अजय अटवाल हत्याकांड: पंजाब भाजपा ने एससी/एसटी एक्ट जोड़ने की मांग, CM मान को चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को अबोहर में धरना स्थल का दौरा कर अजय अटवाल हत्याकांड की एफआईआर में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ने और शिव लाल डोडा का नाम एफआईआर में शामिल करने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधी चेतावनी दी कि असली आरोपियों को संरक्षण देना बंद किया जाए, अन्यथा यह आंदोलन पूरे पंजाब में फैल जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
सांपला ने भाजपा विधायक संदीप जाखड़, एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शीतल अनुराग, जिला अध्यक्ष सुखविंदर सिंह काका कंबोज और मुक्तसर जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह भंगेवाला के साथ अबोहर में प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने दो-टूक कहा कि एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं न जोड़ना और डोडा का नाम न शामिल करना न्याय की राह में बाधा है।
अजय अटवाल का परिवार पिछले एक सप्ताह से शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है — ठीक उसी तरह जैसे मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार ने किया था।
भीम टांक हत्याकांड से जुड़ाव
सांपला ने खुलासा किया कि अजय अटवाल वर्ष 2015 के भीम टांक हत्याकांड में एक अहम गवाह थे, जिस मामले में शिव लाल डोडा को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। उनके अनुसार, गवाह की हत्या और मुख्य आरोपी के बीच यह संभावित संबंध मामले को और गंभीर बनाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहले भीम टांक परिवार को न्याय और दिल्ली सरकार में नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं हुआ। सांपला का दावा है, 'परिवार के साथ खड़े होने के बजाय आपने उनकी मदद तक नहीं की, बल्कि भीम टांक हत्याकांड में दोषी ठहराए गए शिव लाल डोडा के साथ राजनीतिक संबंध बना लिए।'
सरकार पर दबाव और चेतावनी
सांपला ने कहा, 'मानसा में परविंदर सिंह झोटा और अबोहर में अजय अटवाल को न्याय दिलाने के लिए लोग एकजुट हो रहे हैं। यदि सरकार न्याय देने में विफल रहती है तो यह आंदोलन पूरे पंजाब में फैल जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि दलित समाज के धैर्य की परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में दलित उत्पीड़न के मामलों पर राजनीतिक संघर्ष तेज हो रहा है और आगामी स्थानीय चुनावों को देखते हुए भाजपा दलित समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
आम जनता पर असर
अजय अटवाल का परिवार और समर्थक अबोहर में धरने पर बैठे हैं, और शव का पोस्टमार्टम न कराए जाने से कानूनी प्रक्रिया ठप है। यदि एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी जाती हैं, तो मामले की जाँच और सुनवाई की प्रक्रिया अधिक कड़ी और त्वरित होगी।
क्या होगा आगे
भाजपा ने संकेत दिया है कि यदि राज्य सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो यह विरोध राज्यव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है। पंजाब सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामले पर सियासी दबाव लगातार बढ़ रहा है।