रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर बस-ट्रक टक्कर: 3 यात्रियों की मौत, 10 घायल; डारचुरा के पास भीषण हादसा
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर सोमवार, 27 अक्टूबर 2026 की तड़के सुबह एक तेज़ रफ़्तार बस के खड़े ट्रक से टकरा जाने से तीन यात्रियों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह दुर्घटना सुबह 5:30 बजे सिमगा पुलिस स्टेशन के समीप डारचुरा गाँव के पास मुख्य राजमार्ग पर एक पेट्रोल पंप के निकट हुई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मृतकों व घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई है।
हादसे का घटनाक्रम
रायपुर से अंबिकापुर जा रही बस में उस समय लगभग 22 यात्री सवार थे। पुलिस के अनुसार, बस तेज़ रफ़्तार और कथित तौर पर लापरवाही से चलाई जा रही थी। मुख्य राजमार्ग पर डारचुरा के पास एक खराब ट्रक सड़क किनारे खड़ा था, जिसके पिछले हिस्से में बस आ घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के समय अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे, जिससे उन्हें संभलने का कोई अवसर नहीं मिला। बस की बुरी तरह भिंची हुई संरचना के कारण कई यात्री अंदर फंस गए, और स्थानीय लोग तत्काल मदद के लिए मौके पर जमा हो गए।
बचाव अभियान
सिमगा पुलिस और आपातकालीन बचाव दल त्वरित गति से घटनास्थल पर पहुँचे। बचाव कर्मियों ने गैस कटर की सहायता से बस के क्षतिग्रस्त हिस्सों को काटकर फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सिमगा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटनास्थल पर यात्रियों का सामान बिखरा हुआ पाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसके चलते मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस मृतकों और घायलों की पहचान करने की प्रक्रिया में जुटी है।
छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा की स्थिति
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर सड़क दुर्घटनाओं की आवृत्ति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। इस राजमार्ग पर तेज़ रफ़्तार वाहन चालन और रात-तड़के के समय खराब वाहनों के बिना संकेत के खड़े रहने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ के प्रमुख राजमार्गों पर कई बड़ी टक्करें दर्ज हो चुकी हैं।
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर खराब वाहनों को चेतावनी संकेत या परावर्तक (रिफ्लेक्टर) के बिना खड़ा छोड़ना एक बड़ी समस्या है, जो विशेषकर भोर के धुंधलके में घातक साबित होती है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन ने हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस की अत्यधिक रफ़्तार और चालक की संभावित लापरवाही को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी अधिकारियों का ध्यान केंद्रित है।
आगे की जाँच और मृतकों की पहचान पूरी होने के बाद प्रशासन द्वारा विस्तृत रिपोर्ट जारी किए जाने की संभावना है।