पाकिस्तान के पंजाब में बस-ट्रक टक्कर: 11 की मौत, 33 घायल; पाकपट्टन के पास हुआ हादसा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पाकपट्टन के निकट दीपालपुर रोड पर 6 नवंबर 2026 को एक यात्री बस और ट्रक की भीषण आमने-सामने टक्कर में 11 लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
हादसे का घटनाक्रम
जिला प्रशासन की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दुर्घटना के समय यात्री बस मुल्तान से कसूर की ओर जा रही थी, जबकि ट्रक विपरीत दिशा से आ रहा था। टक्कर के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और तत्काल पुलिस को सूचित किया गया।
वाहनों में फँसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए क्रेन और अन्य भारी मशीनों का उपयोग किया गया। बचाव अभियान लगभग तीन घंटे तक जारी रहा।
हताहतों का विवरण
आपातकालीन सेवा 'रेस्क्यू 1122' के अनुसार, टक्कर में 11 लोगों की जान चली गई। 8 लोगों को मामूली चोटें आईं, जबकि 25 अन्य घायलों को पाकपट्टन के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पाकिस्तान पंजाब में सड़क हादसों की भयावह तस्वीर
स्थानीय मीडिया ने रेस्क्यू टीम के हवाले से बताया कि अक्टूबर 2026 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 44,797 सड़क हादसे हुए, जिनमें 464 लोगों की मौत हुई और 23,543 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इनमें से लगभग तीन-चौथाई हादसों में मोटरसाइकिलें शामिल थीं।
ये आँकड़े 'रेस्क्यू 1122' विभाग की मासिक आपातकालीन समीक्षा के दौरान सामने आए। रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर में बचाव टीमों ने 2,31,056 आपातकालीन मामलों में कार्रवाई की और 2,33,210 लोगों की जान बचाई।
शहर-दर-शहर आँकड़े
पंजाब में सड़क हादसों की सर्वाधिक संख्या लाहौर में दर्ज की गई, जहाँ 7,874 मोटरसाइकिल-संबंधी घटनाएँ रहीं। मुल्तान में 3,312 मोटरसाइकिलों से जुड़े 2,838 हादसे हुए, जबकि फैसलाबाद में 2,896 मोटरसाइकिलों से जुड़े 2,615 हादसे रिकॉर्ड किए गए।
गुजरांवाला में 2,250 मोटरसाइकिलों से जुड़े 2,092 हादसे और शेखूपुरा में 1,706 मोटरसाइकिलों से जुड़े 1,714 सड़क हादसे दर्ज किए गए। तौंसा शरीफ में 160 मोटरसाइकिलों से जुड़े 142 हादसे सामने आए।
व्यापक आपातकालीन परिदृश्य
विभाग के अनुसार, अक्टूबर में पंजाब में आग लगने की 1,726 घटनाएँ और डूबने की 94 घटनाएँ भी दर्ज की गईं। गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान पंजाब में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ सामने आ रही हैं और मासिक आँकड़े सड़क अनुशासन की बदतर होती स्थिति को उजागर कर रहे हैं। घायलों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आगे की जाँच जारी है।