रोरी मैकइलरॉय ने प्रणवी उर्स के जज्बे को सराहा, एशियन गेम्स गोल्ड को बताया 'काबिल-ए-तारीफ'
सारांश
मुख्य बातें
रोरी मैकइलरॉय ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में युवा भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स से मुलाकात के बाद उनकी जमकर तारीफ की — खासतौर पर एशियन गेम्स के फाइनल राउंड में ट्रिपल बोगी के बाद भी मानसिक दृढ़ता बनाए रखते हुए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के लिए। यह मुलाकात डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप से पहले हुई, जिसमें 37 वर्षीय आयरिश स्टार भाग ले रहे हैं।
मैकइलरॉय ने क्या कहा
मैकइलरॉय ने प्रणवी से मिलने के बाद कहा, 'एशियन गेम्स जीतना एक शानदार उपलब्धि है। शुरुआती ट्रिपल (बोगी) के बाद भी उन्होंने जो जज्बा और मजबूत इरादा दिखाया, वह काबिल-ए-तारीफ है। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। वह एक बेहतरीन युवा महिला हैं। उन्होंने कहा कि वह नर्वस थीं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं लगा।' यह टिप्पणी तब आई जब दोनों ने डीएलएफ कोर्स पर कुछ होल्स साथ वॉक किए।
प्रणवी की ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रणवी उर्स एशियन गेम्स में गोल्फ का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। फाइनल राउंड के तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी लगने से उनकी तीन शॉट की बढ़त समाप्त हो गई थी, फिर भी उन्होंने संयम बनाए रखते हुए महिलाओं का व्यक्तिगत खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने एशियन गेम्स के गोल्फ इवेंट में भारत का 24 साल का इंतजार समाप्त किया — इससे पहले बुसान 2002 में शिव कपूर ने मेन्स इंडिविजुअल खिताब जीता था।
मैकइलरॉय की प्रेरणा से उबरीं प्रणवी
ओलंपिकडॉटकॉम के अनुसार, प्रणवी ने बताया कि संकट के उस पल में उन्हें मैकइलरॉय के 2025 मास्टर्स जीतने के सफर से प्रेरणा मिली, जब उन्होंने भी शुरुआती बोगी के बावजूद वापसी की थी। प्रणवी ने कहा, 'मुझे याद आया कि रोरी ने पहली बार मास्टर्स जीतते समय क्या किया था। उन्होंने शुरुआत एक ट्रिपल बोगी से की थी — मुझे लगता है कि डबल या ट्रिपल बोगी थी। और मैंने सोचा कि अगर वह मास्टर्स जीत सकते हैं, तो मैं भी एशियन गेम्स जीत सकती हूं। मुझे लगता है कि इसी सोच ने मुझे वापस सही रास्ते पर ला दिया।'
भारतीय गोल्फ के लिए ऐतिहासिक संदर्भ
यह एशियन गेम्स के गोल्फ इवेंट में भारत का चौथा गोल्ड मेडल भी था। पहला स्वर्ण नई दिल्ली 1982 में लक्ष्मण सिंह ने जीता था, जिन्होंने ऋषि नारायण, अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ मिलकर मेन्स टीम खिताब भी अपने नाम किया था। महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में इससे पहले हांगझोऊ 2023 में अदिति अशोक का सिल्वर ही भारत का एकमात्र मेडल था — प्रणवी उसी टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रही थीं।
आगे क्या
प्रणवी मैकइलरॉय से मिलने के बाद अगले सप्ताह डीएलएफ में होने वाले विमेंस इंडियन ओपन की तैयारी में जुट गई हैं। गौरतलब है कि मैकइलरॉय ने भी बताया कि इस हफ्ते उनकी पार्टनर भी इसी टूर्नामेंट में भाग ले रही हैं। एशियन गेम्स के गोल्ड के बाद प्रणवी के प्रदर्शन पर अब देशभर की नजरें होंगी।