ईवीएम विवाद पर छत्तीसगढ़ डिप्टी सीएम विजय शर्मा का राहुल गांधी पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 4 अक्टूबर 2026 को रायपुर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया, जो ईवीएम और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं। शर्मा ने कांग्रेस पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी जीत पर उसी व्यवस्था में शपथ लेती है और हार पर ईवीएम को दोष देती है।
राहुल गांधी पर सीधा निशाना
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, 'उनकी बातों को समझा जा सकता है। जहां चुनाव जीतते हैं, वहां इसी व्यवस्था में नए कपड़े पहनकर शपथ ग्रहण कर लेते हैं, और जहां हार जाते हैं, वहां कहने लगते हैं कि ईवीएम खराब है, एसआईआर हो गया, चुनाव आयोग ने गड़बड़ी कर दी या कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी कर दी।' उन्होंने यह भी कहा कि अपने गिरेबान में झांकने की आदत अब नहीं रही और पूरे देश में इस तरह की बातें चल रही हैं। गौरतलब है कि ईवीएम की विश्वसनीयता पर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच यह विवाद वर्षों से जारी है।
मुख्यमंत्री बस सेवा योजना: दूरदराज़ तक कनेक्टिविटी
शर्मा ने बताया कि दूरस्थ अंचलों में व्यावसायिक बस संचालन लाभदायक न होने के कारण वहाँ सेवाएँ नहीं पहुँच पाती थीं। इसी समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री बस सेवा योजना शुरू की गई है, जो सरगुजा और बस्तर दोनों संभागों में लागू की जा चुकी है। बस संचालकों को सरकार की ओर से टॉप-अप राशि दी जाती है, ताकि किराया आम यात्रियों की पहुँच के भीतर रहे। उन्होंने बताया कि ऐसे अंदरूनी इलाकों में भी अब बस सेवा पहुँच रही है, जहाँ पहले कभी बस नहीं जाती थी।
बस्तर में आईईडी पीड़ितों के लिए 'सेवा संकल्प महाअभियान'
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि बस्तर में वर्षों तक नदी किनारे, तालाब किनारे और स्कूलों के आसपास बिछाई गई आईईडी विस्फोटों में कई ग्रामीण दिव्यांग हो गए। ऐसे सभी पीड़ितों की पहचान के लिए पूरे क्षेत्र में ग्राम सभाएँ आयोजित कर सूची तैयार की गई है। 15, 16 और 17 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर में 'सेवा संकल्प महाअभियान' के तहत निःशुल्क शिविर लगाया जाएगा, जिसमें कैलिपर, श्रवण यंत्र और कृत्रिम अंग ज़रूरतमंदों को उपलब्ध कराए जाएँगे। इसी अवधि में नवरात्रि के अवसर पर दंतेवाड़ा में भी शिविर आयोजित होगा।
पहले चरण में 3,000 से अधिक पंजीकरण
पहले चरण में कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले शामिल हैं, जहाँ 3,000 से अधिक लोगों का पंजीकरण हो चुका है। बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा, जिसके लिए पंजीकरण और ग्राम सभाओं का कार्यक्रम जारी है। शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद की मार से दिव्यांग हुए लोगों को इस अभियान के माध्यम से राहत दिलाने की कोशिश की जाएगी।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब ईवीएम को लेकर विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता लगातार कांग्रेस पर 'चुनावी सुविधावाद' का आरोप लगाते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि ईवीएम विवाद को तब तक सुलझाना मुश्किल है, जब तक दोनों पक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल बंद न करें।