पंजाब में ड्रग माफिया पर सिरसा का बड़ा आरोप: 'AAP सरकार ड्रग्स तस्करों की संरक्षक'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने 21 सितंबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में ड्रग माफिया ही सत्ता का संचालन कर रहे हैं। उनके इस बयान ने पंजाब की राजनीति में नशे के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
सिरसा का एक्स पर विस्फोटक पोस्ट
सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'पंजाब की सरकार ड्रग माफिया चला रहे हैं... क्योंकि जो भी ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाता है, या तो उसको मरवा दिया जाता है या पुलिस उसे टॉर्चर करती है।' उनके इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी।
BJP नेता ने दो विशेष मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई और उनकी जान चली गई। अब मोहनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में ड्रग्स के विरुद्ध आवाज उठाई, तो आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर बुरी तरह प्रताड़ित किया।
मोहनजीत सिंह की हालत गंभीर
सिरसा के अनुसार, मोहनजीत सिंह की हालत इतनी गंभीर है कि वे अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहे हैं। उन्होंने इस घटना को मुख्यमंत्री के अपने गृह जिले से जोड़ते हुए कहा कि यदि संगरूर में ड्रग्स के खिलाफ बोलने वाले का यह हाल है, तो बाकी प्रदेश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि ये आरोप अभी तक सरकार द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।
केजरीवाल और भगवंत मान पर सीधा निशाना
सिरसा ने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे घेरते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब को नशामुक्त करने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन आज नशा राज्य के 'घर-घर और यहाँ तक कि स्कूलों तक' पहुँच चुका है। गौरतलब है कि AAP ने 2022 के विधानसभा चुनाव में नशामुक्त पंजाब का वादा अपने प्रमुख चुनावी एजेंडे में रखा था।
पंजाब में नशे का मुद्दा और राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से एक संवेदनशील और ज्वलंत राजनीतिक मुद्दा रही है। राज्य में सत्ता बदलने के बाद भी नशे की चुनौती बनी हुई है, जिसे लेकर विपक्ष — विशेषकर BJP और शिरोमणि अकाली दल — लगातार AAP सरकार पर हमलावर रहे हैं। सिरसा का यह बयान आगामी चुनावी तैयारियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
AAP सरकार की प्रतिक्रिया
इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक AAP या पंजाब सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। पार्टी पहले भी ऐसे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज करती रही है। सिरसा के इन आरोपों को लेकर राज्य की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई है और आगे इस पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज होने की संभावना है।