25 अक्टूबर 2026
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बंदर अब्बास के ऊपर अमेरिकी ड्रोन मार गिराया — ईरान का दावा, यह 54वाँ मामला

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बंदर अब्बास के ऊपर अमेरिकी ड्रोन मार गिराया — ईरान का दावा, यह 54वाँ मामला

सारांश

ईरान का दावा है कि बंदर अब्बास के ऊपर उसने 54वाँ अमेरिकी ड्रोन नष्ट किया — उसी सप्ताह जब ट्रंप ने 'एपिक फ्यूरी 2' की चेतावनी दी और अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने अधिकारियों को निशाना बनाने की ईरानी साजिश का अलर्ट जारी किया। होर्मुज पर तनाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए गंभीर संकेत है।

मुख्य बातें

ईरानी सेना ने 25 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उसने बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन नष्ट किया; यह कथित तौर पर पिछले कुछ महीनों का 54वाँ ऐसा मामला है।
इसी सप्ताह IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक MQ 9 रीपर ड्रोन मार गिराने का दावा किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोर्ट मायर्स, फ्लोरिडा में रैली के दौरान ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी।
अमेरिकी खुफिया अधिकारी ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को बताया कि अमेरिकी अधिकारियों के खिलाफ ईरानी साजिशें उन्नत चरण में हैं।
अमेरिका ने सऊदी अरब से राजनयिक वापस बुलाए और मध्य पूर्व के कई दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या घटाई।

ईरानी सेना ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। ईरानी सेना के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पिछले कुछ महीनों में ईरान द्वारा मार गिराया गया 54वाँ अमेरिकी ड्रोन है — एक आँकड़ा जो दोनों देशों के बीच बढ़ते हवाई टकराव को रेखांकित करता है।

मुख्य घटनाक्रम

ईरानी सेना ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट किया। इससे पहले इसी सप्ताह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी MQ 9 रीपर ड्रोन को मार गिराया था। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है और बंदर अब्बास उसी के निकट स्थित ईरान का प्रमुख नौसैनिक एवं व्यापारिक बंदरगाह है।

अमेरिकी पक्ष ने इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ईरान के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

ट्रंप की चेतावनी — 'एपिक फ्यूरी' का फिर ज़िक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स में एक रिपब्लिकन रैली में कहा, "हम एक और छोटा 'एपिक फ्यूरी' अभियान चला सकते हैं, या वे समझौते के लिए तैयार हो सकते हैं। अगर वे समझदार हैं, तो वे कहेंगे कि आइए, काम की बात करते हैं।" ट्रंप ने यह भी कहा, "हमने उन्हें सैन्य, आर्थिक और अन्य सभी मोर्चों पर हरा दिया है और अब हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यह काम पूरा हो जाए।"

हालाँकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सैन्य कार्रवाई के एक और दौर को टालने के लिए ईरान को किन ठोस शर्तों को पूरा करना होगा। विश्लेषकों के अनुसार, इस अस्पष्टता से वार्ता की राह और जटिल हो सकती है।

ईरान द्वारा अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की साजिश

अमेरिकी खुफिया तंत्र के एक शीर्ष अधिकारी ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को चेतावनी दी है कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने के अपने प्रयास काफी तेज कर दिए हैं। अधिकारी के अनुसार, कुछ कथित घातक साजिशें अब उन्नत चरण में पहुँच गई हैं।

यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब वाशिंगटन ने सऊदी अरब से अपने राजनयिकों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है और मध्य पूर्व के कई अन्य देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है।

आम जनता और क्षेत्र पर असर

बंदर अब्बास खाड़ी क्षेत्र का एक महत्त्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है और होर्मुज जलडमरूमध्य से इसकी निकटता इसे रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बनाती है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% इसी मार्ग से गुज़रता है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, जो भारत जैसे आयात निर्भर देशों के लिए भी चिंताजनक होगा।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान अमेरिका वार्ता प्रक्रिया अनिश्चितता के दौर में है और परमाणु समझौते को लेकर दोनों पक्षों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। ट्रंप प्रशासन परमाणु हथियार विकास को रोकने की शर्त पर ही किसी समझौते के लिए तैयार है, जबकि तेहरान की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ सप्ताह कूटनीतिक दृष्टि से निर्णायक हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भले ही कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा हो। ट्रंप की 'एपिक फ्यूरी 2' की धमकी अस्पष्ट शर्तों के साथ आई है — यह रणनीतिक लचीलापन हो सकता है, लेकिन इससे वार्ता की राह भी धुँधली होती है। सबसे अनदेखा पहलू यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव का सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, जो भारत सहित तेल आयात निर्भर देशों के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा है — और यह पहलू पश्चिमी मीडिया की कवरेज में अक्सर हाशिये पर रह जाता है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने बंदर अब्बास के ऊपर किस अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया?
ईरानी सेना ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन को रोककर नष्ट किया। सेना के अनुसार यह पिछले कुछ महीनों में 54वाँ ऐसा मामला है; हालाँकि, अमेरिकी पक्ष ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
MQ 9 रीपर ड्रोन क्या है और होर्मुज जलडमरूमध्य में इसकी क्या भूमिका है?
MQ 9 रीपर अमेरिकी वायु सेना का एक उन्नत निगरानी और हमलावर मानव रहित विमान (ड्रोन) है, जिसका उपयोग मध्य पूर्व में टोही और लक्षित अभियानों के लिए किया जाता है। IRGC ने इसी सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक MQ 9 रीपर मार गिराने का दावा किया था, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है।
ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने फोर्ट मायर्स में एक रैली में कहा कि यदि ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तो अमेरिका एक और 'एपिक फ्यूरी' जैसा सैन्य अभियान चला सकता है। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ऐसी कार्रवाई को टालने के लिए ईरान को कौन सी ठोस शर्तें माननी होंगी।
अमेरिकी अधिकारियों को ईरान से किस खतरे की चेतावनी दी गई है?
एक अमेरिकी शीर्ष खुफिया अधिकारी ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को सूचित किया है कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाने की साजिशें तेज की हैं और कुछ कथित योजनाएँ उन्नत चरण में पहुँच गई हैं। इसके मद्देनज़र वाशिंगटन ने सऊदी अरब से अपने राजनयिक वापस बुलाए हैं और मध्य पूर्व के कई दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या कम की है।
ईरान अमेरिका तनाव का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुज़रता है और भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए मध्य पूर्व से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। यदि इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में उछाल आ सकता है, जिससे भारत में ईंधन और महँगाई पर दबाव बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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