कोलंबिया भूकंप: भारत की 20 मीट्रिक टन मानवीय सहायता बोगोटा पहुंची, 319 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
भारत सरकार द्वारा भेजी गई 20 मीट्रिक टन मानवीय सहायता की पहली खेप 20 अगस्त 2026 को बोगोटा पहुंच गई और स्थानीय अधिकारियों को सौंप दी गई। यह सहायता 10 अगस्त को पश्चिमी कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों में सहयोग के लिए भेजी गई है। इस आपदा में अब तक 319 लोगों की मौत हो चुकी है, 4,469 घायल हैं और 260 लोग अभी भी लापता हैं।
सहायता में क्या-क्या शामिल है
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया था कि इस सहायता सामग्री में दवाएं और चिकित्सा उपकरण, अस्थायी आश्रय सामग्री, स्वच्छता उत्पाद तथा आपदा के बाद आवश्यक अन्य ज़रूरी सामान शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'इस कठिन समय में भारत कोलंबिया की जनता के साथ एकजुटता से खड़ा है।'
बोगोटा स्थित भारतीय दूतावास ने भी एक्स पर सहायता के पहुंचने की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।
कोलंबिया में आपदा की स्थिति
कोलंबिया की नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट के आंकड़ों के अनुसार, 20 अगस्त शाम तक 319 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि 4,469 लोग घायल हुए और 260 अभी भी लापता हैं। कुल 364 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इस आपदा से 15 विभागों की 476 नगरपालिकाओं पर असर पड़ा है और करीब 2,72,830 लोग प्रभावित हुए हैं।
कोलंबियाई सरकार की प्रतिक्रिया
कोलंबियाई राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने बोगोटा में कैबिनेट बैठक के बाद एक डिक्री पर हस्ताक्षर कर भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में 30 दिन का आर्थिक, सामाजिक और पारिस्थितिक आपातकाल घोषित किया। इस डिक्री के दायरे में वैले डेल काउका, रिसाराल्डा और काल्डास सहित 15 प्रभावित विभाग शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन उपायों का उद्देश्य केवल क्षतिग्रस्त घरों का पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि व्यवसायों, स्कूलों और अस्पतालों सहित आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह बहाल करना है।
वैश्विक आपदाओं में भारत की भूमिका
यह सहायता प्रयास वैश्विक प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पहली प्रतिक्रिया देने वाले देश के रूप में भारत की स्थापित भूमिका को एक बार फिर रेखांकित करता है। गौरतलब है कि भारत ने इससे पहले तुर्किये, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में भी आपदाओं के तुरंत बाद मानवीय सहायता पहुंचाई है। यह सहायता ऐसे समय में आई है जब कोलंबिया के साथ भारत के कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध नई गति पकड़ रहे हैं।
आने वाले दिनों में राहत एवं पुनर्निर्माण की ज़रूरतों के अनुसार सहायता की अतिरिक्त खेपें भेजे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।