और समर्थन मिल सकता है।