AAP सरकार में पंजाब में ड्रग्स कारोबार बढ़ा: हरियाणा मंत्री रणबीर गंगवा का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा सरकार के मंत्री रणबीर गंगवा ने 16 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई और आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में ड्रग्स का कारोबार बढ़ा है। गंगवा ने कहा कि पंजाब की जनता इस समस्या से त्रस्त है और सरकार की जवाबदेही बनती है।
पंजाब दौरे में लोगों ने जताई चिंता
मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले पंजाब का दौरा किया था, जहाँ स्थानीय लोगों ने उनके सामने नशे की समस्या को लेकर अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार बनाई थी, यह सोचकर कि यह दल कुछ नया करेगा।
गंगवा के अनुसार, जब से भगवंत मान की सरकार सत्ता में आई है, ड्रग्स के कारोबार को बढ़ावा मिला है। उन्होंने इसे 'बहुत चिंता की बात' बताते हुए कहा कि इसके लिए सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
यूनिफॉर्म सिविल कोड पर भी बोले गंगवा
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के मुद्दे पर मंत्री गंगवा ने कहा कि विपक्ष हमेशा जनता को गुमराह करने का प्रयास करेगा। उन्होंने 'एक देश, एक कानून' के सिद्धांत का समर्थन करते हुए कहा कि देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में एकसमान कानून लागू करने में आखिर क्या दिक्कत है।
PM मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए मंत्री गंगवा ने कहा कि मोदी ने सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में प्रधानमंत्री का एकमात्र लक्ष्य जनसेवा और राष्ट्रसेवा रहा है।
गंगवा ने कहा कि मोदी ने पारदर्शिता के साथ सरकार चलाकर यह दिखाया है कि किसी राज्य और देश को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। वे लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
नक्सलवाद, आतंकवाद और विकसित भारत का संकल्प
मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में नक्सलवाद और आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है।
संगठन ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस अवधि में कार्यकर्ता जनता तक केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाएँगे। यह देखना होगा कि पंजाब में नशे की समस्या पर उठे ये सवाल आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बनते हैं या नहीं।