खड़गे की PM मोदी के पिता पर टिप्पणी: गुजरात BJP ने कांग्रेस को घेरा, 'राजनीति सबसे निचले स्तर पर' — CM पटेल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद गुजरात के शीर्ष भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर और पटना से आई इन प्रतिक्रियाओं में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और राज्य BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा के उल्लंघन का आरोप लगाया।
घटनाक्रम: पटना में क्या हुआ?
बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के उपलक्ष्य में पटना में एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित था। जब खड़गे सभा को संबोधित कर रहे थे, तब श्रोताओं में से एक व्यक्ति ने कथित तौर पर यह कह दिया कि प्रधानमंत्री मोदी पद नहीं छोड़ेंगे। इस हस्तक्षेप पर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री के पिता को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जो तत्काल विवाद का केंद्र बन गई।
मुख्यमंत्री पटेल की कड़ी प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने खड़गे की टिप्पणियों को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यधिक निंदनीय' करार दिया। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के विरुद्ध इस प्रकार की भाषा का प्रयोग राजनीति के सबसे निचले स्तर को दर्शाता है।
पटेल ने इस घटना को एक छिटपुट चूक नहीं, बल्कि कांग्रेस की हताशा का 'बार-बार दोहराया जाने वाला पैटर्न' बताया। उनका तर्क था कि जब कांग्रेस नीतियों या विकास के मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी का मुकाबला करने में असमर्थ होती है, तो वह व्यक्तिगत अपमान के रास्ते पर उतर आती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री 140 करोड़ भारतीयों के जनादेश और गौरव का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनका अपमान देश की जनता का अपमान है।
संघवी और विश्वकर्मा का भी निशाना
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर हिंदी में लिखते हुए आरोप लगाया कि खड़गे की यह टिप्पणी कांग्रेस की 'गिरती राजनीतिक संस्कृति और खोखली मानसिकता' को उजागर करती है। संघवी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने अपनी भाषा और आचरण से राजनीतिक मर्यादा को तार-तार किया हो।
संघवी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी की राजनीति जनहित के मुद्दों से हटकर व्यक्तिगत अपमान और अशोभनीय बयानों की दिशा में बढ़ रही है। राज्य BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार के बारे में इस्तेमाल की गई भाषा ने कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को खुलकर सामने ला दिया है।
व्यापक संदर्भ: राजनीतिक मर्यादा की बहस
गौरतलब है कि यह टकराव ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीतिक विमर्श की गुणवत्ता को लेकर व्यापक बहस जारी है। BJP और कांग्रेस के बीच व्यक्तिगत हमलों का यह सिलसिला नया नहीं है — दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर मर्यादा तोड़ने के आरोप लगाते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि जब सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों खेमे एक-दूसरे पर ऐसे आरोप लगाते हैं, तो लोकतांत्रिक संवाद के स्तर पर सवाल खड़े होते हैं।
आगे क्या होगा?
मुख्यमंत्री पटेल ने अपनी पोस्ट में कहा कि जनता राजनीतिक मर्यादा में आई गिरावट को देख रही है और इस पर अपनी प्रतिक्रिया देगी। यह टिप्पणी संकेत देती है कि BJP इस मुद्दे को चुनावी और जनमत-निर्माण के नजरिए से भी आगे ले जाने की योजना बना रही है। यह देखा जाना बाकी है कि कांग्रेस खड़गे की कथित टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देती है या मामले को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश करती है।