सीकर में भूकंप के झटके, प्रशासन ने पटवारियों को जर्जर इमारतों की जांच के निर्देश दिए

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सीकर में भूकंप के झटके, प्रशासन ने पटवारियों को जर्जर इमारतों की जांच के निर्देश दिए

सारांश

राजस्थान के सीकर जिले में आज सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पटवारियों को जर्जर इमारतों की जांच करने के लिए कहा है। जानें इस घटना के बारे में सभी विवरण।

Key Takeaways

  • सीकर जिले में भूकंप के झटके महसूस हुए।
  • भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 3.5 थी।
  • प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पटवारियों को निर्देश दिए।
  • कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
  • पिछले समय में भी भूगर्भीय गतिविधियाँ देखी गई हैं।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के सीकर जिले में शनिवार की सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 6:32 बजे जैसे ही भूकंप के झटके आए, लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके प्रसिद्ध धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी, पलसाना, धींगपुर एवं आस-पास के क्षेत्रों में महसूस किए गए।

भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 3.5 दर्ज की गई है। कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों ने भूकंप के झटकों की आवाज़ रिकॉर्ड की है। हालांकि, इस भूकंप से किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, 7 मार्च 2026 को सुबह 6 बजकर 32 मिनट 59 सेकंड पर भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र जयपुर से लगभग 69 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित था। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई पर था। कम गहराई के कारण आस-पास के क्षेत्रों में हल्के झटके महसूस किए गए।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि घरों में हल्की कंपन और खिड़कियों-दरवाजों में हलचल महसूस हुई। झटके बहुत थोड़े समय के लिए थे, इसलिए कोई दहशत की स्थिति नहीं बनी।

दांतारामगढ़ और खाटू क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी दी कि झटके हल्के थे। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है और दर्शन की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्थानीय पटवारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पुरानी इमारतों और कच्चे मकानों की जांच करें, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

15 दिसंबर 2025 को भी खाटूश्यामजी के आस-पास भूकंप आया था। बार-बार आ रहे इन झटकों ने भूगर्भ वैज्ञानिकों का ध्यान इस ओर खींचा है। खाटूश्यामजी में एक युवक ने अपने मोबाइल में पंखे के हिलने का वीडियो बनाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि अरावली की पहाड़ियों के निकट स्थित इन क्षेत्रों में भूमिगत हलचलें बढ़ रही हैं, जिसके कारण बार-बार कंपन महसूस किए जा रहे हैं।

Point of View

बल्कि भूगर्भ वैज्ञानिकों के लिए भी। प्रशासन की ओर से किए गए उपाय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं। यह स्थिति भविष्य में होने वाले भूकंपों के प्रति भी जागरूकता का संकेत देती है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 3.5 दर्ज की गई थी।
भूकंप का केंद्र कहाँ था?
भूकंप का केंद्र जयपुर से लगभग 69 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित था।
क्या भूकंप से कोई जान-माल का नुकसान हुआ?
नहीं, भूकंप से किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
स्थानीय प्रशासन ने क्या निर्देश दिए?
स्थानीय प्रशासन ने पटवारियों को जर्जर इमारतों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
क्या पिछले समय में भी भूकंप आया था?
हाँ, 15 दिसंबर 2025 को भी खाटूश्यामजी के आस-पास भूकंप आया था।
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