इमरान मसूद: बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव का आकलन अत्यंत आवश्यक है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इमरान मसूद: बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव का आकलन अत्यंत आवश्यक है

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोशल मीडिया के बच्चों पर पड़ने वाले प्रभावों की गंभीरता को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि सही आकलन के बिना इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मुख्य बातें

सोशल मीडिया का बच्चों पर गहरा असर पड़ता है।
इमरान मसूद ने इसके सही आकलन की आवश्यकता बताई।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में सोशल मीडिया पर बैन का विचार चल रहा है।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि सोशल मीडिया का बच्चों पर पड़ने वाला प्रभाव गंभीरता से आंका जाना चाहिए।

राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत करते हुए इमरान मसूद ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन के संबंध में कहा कि सोशल मीडिया पर नियंत्रण की आवश्यकता है क्योंकि इस प्लेटफार्म पर कई नकारात्मक घटनाएँ होती हैं। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि हमारे बच्चों पर इसका गहरा असर पड़ता है, इसलिए हमें इन पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए।

इमरान मसूद ने भाजपा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि 'भारत मुसलमानों के लिए सबसे सुरक्षित देश' है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की वजह से नहीं है। भारत हमारा देश है, और यह कोई भाजपा का व्यक्तिगत अधिकार नहीं है। बहुसंख्यक जनसंख्या भाजपा के खिलाफ वोट देती है, इसलिए भाजपा को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि उनकी वजह से हम सुरक्षित हैं।

तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके के गठबंधन के बारे में इमरान मसूद ने कहा कि जो निर्णय पार्टी ले रही है वह उचित है। हर पार्टी अपने तरीके से निर्णय करती है और यह निर्णय उनके लिए सही है।

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि राज्य सरकार 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर बैन लगाएगी। 13 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग रोकने का निर्णय आम सहमति के बाद लिया जाएगा। विधानसभा सत्र में नायडू ने कहा कि 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने के लिए 90 दिनों के भीतर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, 13 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए क्या करना है, इस पर चर्चा जारी है।

इससे पहले, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी घोषणा की थी कि 16 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग बैन कर दिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

इससे बच्चों की मानसिकता और विकास पर नकारात्मक असर हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसपर समाज को विचार करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोशल मीडिया का बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
सोशल मीडिया बच्चों की मानसिकता, आत्म-सम्मान और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
क्या सोशल मीडिया पर रोक लगानी चाहिए?
कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों की सुरक्षा हेतु सोशल मीडिया पर नियंत्रण आवश्यक हो सकता है।
इमरान मसूद का सोशल मीडिया पर क्या कहना है?
इमरान मसूद का कहना है कि सोशल मीडिया के प्रभाव का सही आकलन होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले