16 अक्टूबर 2026
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सिरसा का AAP पर प्रहार: पंजाब में ड्रग माफिया को केजरीवाल-भगवंत मान का संरक्षण, नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्या पर उठाए सवाल

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सिरसा का AAP पर प्रहार: पंजाब में ड्रग माफिया को केजरीवाल-भगवंत मान का संरक्षण, नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्या पर उठाए सवाल

सारांश

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक्स पर पोस्ट कर केजरीवाल और भगवंत मान पर ड्रग माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। मानसा और गुरदासपुर में नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्याओं के बाद यह बयान पंजाब की कानून-व्यवस्था पर बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे रहा है।

मुख्य बातें

दिल्ली मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 16 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर AAP सरकार पर पंजाब में ड्रग माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोट्टा और गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह (40 वर्ष) की दिन-दहाड़े हत्या के बाद यह विवाद उठा।
सिरसा ने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान पर पंजाब को ड्रग माफिया के हवाले करने का आरोप लगाया।
दिरबा में राजनीतिक दबाव में पिताओं द्वारा आत्महत्या की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया।
BJP ने दावा किया कि केवल वही इस 'आपराधिक गठजोड़' को खत्म कर पंजाब को नशा-मुक्त बना सकती है।

दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 16 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग माफिया को सत्ताधारी दल के नेताओं और विधायकों का खुला संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले कार्यकर्ताओं की दिन-दहाड़े हत्याएँ यह साबित करती हैं कि भगवंत मान सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

इस विवाद की पृष्ठभूमि में मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोट्टा की हत्या और उसके महज़ दो दिन बाद गुरदासपुर में 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह की हत्या की घटनाएँ हैं। इन दोनों मामलों ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अरविंद केजरीवाल और 'गुरु द्रोही' भगवंत मान ने पंजाब को पूरी तरह ड्रग माफिया के हाथों बेच दिया है। उनके अनुसार, बहादुरों की इस भूमि को 'चिट्टा' और सिरिंजों का अड्डा बना दिया गया है।

सिरसा के आरोप

दिल्ली सरकार में उद्योग, पर्यावरण, खाद्य एवं आपूर्ति, वन एवं वन्यजीव मंत्री सिरसा ने आरोप लगाया कि जब ड्रग कारोबार के खिलाफ बोलने वालों को चुप करा दिया जाता है और उन्हें कोई सुरक्षा नहीं मिलती, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि ड्रग माफिया को AAP के विधायकों और नेतृत्व का सीधा संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने दिरबा में राजनीतिक दबाव के कारण पिताओं द्वारा आत्महत्या जैसे कदम उठाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया।

सिरसा ने आगे कहा कि पंजाब को खोखले प्रचार स्टंट या झूठे वादों की नहीं, बल्कि ठोस जवाबदेही की ज़रूरत है। उनके अनुसार, जनता बहाए गए खून की हर बूंद का हिसाब माँगती है।

BJP का राजनीतिक दावा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सिरसा ने गृह मंत्री अमित शाह के वादे को दोहराते हुए कहा कि केवल BJP ही इस 'आपराधिक गठजोड़' को जड़ से समाप्त कर सकती है, ड्रग माफिया को कुचल सकती है और पंजाब को सुरक्षित, नशा-मुक्त तथा भय-मुक्त बना सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या दशकों से राजनीतिक बहस का केंद्र रही है। AAP ने 2022 के विधानसभा चुनाव में नशा उन्मूलन को अपना प्रमुख चुनावी वादा बनाया था। आलोचकों का कहना है कि सत्ता में आने के बाद धरातल पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया। वहीं, AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आगे क्या

नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्याओं के मामले में पुलिस जाँच जारी है। विपक्षी दलों ने इन घटनाओं की न्यायिक जाँच की माँग की है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और केंद्रीय राजनीति दोनों स्तरों पर और अधिक गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मानसा और गुरदासपुर की हत्याएँ महज़ आरोप-प्रत्यारोप से परे एक गंभीर ज़मीनी सच्चाई उजागर करती हैं — नशा-विरोधी आवाज़ें पंजाब में असुरक्षित हैं। AAP ने 2022 में नशा उन्मूलन को सबसे बड़ा वादा बनाया था, लेकिन चार वर्षों बाद कार्यकर्ताओं की हत्याएँ उस वादे की विफलता की कहानी बयान करती हैं। BJP का यह हमला 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले की राजनीतिक ज़मीन तैयार करने की रणनीति भी है — असली सवाल यह है कि पुलिस जाँच स्वतंत्र और निष्पक्ष होगी या नहीं।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनजिंदर सिंह सिरसा ने AAP पर क्या आरोप लगाए हैं?
दिल्ली मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया है कि पंजाब में ड्रग माफिया को AAP के विधायकों और नेतृत्व का सीधा संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने पंजाब को ड्रग माफिया के हाथों बेच दिया है।
मानसा और गुरदासपुर में हुई हत्याएँ क्या हैं?
मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोट्टा की हत्या हुई, और उसके दो दिन बाद गुरदासपुर में 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह की दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई। दोनों व्यक्ति नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए जाने जाते थे।
सिरसा ने यह बयान कहाँ और कब दिया?
सिरसा ने यह बयान 16 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए दिया। उन्होंने इसमें गृह मंत्री अमित शाह के वादे का भी हवाला दिया।
BJP का पंजाब के नशा मुद्दे पर क्या रुख है?
BJP नेता सिरसा ने दावा किया कि केवल BJP ही पंजाब में ड्रग माफिया को जड़ से खत्म कर सकती है और राज्य को सुरक्षित, नशा-मुक्त तथा भय-मुक्त बना सकती है। यह बयान 2027 के संभावित विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक महत्व रखता है।
AAP सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
सिरसा के बयान पर AAP सरकार या भगवंत मान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में पुलिस जाँच जारी बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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