पंकज चौधरी का खड़गे पर पलटवार: मोदी के दिवंगत पिता पर टिप्पणी को बताया कांग्रेस का नैतिक दिवालियापन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 25 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। चौधरी ने इसे कांग्रेस की 'राजनीतिक हताशा और नैतिक दिवालियेपन' का खुला प्रमाण करार दिया और खड़गे से सार्वजनिक माफी की माँग की।
टिप्पणी पर BJP की प्रतिक्रिया
पंकज चौधरी ने लखनऊ में कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है, परंतु किसी के दिवंगत पिता को निशाना बनाना भारतीय संस्कृति, सामाजिक मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं का सरासर अपमान है। उन्होंने कहा कि यह महज़ एक परिवार का नहीं, बल्कि उन सामाजिक परंपराओं का अपमान है जिनमें माता-पिता के सम्मान और दिवंगत व्यक्तियों के प्रति आदर को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।
चौधरी ने यह भी कहा कि कांग्रेस की राजनीति में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति व्यक्तिगत विद्वेष बार-बार सार्वजनिक रूप से उजागर हुआ है — 'कभी उनकी माता के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है, तो कभी दिवंगत पिता को लेकर अमर्यादित टिप्पणियाँ की जाती हैं।'
राहुल गांधी की भाषा पर भी सवाल
BJP अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भाषा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति राहुल गांधी की भाषाशैली भी 'अशोभनीय' है। चौधरी के अनुसार, राजनीतिक असहमति को व्यक्तिगत घृणा में बदल देना किसी भी ज़िम्मेदार राजनीतिक दल को शोभा नहीं देता।
कांग्रेस को आत्ममंथन की सलाह
चौधरी ने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को यह तय करना होगा कि वह जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाना चाहती है या व्यक्तिगत आक्षेपों के सहारे अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा, 'जनता राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अधिक नेताओं के आचरण, विचारों और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को महत्व देती है।'
मोदी के नेतृत्व का बचाव
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रसेवा, गरीब कल्याण और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के लिए समर्पित किया है। उनके नेतृत्व में देश आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे में व्यक्तिगत टिप्पणियों के ज़रिए राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश केवल कांग्रेस की हताशा को ही उजागर करती है।
माफी की माँग
चौधरी ने मांग दोहराई कि मल्लिकार्जुन खड़गे को इस टिप्पणी के लिए देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा, परिवार का सम्मान और मानवीय संवेदनाएँ हर परिस्थिति में कायम रहनी चाहिए।' यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में आगामी चुनावी गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं और दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध अपने चरम पर है।