नशा मुक्त पंजाब यात्रा: मेघवाल बोले — भाजपा पंजाब को नशे से मुक्त कर विकसित राज्य बनाएगी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 20 सितंबर 2026 को फाजिल्का की पुरानी सब्जी मंडी से तीसरी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर कहा कि यह अभियान एक सामाजिक सुधार आंदोलन है, जिसका उद्देश्य पंजाब की युवा पीढ़ियों को नशे के चंगुल से बाहर निकालकर राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाना है। यात्रा को रवाना करने से पहले मेघवाल ने आसफवाला शहीदी स्मारक पर जाकर शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की।
यात्रा का उद्देश्य और राजनीतिक संदर्भ
मेघवाल ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग इस यात्रा को राजनीतिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं, लेकिन उनके अनुसार यह किसी चुनावी एजेंडे की नहीं, बल्कि समाज के सुधार की पहल है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे सामाजिक अभियानों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकारी योजनाओं के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता अभियान भी चलाती है।
उल्लेखनीय है कि यह तीसरी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' है, जो भाजपा के नशा-विरोधी अभियान का विस्तार है — ऐसे समय में जब पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राजनीतिक तनातनी तेज हो चुकी है।
धार्मिक और आध्यात्मिक संदर्भ
केंद्रीय कानून मंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु अमर दास की बाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि हर उस वस्तु से दूरी ज़रूरी है जो मनुष्य की विवेक-शक्ति और निर्णय क्षमता को कुंद कर दे। उन्होंने गुरु नानक देव की बाणी में 'नाम सिमरन' के महत्व का हवाला देते हुए कहा कि सच्चा नाम सिमरन तभी संभव है जब मनुष्य का मन नशे से मुक्त हो।
मेघवाल ने गुरु नानक देव का एक शबद भी गाया, जिसे उपस्थित जनसभा ने सराहा। उन्होंने भगत कबीर दास और गुरु रविदास की बाणी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ संदेश इन महान संतों की वाणी में भी मौजूद है।
भाजपा नेताओं के तीखे आरोप
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने दावा किया कि इस यात्रा ने राज्य के मुख्यमंत्री को 'बैकफुट' पर ला दिया है और जिन लोगों ने नशे की समस्या फैलाई, वे अब इस अभियान से घबरा गए हैं। संगरूर में हाल में हुई मोहंजीत शेरों और गुलजार सिंह से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए ढिल्लों ने आरोप लगाया कि सरकार नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि फरीदकोट में लोग अपने घरों के बाहर 'मकान बिकाऊ है' के बोर्ड लगाने पर मजबूर हो गए हैं — जो नशे की समस्या से उपजी निराशा का प्रतीक है।
ढिल्लों ने तर्क दिया कि यदि BJP उत्तर प्रदेश में गैंगस्टरवाद, झारखंड में नक्सलवाद और अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में हिंसा समाप्त कर सकती है, तो पंजाब को नशामुक्त करना भी उसके लिए संभव है।
केजरीवाल पर सीधा हमला
पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि अब नशे के कारण मौतें तो हो ही रही हैं, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले भी असुरक्षित हो गए हैं। उनके अनुसार, कुछ लोगों को नशा तस्कर मार रहे हैं तो कुछ को सवाल उठाने के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है — यह आरोप उन्होंने लगाया, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए जाखड़ ने कहा कि 79,000 गिरफ्तारियाँ इस बात का प्रमाण नहीं कि नशे के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि युवा पीढ़ी को नशे के संकट में किस हद तक धकेला जा चुका है।
आगे की राह
इस कार्यक्रम में BJP के राष्ट्रीय महासचिव एवं पंजाब भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और पूर्व मंत्री सुरजीत कुमार जियाणी भी उपस्थित रहे। 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' अभियान के तहत आने वाले दिनों में पंजाब के विभिन्न ज़िलों में जागरूकता रैलियाँ और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।