प्रणवी उर्स को सिंधिया की बधाई: एशियन गेम्स 2026 गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 4 अक्टूबर 2026 को भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स से वीडियो कॉल पर बातचीत की — प्रणवी ने एशियन गेम्स 2026 में महिला व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है और वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। मंत्री ने इस ऐतिहासिक जीत पर प्रणवी के धैर्य, परिश्रम और मानसिक दृढ़ता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
व्यक्तिगत जुड़ाव और पुरानी यादें
सिंधिया ने बातचीत के दौरान याद किया कि जब प्रणवी उर्स स्कूल में पढ़ती थीं, तब उन्होंने उनके साथ गोल्फ के कुछ राउंड खेले थे। उन्होंने कहा कि उस स्कूली छात्रा को एशियन गेम्स की चैंपियन बनते देखना उनके लिए एक बेहद खास और भावनात्मक अनुभव रहा।
मंत्री ने यह भी बताया कि माधवराव सिंधिया फाउंडेशन प्रणवी के खेल-सफर का हिस्सा रहा है। प्रणवी और साथी गोल्फर दीक्षा डागर दोनों फाउंडेशन की खेल-केंद्रित पहलों से जुड़ी रही हैं।
तैयारी और खेल मनोविज्ञान पर चर्चा
दोनों के बीच 2022 एशियन गेम्स के बाद से प्रणवी के सफर, उनकी तैयारी की रणनीति और मानसिक मज़बूती को लेकर विस्तृत बातचीत हुई। सिंधिया ने बताया कि उन्होंने कोर्स की विभिन्न परिस्थितियों से निपटने में स्पोर्ट्स साइकोलॉजी (खेल मनोविज्ञान) की भूमिका पर भी चर्चा की — जो आधुनिक उच्च-प्रदर्शन खेल का एक अहम पहलू बन चुका है।
गौरतलब है कि भारतीय गोल्फ में पिछले कुछ वर्षों में महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन निरंतर सुधरा है, और प्रणवी की यह जीत उस उभार का सबसे चमकीला अध्याय है।
सिंधिया का एक्स पर संदेश
सिंधिया ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा: 'एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के व्यक्तिगत गोल्फ में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद प्रणवी उर्स के साथ एक शानदार बातचीत। अभी भी यकीन करना मुश्किल है कि यह वही लड़की हैं, जिनके साथ मैं उसके स्कूल के दिनों में कुछ राउंड खेला करता था। उनके सफर को करीब से देखना और इस दौरान माधवराव सिंधिया फाउंडेशन को उसका साथ देते हुए देखना बहुत खास रहा है। उन्होंने इतिहास रचा है, लेकिन मुझे पता है कि यह तो बस शुरुआत है। प्रणवी, ऐसे ही आगे बढ़ती रहो।'
आगे क्या
मंत्री सिंधिया ने प्रणवी के माता-पिता, कोच और उनके सफर में साथ रहे सभी लोगों को भी बधाई दी तथा उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं। प्रणवी की यह जीत भारतीय गोल्फ के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है, और खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देश में महिला गोल्फरों को प्रेरणा मिलेगी।