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ऋतब्रत बनर्जी का आरोप: ईसीआई को सौंपे जाने वाले हलफनामों को छीनने की कोशिश की ममता गुट ने

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ऋतब्रत बनर्जी का आरोप: ईसीआई को सौंपे जाने वाले हलफनामों को छीनने की कोशिश की ममता गुट ने

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच 'घास और फूल' चुनाव चिह्न की लड़ाई अब सड़क पर आ गई है। ऋतब्रत बनर्जी ने ममता गुट पर ECI को भेजे जाने वाले हलफनामों से भरे ट्रक को लूटने की कोशिश का आरोप लगाया है — यह विवाद अब कागज़ों से निकलकर खुले टकराव में बदल रहा है।

मुख्य बातें

ऋतब्रत बनर्जी ने 26 अक्टूबर 2026 को ममता बनर्जी गुट पर ECI को सौंपे जाने वाले हलफनामों से भरे ट्रक को लूटने की कोशिश का आरोप लगाया।
कथित घटना 24 अक्टूबर को कोलकाता से नई दिल्ली जाते समय हुई; ऋतब्रत गुट के कार्यकर्ताओं ने इसे नाकाम करने का दावा किया।
ममता गुट के हलफनामे उसी दिन चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली भेजे गए, जबकि ऋतब्रत गुट के दस्तावेज सड़क मार्ग से भेजे जा रहे थे।
ECI ने दोनों गुटों को अस्थायी नाम और चिह्न दिए हैं; अब हलफनामों के आधार पर अंतिम निर्णय होना है कि 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'घास और फूल' चिह्न किसे मिलेगा।
ममता गुट की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और तृणमूल कांग्रेस के बहुमत वाले बागी गुट के प्रमुख ऋतब्रत बनर्जी ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट पर गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को सौंपे जाने वाले अहम हलफनामों को कोलकाता से नई दिल्ली ले जा रहे ट्रक से छीनने की कोशिश की गई। ये हलफनामे पार्टी के मूल नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और चुनाव चिह्न 'घास और फूल' पर दावा जताने के लिए तैयार किए गए थे।

मुख्य घटनाक्रम

ऋतब्रत ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में दावा किया कि 24 अक्टूबर की सुबह उनके गुट के कार्यकर्ता दस्तावेज लेकर निकले थे। उनके अनुसार, यात्रा के दौरान ट्रक पर कब्जा कर हलफनामे छीनने का प्रयास किया गया, जिसे उनके कार्यकर्ताओं ने नाकाम कर दिया।

बनर्जी ने अपने बयान में यह भी कहा कि 25 अक्टूबर की शाम को कालीघाट गुट के हलफनामे एक चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली पहुँचाए गए, जबकि उनके गुट के दस्तावेज सड़क मार्ग से भेजे जा रहे थे। उन्होंने इसे 'चार्टर्ड कल्चर' और 'ग्रास रूट' के संकल्प के बीच की लड़ाई करार दिया।

विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में ECI ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और 'घास और फूल' चुनाव चिह्न को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया था। विवाद तब सामने आया जब पार्टी दो गुटों में बँट गई — एक ममता बनर्जी के नेतृत्व में और दूसरा ऋतब्रत बनर्जी की अगुआई में।

ECI ने ममता गुट को अस्थायी रूप से 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिह्न आवंटित किया, जबकि ऋतब्रत गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न मिला। अब ECI ने दोनों गुटों से हलफनामे माँगकर अंतिम निर्णय की प्रक्रिया शुरू की है कि मूल नाम और चिह्न किसे मिलेगा।

ऋतब्रत के आरोपों का राजनीतिक असर

यह ऐसे समय में आया है जब दोनों गुट ECI के समक्ष अपने दावे को मजबूत करने की होड़ में हैं। कथित तौर पर लूट की इस कोशिश के आरोपों ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।

ऋतब्रत ने इस संघर्ष को सत्ता और जनाधार के बीच की लड़ाई के रूप में पेश किया। उन्होंने दावा किया, 'तानाशाह हर क्षेत्र में संगठित लूट की अपनी कोशिशों में सफल नहीं होंगे।' हालाँकि, ममता बनर्जी के गुट की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल नहीं आई है।

आगे की राह

ECI का अंतिम फैसला तय करेगा कि दोनों गुटों में से कौन सा मूल पार्टी का वैध उत्तराधिकारी है — और इसके साथ ही पार्टी का संगठन, चुनाव चिह्न तथा मतदाताओं के बीच पहचान किसके पास रहेगी। यह फैसला राज्य की राजनीतिक दिशा को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सीधा हस्तक्षेप है। दूसरी ओर, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि अभी तक ये आरोप केवल एक पक्ष की ओर से सोशल मीडिया पर आए हैं — स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है। ECI को इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी, अन्यथा जो भी गुट हारेगा वह फैसले की वैधता को चुनौती देने का राजनीतिक अवसर नहीं चूकेगा।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऋतब्रत बनर्जी ने ममता गुट पर क्या आरोप लगाया है?
ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के गुट ने कोलकाता से नई दिल्ली जा रहे उस ट्रक को लूटने की कोशिश की, जिसमें ECI को सौंपे जाने वाले हलफनामे थे। उनके अनुसार यह कोशिश 24 अक्टूबर को की गई, जिसे उनके कार्यकर्ताओं ने नाकाम किया।
ये हलफनामे ECI को क्यों सौंपे जा रहे हैं?
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) यह तय करने की अंतिम प्रक्रिया में है कि 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' के मूल नाम और 'घास और फूल' चुनाव चिह्न पर किस गुट का अधिकार होगा। इसके लिए ECI ने दोनों गुटों से हलफनामे माँगे हैं।
TMC में विभाजन कब और क्यों हुआ?
इस वर्ष की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस दो गुटों में बँट गई — एक ममता बनर्जी के नेतृत्व में और दूसरा ऋतब्रत बनर्जी की अगुआई में। ECI ने मूल नाम और चिह्न फ्रीज कर दोनों गुटों को अस्थायी नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए।
ECI ने दोनों गुटों को अस्थायी रूप से क्या आवंटित किया है?
ममता गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न मिला है। ऋतब्रत गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
ममता बनर्जी के गुट ने इन आरोपों पर क्या कहा?
26 अक्टूबर 2026 तक ममता बनर्जी के गुट की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ये आरोप अभी तक केवल ऋतब्रत बनर्जी के सोशल मीडिया बयान पर आधारित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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