मिशन शक्ति 6.0: नोएडा में 500 बालिकाओं की महिला सशक्तिकरण रैली, पुलिस ने दिया जागरूकता संदेश
सारांश
मुख्य बातें
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को नोएडा के सेक्टर-51 स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ग्राम होशियारपुर से मिशन शक्ति अभियान 6.0 के अंतर्गत एक महिला सशक्तिकरण पैदल रैली का आयोजन किया, जिसमें लगभग 500 बालिकाओं ने सक्रिय भागीदारी की। शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी कल्याण योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का नेतृत्व और संचालन
यह कार्यक्रम पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में आयोजित किया गया। रैली का प्रत्यक्ष नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) सुनीती ने किया। अपर पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) मनीषा सिंह, थाना सेक्टर-49 की प्रभारी निरीक्षक और महिला थाना प्रभारी के समन्वय से पूरे आयोजन का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया गया।
गौरतलब है कि रैली में केवल पुलिस बल ही नहीं, बल्कि आशा बहुएँ, होमगार्ड, एएनएम, शिक्षक और सफाईकर्मी भी सम्मिलित हुए — जो इस अभियान की सामुदायिक व्यापकता को दर्शाता है।
मुख्य घटनाक्रम और जानकारी का प्रसार
पैदल मार्च के दौरान विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने बालिकाओं एवं महिलाओं को महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों, कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य, स्वच्छता और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। पुलिस टीमों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने को सूचित करें।
नोएडा ज़ोन के विभिन्न थानों की मिशन शक्ति टीम, स्वयं सिद्धा टीम और एंटी रोमियो टीम ने भी इस पैदल मार्च में सक्रिय सहभागिता निभाई। इन टीमों की मौजूदगी यह संदेश देती है कि ज़मीनी स्तर पर महिला सुरक्षा की निगरानी नियमित रूप से जारी है।
अभियान का उद्देश्य और व्यापक संदेश
मिशन शक्ति अभियान 6.0 का मूल लक्ष्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और विपरीत परिस्थितियों में उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। पुलिस की ओर से यह संदेश दिया गया कि महिला सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्यभर में इस अभियान के छठे चरण को अलग-अलग ज़िलों में क्रमबद्ध तरीके से संचालित कर रही है। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस के अनुसार, ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में महिलाओं के प्रति संवेदनशील व जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
इस रैली से सीधे तौर पर 500 से अधिक बालिकाएँ लाभान्वित हुईं, जिन्हें उनके अधिकारों और सुरक्षा तंत्र की व्यावहारिक जानकारी मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नियमित सामुदायिक कार्यक्रम दीर्घकालिक सामाजिक बदलाव में सहायक होते हैं, बशर्ते इन्हें केवल एकबारगी आयोजन तक सीमित न रखा जाए। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस मिशन शक्ति 6.0 के तहत आगामी समय में और भी जागरूकता एवं सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर काम कर रही है।