14 अक्टूबर 2026
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रोरी मैकइलरॉय ने प्रणवी उर्स के जज्बे को सराहा, एशियन गेम्स गोल्ड को बताया 'काबिल-ए-तारीफ'

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रोरी मैकइलरॉय ने प्रणवी उर्स के जज्बे को सराहा, एशियन गेम्स गोल्ड को बताया 'काबिल-ए-तारीफ'

सारांश

रोरी मैकइलरॉय और प्रणवी उर्स की नई दिल्ली में मुलाकात महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह एक युवा चैंपियन की वह कहानी है जिसने उसी खिलाड़ी से प्रेरणा लेकर इतिहास रचा, जो आज उसकी तारीफ कर रहा था।

मुख्य बातें

रोरी मैकइलरॉय ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रणवी उर्स से मुलाकात कर उनके जज्बे की सराहना की।
प्रणवी उर्स एशियन गेम्स के गोल्फ इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
फाइनल राउंड में ट्रिपल बोगी के बाद तीन शॉट की बढ़त गंवाने के बावजूद उन्होंने खिताब अपने नाम किया।
इस जीत ने एशियन गेम्स गोल्फ में भारत का 24 साल का इंतजार समाप्त किया; यह भारत का चौथा गोल्ड था।
प्रणवी ने बताया कि 2025 मास्टर्स में मैकइलरॉय की वापसी ने उन्हें संकट के क्षण में प्रेरित किया।
प्रणवी अब डीएलएफ में होने वाले विमेंस इंडियन ओपन की तैयारी में जुटी हैं।

रोरी मैकइलरॉय ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में युवा भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स से मुलाकात के बाद उनकी जमकर तारीफ की — खासतौर पर एशियन गेम्स के फाइनल राउंड में ट्रिपल बोगी के बाद भी मानसिक दृढ़ता बनाए रखते हुए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के लिए। यह मुलाकात डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप से पहले हुई, जिसमें 37 वर्षीय आयरिश स्टार भाग ले रहे हैं।

मैकइलरॉय ने क्या कहा

मैकइलरॉय ने प्रणवी से मिलने के बाद कहा, 'एशियन गेम्स जीतना एक शानदार उपलब्धि है। शुरुआती ट्रिपल (बोगी) के बाद भी उन्होंने जो जज्बा और मजबूत इरादा दिखाया, वह काबिल-ए-तारीफ है। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। वह एक बेहतरीन युवा महिला हैं। उन्होंने कहा कि वह नर्वस थीं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं लगा।' यह टिप्पणी तब आई जब दोनों ने डीएलएफ कोर्स पर कुछ होल्स साथ वॉक किए।

प्रणवी की ऐतिहासिक उपलब्धि

प्रणवी उर्स एशियन गेम्स में गोल्फ का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। फाइनल राउंड के तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी लगने से उनकी तीन शॉट की बढ़त समाप्त हो गई थी, फिर भी उन्होंने संयम बनाए रखते हुए महिलाओं का व्यक्तिगत खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने एशियन गेम्स के गोल्फ इवेंट में भारत का 24 साल का इंतजार समाप्त किया — इससे पहले बुसान 2002 में शिव कपूर ने मेन्स इंडिविजुअल खिताब जीता था।

मैकइलरॉय की प्रेरणा से उबरीं प्रणवी

ओलंपिकडॉटकॉम के अनुसार, प्रणवी ने बताया कि संकट के उस पल में उन्हें मैकइलरॉय के 2025 मास्टर्स जीतने के सफर से प्रेरणा मिली, जब उन्होंने भी शुरुआती बोगी के बावजूद वापसी की थी। प्रणवी ने कहा, 'मुझे याद आया कि रोरी ने पहली बार मास्टर्स जीतते समय क्या किया था। उन्होंने शुरुआत एक ट्रिपल बोगी से की थी — मुझे लगता है कि डबल या ट्रिपल बोगी थी। और मैंने सोचा कि अगर वह मास्टर्स जीत सकते हैं, तो मैं भी एशियन गेम्स जीत सकती हूं। मुझे लगता है कि इसी सोच ने मुझे वापस सही रास्ते पर ला दिया।'

