खड़गे की अपशब्द टिप्पणी पर BJP का पलटवार: नड्डा, शिवराज और धर्मेंद्र प्रधान ने की कड़ी निंदा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पटना में रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संदर्भ में कथित तौर पर की गई अपशब्द टिप्पणी ने देशव्यापी राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर इस टिप्पणी की निंदा की और कांग्रेस से जवाब माँगा।
नड्डा का तीखा प्रहार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता के प्रति मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की जितनी कड़ी निंदा की जाए, कम है।
नड्डा ने कहा कि लगातार चुनावी हार से हताश कांग्रेस अपनी राजनीतिक खुन्नस प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार पर अनर्गल टिप्पणियों के माध्यम से निकाल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश से चुने गए प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति ऐसी अमर्यादित बयानबाज़ी राजनीतिक संस्कारों की कमी और देश की जनता का अपमान है।
धर्मेंद्र प्रधान की प्रतिक्रिया
पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति कांग्रेस की नफ़रत जगज़ाहिर है और खड़गे की यह टिप्पणी कांग्रेस की गिरती साख और बढ़ती हताशा को उजागर करती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह पहली बार नहीं है — इससे पूर्व प्रधानमंत्री की स्वर्गीय माताजी के प्रति भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की जा चुकी हैं।
प्रधान ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के पास प्रधानमंत्री का विरोध करने के लिए मुद्दे और तर्क समाप्त हो चुके हैं, और आगाह किया कि जनता का विश्वास कांग्रेस की कुंठा से बड़ा है।
शिवराज चौहान ने माँगा इस्तीफ़ा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता से मर्यादित भाषा की अपेक्षा थी और प्रधानमंत्री के पूज्य पिताजी के बारे में ऐसी टिप्पणी भारतीय सभ्यता, संस्कृति और जीवन मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने पूछा कि क्या खड़गे ने गांधी परिवार के इशारे पर यह भाषा इस्तेमाल की और यदि नहीं, तो क्या कांग्रेस उनसे इस्तीफ़ा लेगी।
चौहान ने स्पष्ट कहा कि पीएम मोदी करोड़ों जनता के हृदय के हार हैं और उनका तथा उनके परिवार का अपमान देश स्वीकार नहीं करेगा।
चिराग पासवान का बयान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि बिहार सभ्यता की जननी है और बिहार की धरती से ऐसी अभद्र टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, किंतु सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और पद की गरिमा का सम्मान बनाए रखना अनिवार्य है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में चुनावी सरगर्मियाँ तेज़ हैं और विपक्षी दल INDIA गठबंधन के बैनर तले एकजुट होने की कोशिश में हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी नेता की प्रधानमंत्री या उनके परिजनों पर टिप्पणी ने राजनीतिक तूफ़ान खड़ा किया हो। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जो इस विवाद को और गहरा बना रहा है। BJP ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को सदन और जनता — दोनों मंचों पर उठाएगी।