कोलंबिया भूकंप: मृतक संख्या 265 पहुँची, यूएन-डब्ल्यूएचओ ने राहत अभियान तेज़ किया
सारांश
मुख्य बातें
कोलंबिया में 11 अगस्त 2026 को आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 265 हो गई है। आपदा में 3,494 लोग घायल हुए हैं और 496 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि 53,000 से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) और उसके साझेदर संगठन कोलंबिया सरकार के नेतृत्व में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं।
राहत कार्यों में क्या हो रहा है
विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री भेज रहा है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) देश में मौजूद अपने गोदामों से चिकित्सा सामग्री और दवाएं भेज रहा है। ओसीएचए के अनुसार, प्रभावित इलाकों में मानवीय ज़रूरतों का आकलन अभी जारी है।
सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में संचार सेवाओं, परिवहन और सरकारी सुविधाओं में आई बाधाओं के कारण राहत कार्यों में गंभीर कठिनाइयाँ आ रही हैं। ओसीएचए ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकताओं में अस्थायी आश्रय, खाद्य सहायता, सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र की आपातकालीन प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने बुधवार, 13 अगस्त को बताया कि संयुक्त राष्ट्र के केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष (सीईआरएफ) से धन उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। हक ने कहा कि जैसे ही नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आएगी, संयुक्त राष्ट्र कोलंबिया के लिए भूकंप राहत सहायता की औपचारिक अपील जारी करेगा।
हक ने आगाह किया कि प्रभावित लोगों की ज़रूरतें बेहद गंभीर होने की संभावना है। गौरतलब है कि भूकंप के कारण बड़ी संख्या में घरों और सार्वजनिक ढाँचे को नुकसान पहुँचा है, जो दीर्घकालिक पुनर्निर्माण की चुनौती को और बढ़ाता है।
कोलंबिया सरकार का रुख
कोलंबिया के राष्ट्रपति एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने बताया कि वे प्रभावित लोगों तक तेज़ी से सहायता पहुँचाने के लिए आर्थिक आपातकाल घोषित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अभी लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान पर केंद्रित है।
भारत की संवेदना और समर्थन
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 11 अगस्त को कोलंबिया के विदेश मंत्री ओमर बुला एस्कोबार के प्रति संवेदना व्यक्त की। जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "कोलंबिया में भूकंप से हुई जान-माल की भारी क्षति से मैं बेहद दुखी हूँ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएँ हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी प्रार्थना करता हूँ। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।"
यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय कोलंबिया की स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और राहत संसाधन जुटाने में तेज़ी लाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में सीईआरएफ से वित्तीय सहायता और संयुक्त राष्ट्र की औपचारिक अपील से राहत कार्यों की रफ़्तार तय होगी।