क्या पाकिस्तान के बलूचिस्तान और पंजाब में हुए सड़क हादसों से 23 लोगों की जान गई?
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है।
- तेज गति मुख्य कारण है जो हादसों को बढ़ाता है।
- सरकार को सड़क सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करना चाहिए।
- घने कोहरे में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
- अधिकारियों को तेजी से राहत कार्य करना चाहिए।
इस्लामाबाद, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान और पंजाब प्रांत में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 23 व्यक्तियों की जान चली गई। इन हादसों ने पाकिस्तान में सड़क सुरक्षा, तेज गति और खराब दृश्यता को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
स्थानीय समाचार स्रोतों के अनुसार, पहला हादसा बलूचिस्तान के ग्वादर में हुआ। मकरान कोस्टल हाईवे पर एक यात्री वाहन के पलटने से नौ लोगों की जान गई और 36 अन्य घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, यह घटना ओरमारा के हुद गोथ क्षेत्र में घटी। जिवानी से कराची जा रही यात्री कोच का नियंत्रण खो गया और वह पलट गई। यह गाड़ी प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कंपनी अल उस्मान की थी।
कोस्टल हाईवे पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हादसे का मुख्य कारण तेज गति थी। एसपी असलम बंगुलजई ने कहा कि चालक गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिसके परिणामस्वरूप यह घातक हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद, बचाव दल मौके पर पहुँचा और घायलों को ओरमारा तहसील अस्पताल पहुँचाया।
अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कई घायलों की स्थिति गंभीर है। इसके चलते यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है और चालक और ट्रांसपोर्ट कंपनी के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने ग्वादर के डिप्टी कमिश्नर को घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया और शवों को पीड़ितों के क्षेत्र में पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का आदेश दिया।
एक अन्य घटना में, पंजाब के सरगोधा जिले में घने कोहरे के कारण एक मिनी-ट्रक सूखी नहर में गिर गया, जिसमें कम से कम 14 व्यक्तियों की जान चली गई। यह हादसा कोट मोमिन तहसील में घालापुर बांग्ला के पास हुआ, जहाँ दृश्यता अत्यंत कम थी।
बचाव अधिकारियों के अनुसार, सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ सात ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
हादसे के समय 23 लोग ट्रक में इस्लामाबाद से फैसलाबाद एक अंतिम संस्कार में भाग लेने जा रहे थे। कोहरे के कारण मोटरवे बंद होने से, चालक ने स्थानीय मार्ग का चयन किया। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जो सभी इस्लामाबाद के निवासी थे।
बचाव दल ने राहत कार्य संचालित किया और शवों एवं घायलों को टीएचक्यू अस्पताल पहुँचाया। हादसे के बाद अधिकारियों ने खराब मौसम में सावधानी बरतने और यातायात सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया।