हरभजन सिंह का पंजाब नशा संकट पर कड़ा बयान: 'युवाओं को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी'
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या पर गहरी चिंता जताई और कहा कि राजनीतिक दलों को आपसी खींचतान छोड़कर राज्य को ड्रग-मुक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी एक व्यक्ति या सरकार को घेरने का नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं के भविष्य को बचाने का है।
एक्स पर पोस्ट और विवाद की पृष्ठभूमि
हरभजन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, 'क्या यह राजस्थान की तस्वीर है? चर्चा पंजाब की ड्रग समस्या के बारे में हो रही है। आपके पैसे देकर रखे गए ट्रोलर्स इस मुद्दे को छिपा नहीं पाएंगे। इस पर काम करना होगा। जिम्मेदारियों से भागने से कोई समाधान नहीं निकलेगा।' यह पोस्ट तब आई जब पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हरभजन पर राज्य को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने राजस्थान का एक वीडियो पंजाब का बताकर साझा किया।
हरभजन का पलटवार और स्पष्टीकरण
हरभजन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मैं चाहता हूं कि पंजाब ड्रग-फ्री हो। सामने आए वीडियो पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। लेकिन मैं उनसे पूछूंगा — क्या पंजाब सच में ड्रग-फ्री है? मैं वहां रहता हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर लक्ष्य पंजाब को ड्रग-मुक्त बनाना है, तो मुद्दा उठाने वाले को निशाना बनाने के बजाय उस दिशा में किए जा रहे कार्यों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
पंजाब की पहचान और नशे का दर्द
हरभजन ने भावुक होते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिसने मुझे बहुत दुखी किया है। मैं पंजाब को इस हालत में नहीं देख सकता, क्योंकि पंजाब खुशहाली, खेल और प्यार-भाईचारे के लिए जाना जाता है।' उन्होंने जोड़ा कि जब युवा नशे की गिरफ्त में हों और उन्हें राह न सूझे, तो यह समूचे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बन जाती है। गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में रही है, और यह ऐसा मुद्दा है जो हर सरकार के कार्यकाल में उठता रहा है।
संसद की कार्यवाही पर नाराजगी
हरभजन ने संसद के सुचारू संचालन न होने पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'हर समस्या का समाधान बातचीत से ही निकलता है। अगर संसद में बातचीत ही नहीं होगी, तो किसी समस्या के समाधान की उम्मीद कैसे की जा सकती है?' यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गतिरोध की खबरें सामने आ रही हैं।
केंद्रीय मंत्री से मुलाकात
इसी दौरान हरभजन सिंह ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की। हालांकि, उन्होंने इस बैठक के एजेंडे के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी साझा नहीं की। पंजाब की नशा समस्या पर राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती आवाजें यह संकेत देती हैं कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तेज होगा।