भारतीय गोल्फ के लिए ऐतिहासिक संदर्भ

यह एशियन गेम्स के गोल्फ इवेंट में भारत का चौथा गोल्ड मेडल भी था। पहला स्वर्ण नई दिल्ली 1982 में लक्ष्मण सिंह ने जीता था, जिन्होंने ऋषि नारायण, अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ मिलकर मेन्स टीम खिताब भी अपने नाम किया था। महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में इससे पहले हांगझोऊ 2023 में अदिति अशोक का सिल्वर ही भारत का एकमात्र मेडल था — प्रणवी उसी टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रही थीं।

आगे क्या

प्रणवी मैकइलरॉय से मिलने के बाद अगले सप्ताह डीएलएफ में होने वाले विमेंस इंडियन ओपन की तैयारी में जुट गई हैं। गौरतलब है कि मैकइलरॉय ने भी बताया कि इस हफ्ते उनकी पार्टनर भी इसी टूर्नामेंट में भाग ले रही हैं। एशियन गेम्स के गोल्ड के बाद प्रणवी के प्रदर्शन पर अब देशभर की नजरें होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विजेता मानसिकता की ओर बढ़ रहा है। गौरतलब है कि अदिति अशोक के सिल्वर से आगे बढ़कर प्रणवी ने जो मुकाम हासिल किया, वह भारत के लिए इस खेल में एक नई पीढ़ी का उदय है। अब असली कसौटी यह होगी कि क्या यह उपलब्धि भारत में गोल्फ के लिए संसाधन और ध्यान दिलाने में भी कोई सूई हिला पाती है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में कौन सा इतिहास रचा?
प्रणवी उर्स एशियन गेम्स के गोल्फ इवेंट में महिलाओं का व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उनकी इस जीत ने एशियन गेम्स गोल्फ में भारत का 24 साल का इंतजार समाप्त किया।
रोरी मैकइलरॉय ने प्रणवी की तारीफ किस बात के लिए की?
मैकइलरॉय ने प्रणवी के उस जज्बे की तारीफ की जिसके चलते उन्होंने फाइनल राउंड में ट्रिपल बोगी लगने के बाद भी मानसिक संतुलन बनाए रखा और खिताब जीता। उन्होंने कहा कि प्रणवी ने कहा वे नर्वस थीं, लेकिन उनके खेल से ऐसा बिल्कुल नहीं लगा।
प्रणवी उर्स को ट्रिपल बोगी के बाद किसने प्रेरित किया?
ओलंपिकडॉटकॉम के अनुसार, प्रणवी ने बताया कि उन्हें रोरी मैकइलरॉय के 2025 मास्टर्स जीतने के सफर से प्रेरणा मिली, जिसमें मैकइलरॉय ने भी शुरुआती बोगी के बाद वापसी की थी। इसी सोच ने प्रणवी को मुश्किल दौर में सही रास्ते पर बनाए रखा।
एशियन गेम्स के गोल्फ इवेंट में भारत का इतिहास कैसा रहा है?
यह एशियन गेम्स में गोल्फ में भारत का चौथा गोल्ड मेडल था। इससे पहले नई दिल्ली 1982 में लक्ष्मण सिंह ने मेन्स टीम गोल्ड जीता था और बुसान 2002 में शिव कपूर ने मेन्स इंडिविजुअल खिताब अपने नाम किया था। महिलाओं के इवेंट में अदिति अशोक ने हांगझोऊ 2023 में सिल्वर जीता था।
प्रणवी उर्स अगला टूर्नामेंट कहाँ खेलेंगी?
प्रणवी उर्स अगले सप्ताह डीएलएफ में आयोजित होने वाले विमेंस इंडियन ओपन में भाग लेंगी। मैकइलरॉय से मुलाकात के बाद वे इसी टूर्नामेंट की प्रैक्टिस और तैयारी के लिए रवाना हो गईं।
राष्ट्र प्रेस
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