मिशन शक्ति: योगी सरकार के अभियान से 10 लाख बालिकाओं को मिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, बदली UP की तस्वीर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे मिशन शक्ति अभियान ने राज्य में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव लाए हैं। 2017 से पहले महिला सुरक्षा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा उत्तर प्रदेश आज महिला सशक्तीकरण के एक प्रभावी मॉडल के रूप में पहचाना जाने लगा है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस अभियान ने लाखों बेटियों को न केवल सुरक्षित वातावरण दिया, बल्कि उन्हें नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ाया है।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सुरक्षा बोध
मिशन शक्ति के तहत प्रदेश के सरकारी विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में व्यापक स्तर पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 10 लाख से अधिक बालिकाओं को जूडो-कराटे एवं सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दिया गया। इन कार्यक्रमों ने छात्राओं में शारीरिक सामर्थ्य के साथ-साथ आत्मविश्वास और सुरक्षा बोध भी विकसित किया।
इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा संचालित जागरूकता अभियानों के माध्यम से हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर सुरक्षा, महिला अधिकारों और कानूनी संरक्षण से जुड़ी जानकारी जन-जन तक पहुँचाई गई। इससे महिलाओं और बालिकाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता में वृद्धि दर्ज की गई है।
'एक दिन की अधिकारी': नेतृत्व का अनुभव
योगी सरकार ने बालिकाओं को प्रशासनिक नेतृत्व से परिचित कराने के लिए 'एक दिन की अधिकारी' कार्यक्रम की शुरुआत की। इस पहल के तहत 89 हजार से अधिक बालिकाओं को विद्यालय, ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर अधिकारियों की भूमिका निभाने का अवसर मिला।
इस अनुभव ने छात्राओं को शासन-प्रशासन की कार्य-प्रणाली समझने और नेतृत्व कौशल विकसित करने में मदद की। यह कार्यक्रम बेटियों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देने के साथ-साथ उन्हें उन सपनों को साकार करने का आत्मबल भी प्रदान करता है।
मीना मंच और सामुदायिक जनजागरूकता
मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित मीना मंच, मीना दिवस, जनसंवाद, रैलियों और नुक्कड़ नाटकों ने महिला सशक्तीकरण के संदेश को समाज की अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने का काम किया। लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को सामाजिक विमर्श का केंद्रीय विषय बनाया।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से लैंगिक समानता, बाल विवाह निषेध, महिला अधिकार, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता पैदा हुई है। गौरतलब है कि यह अभियान ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में समान रूप से सक्रिय रहा है।
डिजिटल और वित्तीय साक्षरता
मिशन शक्ति ने महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक एवं डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय कदम उठाए। हजारों बालिकाओं को डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों से जोड़कर आधुनिक तकनीक और आर्थिक प्रबंधन की जानकारी दी गई।
बैंक भ्रमण और वित्तीय जागरूकता कार्यक्रमों ने छात्राओं को बचत, बैंकिंग और आर्थिक निर्णयों की समझ विकसित करने में सहायता की। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ने के प्रयास किए गए, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता की राह मजबूत हुई है।
सामाजिक सोच में बदलाव और आगे की राह
अभियान का सबसे दूरगामी प्रभाव सामाजिक दृष्टिकोण में आए परिवर्तन के रूप में सामने आया है। परिवारों और समुदायों में बालिकाओं को लेकर नजरिया बदला है और महिलाओं की भागीदारी सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों में बढ़ी है। योगी सरकार की महिला सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस की नीति और मिशन शक्ति जैसे अभियानों ने महिलाओं में विश्वास का वातावरण तैयार किया है।
आज उत्तर प्रदेश की बेटियाँ शिक्षा, खेल, प्रशासन, विज्ञान और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण है जब देश भर में महिला सशक्तीकरण की नीतियों की प्रभावशीलता को लेकर व्यापक बहस जारी है।