एशियन गेम्स 2026: प्रणवी उर्स ने गोल्फ में जीता ऐतिहासिक गोल्ड, भारतीय महिला टीम को मिला सिल्वर
सारांश
मुख्य बातें
प्रणवी उर्स ने 3 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया — वह कासुगाई कंट्री क्लब ईस्ट कोर्स पर चार दिवसीय व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। 15-अंडर 265 के कुल स्कोर के साथ उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही भारतीय महिला टीम ने टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता — जो एशियन गेम्स इतिहास में महिला गोल्फ में भारत का पहला पदक है।
अंतिम दिन का रोमांचक घटनाक्रम
अंतिम दौर में उतरते समय प्रणवी दूसरे स्थान पर चल रहीं सिंगापुर की शैनन टैन से तीन स्ट्रोक आगे थीं। हालाँकि, तीसरे होल पर उन्होंने 'ट्रिपल बोगी' कर दी, जिससे वह दूसरे स्थान पर खिसक गईं और बढ़त खतरे में पड़ गई। यह ऐसे समय में आया जब टीम के सामने अदिति अशोक का पिछले एशियन गेम्स का उदाहरण था, जब अदिति तीसरे दिन के बाद पहले स्थान पर थीं, लेकिन अंतिम दिन बढ़त नहीं बचा सकीं और सिल्वर मेडल पर संतोष करना पड़ा था।
दबाव में प्रणवी ने जबरदस्त वापसी की। छठे, 10वें और 13वें होल पर लगातार तीन 'बर्डी' लेकर उन्होंने बढ़त फिर से हासिल की। 18वें होल पर 'ईवन पार' स्कोर करते हुए उन्होंने अंततः ईवन पार 70 के दिन के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
पदक तालिका और प्रतिद्वंद्वियों का प्रदर्शन
चीन की यिन रुओनिंग और सिंगापुर की शैनन टैन दोनों 14-अंडर पार पर रहीं और संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल जीता। प्रणवी का कुल स्कोर 15-अंडर 265 रहा, जो उनसे एक स्ट्रोक बेहतर था।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा। अदिति अशोक 14वें स्थान पर रहीं — उन्होंने अंतिम दिन 3-अंडर 67 का स्कोर बनाया, लेकिन कुल 2-ओवर 282 के स्कोर के साथ पदक दौड़ से बाहर रहीं। दीक्षा डागर संयुक्त 23वें स्थान पर रहीं; उन्होंने चौथे दिन 7-ओवर पार का स्कोर किया और कुल 12-ओवर पर समाप्त किया।
महिला टीम का ऐतिहासिक सिल्वर
भारतीय महिला टीम ने टीम इवेंट में 14-अंडर 546 का कुल स्कोर बनाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गौरतलब है कि यह एशियन गेम्स के इतिहास में महिला गोल्फ टीम स्पर्धा में भारत का पहला पदक है — एक ऐसी उपलब्धि जो भारतीय महिला गोल्फ के बढ़ते कद को रेखांकित करती है।
ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व
प्रणवी की यह जीत भारतीय महिला गोल्फ के लिए मील का पत्थर है। इससे पहले कोई भी भारतीय महिला गोल्फर एशियन गेम्स के व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले में गोल्ड नहीं जीत सकी थी। यह ऐसे समय में आई है जब भारतीय महिला खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं।
आने वाले समय में प्रणवी की यह उपलब्धि भारत में गोल्फ को लेकर युवा पीढ़ी में नई रुचि जगा सकती है और इस खेल को मुख्यधारा में लाने में सहायक साबित हो सकती है।