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क्या सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी की महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं?

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क्या सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी की महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं?

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी की महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत 18.56 लाख महिलाएं अब स्वावलंबी बन चुकी हैं, जो न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं।

मुख्य बातें

लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत 18.56 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।
महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से समाज में बदलाव ला रही हैं।
केंद्र सरकार ने 2 करोड़ स्वयं सहायता समूह सदस्यों की आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
महिलाएं विभिन्न उद्यमों के माध्यम से स्थायी आजीविका अर्जित कर रही हैं।
यह कार्यक्रम सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन रहा है।

लखनऊ, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी नए अध्याय लिख रही है। लखपति दीदी कार्यक्रम ने गाँव-गाँव में महिलाओं को न केवल आर्थिक दृष्टि से सशक्त किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी नई पहचान दी है। नवंबर तक प्रदेश की 18.56 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं, यानी वे निरंतर एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं।

उत्तर प्रदेश में 35.94 लाख महिलाओं को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 29.68 लाख महिलाओं का आय विवरण डिजिटल आजीविका रजिस्टर में दर्ज है।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 तक पूरे देश में 2 करोड़ स्वयं सहायता समूह सदस्यों की आमदनी को एक लाख से ऊपर करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें उत्तर प्रदेश का लक्ष्य 28.92 लाख निर्धारित है। राज्य सरकार के अनुसार, नवंबर 2025 तक 18.56 लाख का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है और बाकी 10.36 लाख भी निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा।

प्रदेश में 98.49 लाख ग्रामीण परिवारों की महिलाएं कुल 8,96,618 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ये समूह 62,958 ग्राम संगठनों के माध्यम से एक-दूसरे को सहयोग और बाजार से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियां, पशुपालन, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, और सेवा आधारित छोटे उद्यमों के माध्यम से स्थायी आजीविका अर्जित कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक सदस्य की आय चार त्रैमासिक और फसल चक्र के दौरान लगातार तीन वर्ष तक एक लाख रुपये से कम न हो। यही सच्चा आर्थिक सशक्तिकरण है।

यह कार्यक्रम सिर्फ आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रतीक भी बन रहा है। लखपति दीदियां अब वित्तीय रूप से सक्षम, परिवार की निर्णयकर्ता, और गांव की परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बना दिया है। यह एक सकारात्मक कदम है, जो देश के विकास में योगदान कर सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखपति दीदी कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
लखपति दीदी कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
इस कार्यक्रम से कितनी महिलाएं लाभान्वित हुई हैं?
नवंबर तक 18.56 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।
क्या यह कार्यक्रम समाज में बदलाव लाने में मदद कर रहा है?
हाँ, यह कार्यक्रम महिलाओं को परिवार और समाज में निर्णय लेने की क्षमता प्रदान कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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