14 अक्टूबर 2026
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मिशन शक्ति: गोरखपुर में 12वीं की छात्राएं बनीं एक दिन की अधिकारी, SSP कार्यालय में सुनीं दर्जनों फरियादें

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मिशन शक्ति: गोरखपुर में 12वीं की छात्राएं बनीं एक दिन की अधिकारी, SSP कार्यालय में सुनीं दर्जनों फरियादें

सारांश

गोरखपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत 12वीं की दो छात्राओं को SSP कार्यालय में एक दिन के लिए अधिकारी बनाया गया। नैन्सी तिवारी और घृति तिवारी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ दर्जनों फरियादें सुनीं — बालिका नेतृत्व और पुलिस-जन संवाद की दिशा में एक सराहनीय प्रयोग।

मुख्य बातें

14 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर SSP कार्यालय में मिशन शक्ति अभियान के तहत अनूठी जनसुनवाई पहल आयोजित हुई।
नैन्सी तिवारी और घृति तिवारी — दोनों 12वीं कक्षा की छात्राएं — एक दिन के लिए अधिकारी की भूमिका में रहीं।
दोनों छात्राएं एकेडमिक ग्लोबल स्कॉलर स्कूल, जंगल धूसड़, गोरखपुर की हैं।
कौस्तुभ और एसपी नॉर्थ राजेश गुणावत के साथ मिलकर दर्जनों मामले सुने गए।
पहल का लक्ष्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और पुलिस प्रशासन की समझ विकसित करना है।

गोरखपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत 14 अक्टूबर 2026 को एक अनूठी पहल देखने को मिली, जब 12वीं कक्षा की दो छात्राओं को एसएसपी कार्यालय में एक दिन के लिए अधिकारी की भूमिका सौंपी गई। नैन्सी तिवारी और घृति तिवारी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकर दर्जनों फरियादियों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का निवारण भी किया। उत्तर प्रदेश सरकार के महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम के तहत यह पहल बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से की गई।

मुख्य घटनाक्रम

गोरखपुर के जंगल धूसड़ स्थित एकेडमिक ग्लोबल स्कॉलर स्कूल की छात्राएं नैन्सी तिवारी और घृति तिवारी ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। दोनों छात्राओं ने एसएसपी डॉ. कौस्तुभ और एसपी नॉर्थ राजेश गुणावत के साथ मिलकर जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने दर्जनों मामले सुने और फरियादियों की शिकायतों के निपटारे में सक्रिय सहभागिता निभाई।

मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य

मिशन शक्ति अभियान उत्तर प्रदेश सरकार का महिला सशक्तीकरण केंद्रित कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत बालिकाओं को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली से सीधे अवगत कराया जाता है। इस पहल का मूल लक्ष्य छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना है। इसके साथ ही महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और प्रशासनिक तंत्र की समझ विकसित करना भी इस अभियान का अभिन्न अंग है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

एसपी नॉर्थ राजेश गुणावत ने कहा कि इस पहल से न केवल छात्राओं और युवाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे पुलिस की कार्यप्रणाली को भी करीब से समझ सकेंगी। उन्होंने जोड़ा कि इस तरह की पहल से बेहतर पुलिसिंग का सपना भी साकार होगा। गौरतलब है कि यह अभियान राज्य के अन्य जिलों में भी इसी भावना के साथ संचालित किया जा रहा है।

आम जनता और छात्राओं पर असर

इस अनुभव से नैन्सी तिवारी और घृति तिवारी को प्रशासनिक व्यवस्था को भीतर से समझने का दुर्लभ अवसर मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यावहारिक सहभागिता बालिकाओं को भविष्य में सरकारी सेवाओं की ओर प्रेरित कर सकती है। साथ ही, यह पहल समुदाय में पुलिस और आम नागरिक के बीच के अंतराल को पाटने में भी सहायक सिद्ध हो सकती है।

क्या होगा आगे

मिशन शक्ति अभियान के तहत इस तरह की पहलें उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी विस्तारित किए जाने की संभावना है। बालिकाओं को प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जोड़ने का यह प्रयोग आने वाले समय में महिला नेतृत्व की एक नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस तरह के एक-दिवसीय अनुभव बालिकाओं के दीर्घकालिक नेतृत्व विकास में कितना योगदान देते हैं। यदि इसे नियमित मेंटरशिप, करियर मार्गदर्शन और संस्थागत अनुवर्ती कार्रवाई से नहीं जोड़ा गया, तो यह महज एक फोटो-अवसर बनकर रह सकता है। उत्तर प्रदेश में महिला पुलिस अधिकारियों की संख्या अभी भी राष्ट्रीय औसत से नीचे है — इस पहल की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब ऐसी छात्राएं भविष्य में वास्तव में उन्हीं कुर्सियों पर बैठें जिन पर वे आज एक दिन के लिए बिठाई गई हैं।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिशन शक्ति अभियान के तहत गोरखपुर में क्या हुआ?
14 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर SSP कार्यालय में मिशन शक्ति अभियान के तहत 12वीं की दो छात्राओं — नैन्सी तिवारी और घृति तिवारी — को एक दिन के लिए अधिकारी बनाया गया। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकर दर्जनों फरियादियों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का निवारण किया।
मिशन शक्ति अभियान क्या है?
मिशन शक्ति अभियान उत्तर प्रदेश सरकार का महिला सशक्तीकरण केंद्रित कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता विकसित करना है। इसके तहत महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और प्रशासनिक तंत्र की समझ बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
किन छात्राओं को एक दिन का अधिकारी बनाया गया?
गोरखपुर के जंगल धूसड़ स्थित एकेडमिक ग्लोबल स्कॉलर स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्राएं नैन्सी तिवारी और घृति तिवारी को यह अवसर मिला। दोनों ने SSP डॉ. कौस्तुभ और SP नॉर्थ राजेश गुणावत के साथ मिलकर जनसुनवाई में हिस्सा लिया।
इस पहल से छात्राओं को क्या फायदा होगा?
इस पहल से छात्राओं को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। SP नॉर्थ राजेश गुणावत के अनुसार, इससे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बेहतर पुलिसिंग के सपने को साकार करने की दिशा में प्रेरित होंगी।
क्या यह पहल अन्य जिलों में भी लागू होगी?
मिशन शक्ति अभियान उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी संचालित किया जा रहा है और इस तरह की पहलें अन्य जिलों में भी विस्तारित किए जाने की संभावना है। हालांकि, किसी आधिकारिक विस्तार कार्यक्रम की घोषणा अभी तक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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