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रक्षा शक्ति स्कूल गांधीनगर: PPP मॉडल पर कक्षा 6 से 12 तक सैनिक तर्ज की ट्रेनिंग, CAPF और पुलिस सेवाओं के लिए तैयार हो रहे छात्र

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रक्षा शक्ति स्कूल गांधीनगर: PPP मॉडल पर कक्षा 6 से 12 तक सैनिक तर्ज की ट्रेनिंग, CAPF और पुलिस सेवाओं के लिए तैयार हो रहे छात्र

सारांश

गांधीनगर के लावड में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर में संचालित रक्षा शक्ति स्कूल गुजरात सरकार की एक अनूठी PPP पहल है — जहाँ कक्षा 6 से 12 तक के छात्र सुबह पाँच बजे PT से दिन शुरू करते हैं और CAPF व पुलिस सेवाओं के लिए तैयार होते हैं।

मुख्य बातें

रक्षा शक्ति स्कूल गांधीनगर के लावड में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर में PPP मॉडल पर संचालित है।
गुजरात सरकार द्वारा सैनिक स्कूल की तर्ज पर स्थापित इस विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई होती है।
छात्रों की दिनचर्या सुबह 5 बजे PT से शुरू होती है; फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन और स्केटिंग भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
विद्यालय का लक्ष्य CAPF और राज्य पुलिस बलों के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करना है।
राव के अनुसार, यह मिलिट्री स्कूल प्रणाली पर आधारित है लेकिन पुलिस संगठनों पर केंद्रित है।

गांधीनगर के लावड स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर में संचालित रक्षा शक्ति स्कूल एक अनूठे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित आवासीय विद्यालय है, जहाँ शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ-साथ अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टीमवर्क और फिजिकल ट्रेनिंग पर विशेष बल दिया जाता है। गुजरात सरकार द्वारा सैनिक स्कूल की तर्ज पर स्थापित इस संस्थान में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) तथा राज्य पुलिस बलों में करियर के लिए विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है।

दिनचर्या और अनुशासन

रक्षा शक्ति स्कूल के छात्र आयुष परमार ने बताया कि प्रतिदिन सुबह पाँच बजे उठाया जाता है। आधे घंटे में तैयार होकर PT (फिजिकल ट्रेनिंग) के लिए जाना होता है, जहाँ स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए व्यायाम कराया जाता है। PT के बाद हॉस्टल वापसी, नाश्ता और फिर स्कूल — यही क्रम हर दिन दोहराया जाता है।

यह दिनचर्या छात्रों में समय-प्रबंधन और अनुशासन की आदत स्वाभाविक रूप से विकसित करती है। गौरतलब है कि यह संरचना सीधे सैन्य विद्यालयों के मॉडल से प्रेरित है।

खेल और सर्वांगीण विकास

छात्र स्मित कुमार पटेल ने कहा कि PT न केवल उन्हें शारीरिक रूप से स्वस्थ रखती है, बल्कि टीमवर्क सिखाती है। फील्ड वर्क के दौरान उन्हें व्यावहारिक अनुभव और जानकारी मिलती है।

विद्यालय में ड्रिल के अलावा फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन और स्केटिंग जैसी गतिविधियाँ भी नियमित रूप से करवाई जाती हैं। अध्यापिका ऋतु ने बताया कि मॉर्निंग ड्रिल से लेकर शाम तक बच्चों की खेल-गतिविधियों का विशेष ध्यान रखा जाता है। उनके अनुसार, 'खेलों से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है और ऐसे छात्र रक्षा सेवाओं के लिए स्वाभाविक रूप से तैयार हो जाते हैं।'

निदेशक का दृष्टिकोण

रक्षा शक्ति स्कूल के निदेशक बी.आर. राव ने बताया कि यह विद्यालय मिलिट्री स्कूल की प्रणाली पर आधारित है, लेकिन इसका प्राथमिक उद्देश्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस संगठनों और राज्य पुलिस संगठनों के लिए उपयुक्त प्रशिक्षित युवा तैयार करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को इन सेवाओं के अनुरूप कौशल से सुसज्जित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

शिक्षा और करियर के अवसर

शैक्षणिक अध्ययन से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक, रक्षा शक्ति स्कूल युवाओं को अनुशासन, जिम्मेदारी और शारीरिक दक्षता का व्यापक पाठ पढ़ा रहा है। यह संस्थान उनके लिए सुरक्षा व रक्षा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के द्वार खोल रहा है।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश में रक्षा और पुलिस सेवाओं में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर राष्ट्रीय स्तर पर बल दिया जा रहा है। आने वाले वर्षों में इस मॉडल के अन्य राज्यों में भी अनुकरण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस मॉडल के स्नातक वास्तव में CAPF भर्ती परीक्षाओं में कितने सफल हो रहे हैं — यह डेटा सार्वजनिक नहीं है। गुजरात सरकार के पास इस पहल की सफलता को मापने के लिए पारदर्शी परिणाम-आधारित ढाँचा होना चाहिए, अन्यथा यह एक अच्छी मंशा वाली लेकिन अपरिमेय योजना बनी रहेगी। यदि यह मॉडल वास्तव में प्रभावी है, तो अन्य राज्यों को भी इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रक्षा शक्ति स्कूल क्या है और यह कहाँ स्थित है?
रक्षा शक्ति स्कूल गांधीनगर के लावड में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर में स्थित एक PPP मॉडल आधारित आवासीय विद्यालय है। यह गुजरात सरकार द्वारा सैनिक स्कूल की तर्ज पर स्थापित किया गया है और यहाँ कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई होती है।
रक्षा शक्ति स्कूल में छात्रों को क्या प्रशिक्षण दिया जाता है?
यहाँ शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ-साथ सुबह 5 बजे से PT, ड्रिल, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन और स्केटिंग जैसी शारीरिक गतिविधियाँ शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य CAPF और राज्य पुलिस बलों के लिए युवाओं को तैयार करना है।
रक्षा शक्ति स्कूल में प्रवेश किस कक्षा से मिलता है?
रक्षा शक्ति स्कूल में कक्षा 6 से प्रवेश दिया जाता है और यह कक्षा 12 तक की शिक्षा प्रदान करता है। यह एक आवासीय विद्यालय है, जिसमें छात्र परिसर में ही रहते हैं।
रक्षा शक्ति स्कूल और सामान्य सैनिक स्कूल में क्या अंतर है?
सैनिक स्कूल मुख्यतः सेना के लिए अधिकारी तैयार करते हैं, जबकि रक्षा शक्ति स्कूल का ध्यान CAPF और राज्य पुलिस संगठनों के लिए प्रशिक्षित युवा तैयार करने पर है। यह PPP मॉडल पर आधारित है, जबकि सैनिक स्कूल केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा सीधे संचालित होते हैं।
रक्षा शक्ति स्कूल से पढ़कर छात्र किन सेवाओं में जा सकते हैं?
इस विद्यालय से प्रशिक्षित छात्र केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) जैसे CRPF, BSF, CISF आदि तथा राज्य पुलिस बलों में करियर बना सकते हैं। विद्यालय उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से भी तैयार करता है।
राष्ट्र प्रेस
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