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पंजाब में ड्रग माफिया पर सिरसा का बड़ा आरोप: 'AAP सरकार ड्रग्स तस्करों की संरक्षक'

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पंजाब में ड्रग माफिया पर सिरसा का बड़ा आरोप: 'AAP सरकार ड्रग्स तस्करों की संरक्षक'

सारांश

BJP नेता सिरसा का विस्फोटक दावा — पंजाब में ड्रग माफिया ही सरकार चला रहे हैं। संगरूर में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले मोहनजीत सिंह की कथित पुलिस प्रताड़ना के बाद हालत गंभीर। AAP के साढ़े चार साल के नशामुक्ति के दावों पर सीधा हमला।

मुख्य बातें

मनजिंदर सिंह सिरसा (BJP) ने 21 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर AAP की पंजाब सरकार पर ड्रग माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
मोहनजीत सिंह ने संगरूर (मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला) में ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाई; कथित पुलिस प्रताड़ना के बाद उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
सिरसा ने गुलजार सिंह का भी उल्लेख किया, जिन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाई और कथित तौर पर अपनी जान गँवाई।
अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान पर आरोप कि साढ़े चार साल में नशामुक्त पंजाब का वादा पूरा नहीं हुआ।
AAP सरकार की ओर से इस रिपोर्ट तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

दिल्ली सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने 21 सितंबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में ड्रग माफिया ही सत्ता का संचालन कर रहे हैं। उनके इस बयान ने पंजाब की राजनीति में नशे के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

सिरसा का एक्स पर विस्फोटक पोस्ट

सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'पंजाब की सरकार ड्रग माफिया चला रहे हैं... क्योंकि जो भी ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाता है, या तो उसको मरवा दिया जाता है या पुलिस उसे टॉर्चर करती है।' उनके इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी।

BJP नेता ने दो विशेष मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई और उनकी जान चली गई। अब मोहनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में ड्रग्स के विरुद्ध आवाज उठाई, तो आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर बुरी तरह प्रताड़ित किया।

मोहनजीत सिंह की हालत गंभीर

सिरसा के अनुसार, मोहनजीत सिंह की हालत इतनी गंभीर है कि वे अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहे हैं। उन्होंने इस घटना को मुख्यमंत्री के अपने गृह जिले से जोड़ते हुए कहा कि यदि संगरूर में ड्रग्स के खिलाफ बोलने वाले का यह हाल है, तो बाकी प्रदेश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि ये आरोप अभी तक सरकार द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।

केजरीवाल और भगवंत मान पर सीधा निशाना

सिरसा ने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे घेरते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब को नशामुक्त करने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन आज नशा राज्य के 'घर-घर और यहाँ तक कि स्कूलों तक' पहुँच चुका है। गौरतलब है कि AAP ने 2022 के विधानसभा चुनाव में नशामुक्त पंजाब का वादा अपने प्रमुख चुनावी एजेंडे में रखा था।

पंजाब में नशे का मुद्दा और राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से एक संवेदनशील और ज्वलंत राजनीतिक मुद्दा रही है। राज्य में सत्ता बदलने के बाद भी नशे की चुनौती बनी हुई है, जिसे लेकर विपक्ष — विशेषकर BJP और शिरोमणि अकाली दल — लगातार AAP सरकार पर हमलावर रहे हैं। सिरसा का यह बयान आगामी चुनावी तैयारियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

AAP सरकार की प्रतिक्रिया

इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक AAP या पंजाब सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। पार्टी पहले भी ऐसे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज करती रही है। सिरसा के इन आरोपों को लेकर राज्य की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई है और आगे इस पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके केंद्र में जो तथ्यात्मक दावे हैं — मोहनजीत सिंह की कथित हिरासत में प्रताड़ना और गुलजार सिंह की मौत — वे स्वतंत्र जाँच की माँग करते हैं, न केवल बयानबाज़ी की। गौरतलब है कि AAP ने 2022 में नशामुक्ति को अपने सबसे बड़े चुनावी वादे के रूप में पेश किया था, और अब साढ़े चार साल बाद यही मुद्दा उसके सबसे बड़े राजनीतिक बोझ में तब्दील हो रहा है। BJP का यह हमला चुनावी रणनीति का हिस्सा ज़रूर है, लेकिन राज्य में नशे की समस्या की गहराई को नकारना किसी भी पक्ष के लिए संभव नहीं। जब तक पंजाब पुलिस पर स्वतंत्र निगरानी तंत्र नहीं होगा, तब तक ऐसे आरोप-प्रत्यारोप का यह चक्र जारी रहेगा।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने AAP की पंजाब सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य में ड्रग माफिया ही सरकार चला रहे हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को या तो जान से मार दिया जाता है या पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया जाता है।
मोहनजीत सिंह का मामला क्या है?
सिरसा के अनुसार, मोहनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाई, जिसके बाद कथित तौर पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर बुरी तरह प्रताड़ित किया। उनकी हालत अब अस्पताल में गंभीर बताई जा रही है। ये आरोप अभी तक सरकार द्वारा सत्यापित नहीं किए गए हैं।
AAP ने पंजाब को नशामुक्त करने का वादा कब किया था?
आम आदमी पार्टी ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में नशामुक्त पंजाब का वादा अपने प्रमुख चुनावी एजेंडे में शामिल किया था। BJP का आरोप है कि साढ़े चार साल बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ और नशा अब स्कूलों तक पहुँच चुका है।
पंजाब में नशे का मुद्दा इतना संवेदनशील क्यों है?
पंजाब में नशे की समस्या दशकों से एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा रही है। विभिन्न सरकारों ने इसे दूर करने के वादे किए, लेकिन समस्या बनी रही। यही कारण है कि विपक्ष — चाहे BJP हो या अकाली दल — हर सरकार को इसी मुद्दे पर घेरता रहा है।
AAP सरकार ने सिरसा के आरोपों पर क्या कहा?
इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक AAP या पंजाब सरकार की ओर से सिरसा के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। पार्टी पहले भी इस तरह के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज करती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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