पाकिस्तान के पंजाब में सिंधु हाईवे पर बस पलटी, 10 की मौत और 44 घायल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के राजनपुर जिले में बुधवार, 20 अक्टूबर 2026 को तड़के सुबह एक यात्री बस के पलट जाने से 10 लोगों की मौत हो गई और 44 अन्य घायल हो गए। आपातकालीन सेवा 'रेस्क्यू 1122' के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा सिंधु हाईवे पर रोजहान तहसील के बांग्ला हिदायत इलाके में हुआ, जहाँ बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई।
हादसे का विवरण
रिपोर्टों के अनुसार यह दुर्घटना सुबह करीब 5:45 बजे हुई। बस कराची से डेरा गाजी खान की ओर जा रही थी और कथित तौर पर तेज गति में थी, जिसके कारण ड्राइवर उसे नियंत्रित नहीं कर सका और बस सड़क के डिवाइडर से टकराकर पलट गई। 'रेस्क्यू 1122' की रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में सात पुरुष, दो महिलाएँ और एक बच्ची शामिल हैं।
बचाव अभियान
इमरजेंसी कॉल मिलते ही 'रेस्क्यू 1122' ने तत्काल कार्रवाई की और राजनपुर, जामपुर तथा रोजहान से 10 एम्बुलेंस एवं 2 बचाव वाहन मौके पर रवाना किए। बचाव अभियान में 35 बचावकर्मी शामिल थे। राजनपुर के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) इमरान रंझा, जिला पुलिस अधिकारी और असिस्टेंट कमिश्नर भी मौके पर पहुँचे और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी की।
घायलों का उपचार
घायलों में से 38 लोगों को राजनपुर जिला मुख्यालय (DHQ) अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को डेरा गाजी खान और 2 अन्य को रहीम यार खान के शेख जायद अस्पताल रेफर किया गया।
कानूनी कार्रवाई
डीसी इमरान रंझा ने बताया कि बस चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भागे हुए बस ड्राइवर और बस मालिक दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। यह घटना मुल्तान में बोसन रोड पर हुए एक अन्य सड़क हादसे के महज दो दिन बाद आई है, जिसमें एक तेज रफ्तार टोयोटा कोरोला कार डिवाइडर से टकराई, फिर पास की दीवार से भिड़ी और आग लग जाने से उसमें सवार 5 युवकों की मौत हो गई थी।
पाकिस्तान में सड़क सुरक्षा की स्थिति
गौरतलब है कि 'रेस्क्यू 1122' के आँकड़ों के अनुसार पूरे पंजाब में प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाओं के लगभग 1,352 मामले सामने आते हैं, जिनमें औसतन 14 लोगों की जान जाती है। स्थानीय मीडिया के अनुसार तेज रफ्तार, लापरवाही, ड्राइवर की थकान, वाहनों का खराब रखरखाव और सड़कों की जर्जर हालत इन हादसों के प्रमुख कारण हैं। यह ऐसे समय में एक और बड़ा हादसा है जब पाकिस्तान में सड़क सुरक्षा की नीतियाँ और उनके क्रियान्वयन पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।