सोना ₹1,54,950 व चांदी ₹2,38,271 के उच्च स्तर पर, अमेरिका-ईरान तनाव से कीमती धातुओं में 1.10% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 12 अगस्त 2026 को बुधवार के कारोबारी सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई — अमेरिका-ईरान के बीच गहराते भू-राजनीतिक तनावों, सुरक्षित निवेश की बढ़ती माँग और वैश्विक केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी ने कीमती धातुओं को मजबूत आधार दिया। निवेशकों की निगाहें उसी दिन जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों पर टिकी रहीं, जो फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति की दिशा तय कर सकते हैं।
MCX पर सोने का प्रदर्शन
MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स पिछले बंद भाव ₹1,53,765 प्रति 10 ग्राम की तुलना में ₹1,182 की बढ़त के साथ ₹1,54,947 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 0.77 प्रतिशत यानी ₹1,185 की बढ़त के साथ ₹1,54,950 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे उच्च स्तर तक पहुँचा, जबकि निचला स्तर ₹1,54,323 रहा। रिपोर्ट लिखे जाने तक सोना ₹895 यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,54,660 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
गौरतलब है कि सोना अभी भी इस वर्ष के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे बना हुआ है। बावजूद इसके, हालिया तेजी ने बाजार में निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत किया है।
चांदी में भी जोरदार खरीदारी
MCX पर सितंबर डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स पिछले बंद भाव ₹2,35,659 प्रति किलोग्राम से ₹2,314 की बढ़त के साथ ₹2,37,973 पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी ने 1.10 प्रतिशत यानी ₹2,612 की बढ़त के साथ ₹2,38,271 प्रति किलोग्राम का इंट्राडे उच्च स्तर छुआ, जबकि निचला स्तर ₹2,36,500 रहा। रिपोर्ट लिखे जाने तक चांदी ₹1,241 यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹2,36,900 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। यह अभी भी अपने वार्षिक रिकॉर्ड ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम से काफी नीचे है।
वैश्विक बाजार में भी तेजी
COMEX पर सोना $4,430 प्रति औंस पर खुला और बाद में बढ़कर $4,473.50 प्रति औंस तक पहुँचा — पिछले बंद भाव की तुलना में $32.40 की बढ़त। COMEX पर चांदी $64.87 प्रति औंस पर खुली और $65.90 प्रति औंस तक पहुँची, जिसमें लगभग $0.97 प्रति औंस की बढ़त दर्ज हुई। वैश्विक बाजारों की इस मजबूती का सीधा असर घरेलू कीमतों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
फेडरल रिजर्व नीति और CPI डेटा की अहमियत
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी CPI आंकड़े निवेशकों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण संकेतक हैं। यदि महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं, तो फेडरल रिजर्व की दर-वृद्धि की उम्मीदें और कमजोर पड़ सकती हैं, जिससे सोने को अतिरिक्त समर्थन मिलेगा। हाल ही में अपेक्षा से कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर 48 प्रतिशत रह गई है। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने कहा है कि महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल का असर
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता और समुद्री जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताएँ बढ़ा दी हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता परंपरागत रूप से सोने-चांदी जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों की माँग को बढ़ाते हैं — और इस बार भी यही तस्वीर बाजार में उभरकर सामने आई है। आगे भी कीमती धातुओं की दिशा काफी हद तक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।