योगी सरकार की महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार पहल: 9 वर्षों की सफलता की कहानी
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही राज्य की महिलाओं के उत्थान के लिए सक्रियता दिखाई है। योगी सरकार के 9 वर्षों के आंकड़े दर्शाते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, सशक्तीकरण, स्वावलंबन, स्वास्थ्य और अन्य मुद्दों को हमेशा प्राथमिकता दी गई है।
महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु योगी सरकार ने कई नई योजनाएं प्रस्तुत की हैं। इस अवधि में 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना और आंगनबाड़ी जैसी योजनाओं के माध्यम से आधी आबादी की भलाई पर ध्यान दिया गया है। सीएम योगी ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, जबकि उनकी सुरक्षा को भी प्रमुखता दी है।
योगी सरकार ने बेटियों को विशेष महत्व दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 85 लाख महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया गया है। वहीं, 5 लाख 20 हजार से ज्यादा बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत किया गया है। कन्या सुमंगला योजना के तहत 26.81 लाख बेटियों को लाभ मिला है। योगी सरकार ने सबल नारी, प्रगति हमारी का नारा वास्तविकता में बदल दिया है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2 लाख से अधिक महिलाओं को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ प्रदान किया है। लखपति दीदी योजना के तहत 35 लाख महिलाओं को चिह्नित किया गया और 18.55 लाख महिलाएं लखपति की श्रेणी में पहुंची हैं।
बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) सखी योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस योजना के तहत महिलाओं ने 42,711 करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया है और 116 करोड़ रुपए का लाभांश अर्जित किया है। योगी सरकार की पहल के परिणामस्वरूप 15,409 विद्युत सखियों ने 3,207 करोड़ रुपए के विद्युत बिल संग्रह का काम किया और अपने लिए 41.3 करोड़ रुपए का कमीशन भी प्राप्त किया।
योगी सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया है। महिलाओं को नाइट शिफ्ट (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) काम करने की अनुमति दी गई है और सुरक्षित कार्य वातावरण भी उपलब्ध कराया गया है। वर्ष 2017 से पहले, उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल की भागीदारी लगभग 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
इसके साथ ही, निराश्रित महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा के लिए योगी सरकार ने मासिक पेंशन में 500 रुपए की वृद्धि की है। इसे 1 हजार से बढ़ाकर 1500 रुपए मासिक किया गया है, जिससे लाखों महिलाओं को सहायता मिल रही है। पिछले 9 वर्षों में, योगी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा से संबंधित पेंशन राशि में 5 गुना वृद्धि की है।
इसके अलावा, अनुपूरक पुष्टाहार योजना के तहत 2 करोड़ 12 लाख बच्चे, गर्भवती और धात्री महिलाओं के जीवन में सुधार किया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा पर भी योगी सरकार का ध्यान है। 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से 8.42 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। जघन्य अपराधों की शिकार महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक क्षतिपूर्ति देने के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष’ की स्थापना की गई है। इसके तहत 14 हजार से अधिक पीड़िताओं को 511 करोड़ रुपए से अधिक की क्षतिपूर्ति की जा चुकी है।