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अजय अटवाल हत्याकांड: पंजाब भाजपा ने एससी/एसटी एक्ट जोड़ने की मांग, CM मान को चेतावनी

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अजय अटवाल हत्याकांड: पंजाब भाजपा ने एससी/एसटी एक्ट जोड़ने की मांग, CM मान को चेतावनी

सारांश

अबोहर में अजय अटवाल हत्याकांड पर राजनीतिक आंच तेज हो गई है। भाजपा के विजय सांपला ने एससी/एसटी एक्ट जोड़ने और डोडा का नाम एफआईआर में शामिल करने की मांग की। परिवार एक हफ्ते से पोस्टमार्टम से इनकार कर रहा है। मामला 2015 के भीम टांक हत्याकांड से जुड़ा बताया जा रहा है।

मुख्य बातें

पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला ने 25 अक्टूबर 2026 को अबोहर में धरना स्थल का दौरा किया।
अजय अटवाल हत्याकांड की एफआईआर में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ने और शिव लाल डोडा का नाम शामिल करने की मांग।
अटवाल का परिवार एक सप्ताह से पोस्टमार्टम से इनकार कर न्याय की मांग पर अड़ा है।
अजय अटवाल 2015 के भीम टांक हत्याकांड में गवाह थे; उस मामले में डोडा को उम्रकैद की सजा हो चुकी है।
सांपला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चेतावनी दी कि न्याय न मिला तो आंदोलन पूरे पंजाब में फैलेगा।

पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को अबोहर में धरना स्थल का दौरा कर अजय अटवाल हत्याकांड की एफआईआर में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ने और शिव लाल डोडा का नाम एफआईआर में शामिल करने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधी चेतावनी दी कि असली आरोपियों को संरक्षण देना बंद किया जाए, अन्यथा यह आंदोलन पूरे पंजाब में फैल जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

सांपला ने भाजपा विधायक संदीप जाखड़, एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शीतल अनुराग, जिला अध्यक्ष सुखविंदर सिंह काका कंबोज और मुक्तसर जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह भंगेवाला के साथ अबोहर में प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने दो-टूक कहा कि एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं न जोड़ना और डोडा का नाम न शामिल करना न्याय की राह में बाधा है।

अजय अटवाल का परिवार पिछले एक सप्ताह से शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है — ठीक उसी तरह जैसे मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार ने किया था।

भीम टांक हत्याकांड से जुड़ाव

सांपला ने खुलासा किया कि अजय अटवाल वर्ष 2015 के भीम टांक हत्याकांड में एक अहम गवाह थे, जिस मामले में शिव लाल डोडा को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। उनके अनुसार, गवाह की हत्या और मुख्य आरोपी के बीच यह संभावित संबंध मामले को और गंभीर बनाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहले भीम टांक परिवार को न्याय और दिल्ली सरकार में नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं हुआ। सांपला का दावा है, 'परिवार के साथ खड़े होने के बजाय आपने उनकी मदद तक नहीं की, बल्कि भीम टांक हत्याकांड में दोषी ठहराए गए शिव लाल डोडा के साथ राजनीतिक संबंध बना लिए।'

सरकार पर दबाव और चेतावनी

सांपला ने कहा, 'मानसा में परविंदर सिंह झोटा और अबोहर में अजय अटवाल को न्याय दिलाने के लिए लोग एकजुट हो रहे हैं। यदि सरकार न्याय देने में विफल रहती है तो यह आंदोलन पूरे पंजाब में फैल जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि दलित समाज के धैर्य की परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में दलित उत्पीड़न के मामलों पर राजनीतिक संघर्ष तेज हो रहा है और आगामी स्थानीय चुनावों को देखते हुए भाजपा दलित समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।

आम जनता पर असर

अजय अटवाल का परिवार और समर्थक अबोहर में धरने पर बैठे हैं, और शव का पोस्टमार्टम न कराए जाने से कानूनी प्रक्रिया ठप है। यदि एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी जाती हैं, तो मामले की जाँच और सुनवाई की प्रक्रिया अधिक कड़ी और त्वरित होगी।

क्या होगा आगे

भाजपा ने संकेत दिया है कि यदि राज्य सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो यह विरोध राज्यव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है। पंजाब सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामले पर सियासी दबाव लगातार बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें चुनावी गणित भी साफ दिखती है। असली सवाल यह है कि 2015 के भीम टांक मामले का गवाह इतने वर्षों बाद मारा जाता है और राज्य सरकार तत्काल सुरक्षा देने में क्यों विफल रही — यह जवाबदेही की माँग है जो मुख्यधारा की राजनीतिक बहस में दब जाती है। परिवार का एक सप्ताह से पोस्टमार्टम से इनकार दर्शाता है कि संस्थाओं पर भरोसा किस हद तक टूट चुका है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय अटवाल हत्याकांड क्या है?
अजय अटवाल की पंजाब के अबोहर में हत्या हुई है। वे वर्ष 2015 के भीम टांक हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण गवाह थे, जिस मामले में शिव लाल डोडा को उम्रकैद की सजा मिली हुई है। परिवार पिछले एक सप्ताह से न्याय की मांग पर शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहा है।
भाजपा एससी/एसटी एक्ट जोड़ने की मांग क्यों कर रही है?
पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला का कहना है कि मृतक दलित समुदाय से थे और उनकी हत्या जातीय उत्पीड़न से जुड़ी हो सकती है। एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम जुड़ने से जाँच कड़ी होगी और आरोपियों को अग्रिम जमानत मिलना मुश्किल होगा।
शिव लाल डोडा कौन हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है?
शिव लाल डोडा को 2015 के भीम टांक हत्याकांड में दोषी ठहराया गया है और उन्हें उम्रकैद की सजा मिली है। विजय सांपला का आरोप है कि अजय अटवाल उसी मामले के गवाह थे और इसीलिए उनका नाम एफआईआर में जोड़ा जाना चाहिए।
परविंदर सिंह झोटा का मामला इससे कैसे जुड़ा है?
मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार ने भी इसी तरह न्याय की मांग करते हुए पोस्टमार्टम से इनकार किया था। भाजपा दोनों मामलों को एक साथ उठाकर राज्य सरकार पर दलित उत्पीड़न के मामलों में निष्क्रियता का आरोप लगा रही है।
आंदोलन आगे किस दिशा में जा सकता है?
विजय सांपला ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने जल्द न्याय नहीं दिया तो यह विरोध प्रदर्शन राज्यव्यापी आंदोलन का रूप ले लेगा। अब तक पंजाब सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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