पंजाब में ड्रग्स संकट पर BJP का हमला: भगवंत मान सरकार के वादे खोखले, आरपी सिंह ने गिनाई नाकामियाँ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने सोमवार, 15 जून को पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका आरोप है कि ड्रग्स की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए किए गए तमाम वादे ज़मीनी हकीकत के सामने पूरी तरह धराशायी हो चुके हैं। सिंह ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर 'भगवंत मान फेल हो गए' हैशटैग के साथ की।
मुख्य आरोप और दावे
आरपी सिंह ने कहा, "भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार के खोखले वादे पंजाब की भयानक ज़मीनी हकीकत के बोझ तले आधिकारिक तौर पर ढह गए हैं। जो प्रशासन कुछ ही महीनों में ड्रग्स की समस्या को खत्म करने के बड़े-बड़े और नाटकीय दावों के दम पर सत्ता में आया था, वह असल में शासन चलाने में नाकाम रहा है।" BJP नेता के अनुसार, ड्रग माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और आम नागरिक डर के साये में जीने को मजबूर हैं।
कोटपुरा की राम बस्ती: पलायन की त्रासदी
कोटपुरा की राम बस्ती का हवाला देते हुए सिंह ने दावा किया कि इलाके में ड्रग्स की बढ़ती समस्या के कारण कई परिवारों को अपने घरों के बाहर 'घर बिकाऊ है' के बोर्ड लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह कोई आर्थिक पलायन नहीं है, यह ज़िंदा रहने के लिए की गई एक हताश कोशिश है।" उनके अनुसार, माता-पिता अपने बच्चों को 'चिट्टा' (सिंथेटिक ड्रग) की पकड़ से बचाने के लिए पुश्तैनी घर आधी कीमत पर बेचने को तैयार हैं। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस इस त्रासदी को महज एक 'निजी झगड़ा' बताकर सरकार को राजनीतिक शर्मिंदगी से बचाने की कोशिश करती है।
होशियारपुर जेल में ड्रग्स का कथित लाइव प्रसारण
होशियारपुर सेंट्रल जेल की एक हालिया घटना का उल्लेख करते हुए BJP प्रवक्ता ने दावा किया कि एक कैदी ने कथित तौर पर जेल के अंदर से लाइव वीडियो ब्रॉडकास्ट किया, जिसमें उसने 'आईसीई' (मेथामफेटामाइन) जैसे सिंथेटिक नशीले पदार्थ दिखाए और आरोप लगाया कि जेल अधिकारी स्वयं इनकी सप्लाई लाइन चला रहे हैं। सिंह ने इसे राज्य के कानून-व्यवस्था तंत्र की घोर विफलता करार दिया।
'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान पर सवाल
AAP सरकार के बहुप्रचारित 'युद्ध नशियां विरुद्ध' (नशे के खिलाफ युद्ध) अभियान को भी BJP ने निशाने पर लिया। सिंह के अनुसार, "जब इंटरनेशनल कार्टेल और स्थानीय ड्रग बेचने वाले सरकारी जेलों के अंदर से आसानी से अपने काम का वीडियो दिखा सकते हैं, तो यह साफ है कि यह अभियान सिर्फ मीडिया में दिखावे के लिए किया गया एक बेअसर काम है।" गौरतलब है कि AAP ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में ड्रग्स उन्मूलन को अपने प्रमुख चुनावी वादों में से एक बनाया था।
आगे क्या
BJP ने माँग की है कि पंजाब सरकार दिखावटी अभियानों की जगह ठोस और जवाबदेह शासन सुनिश्चित करे। सिंह ने कहा, "फरीदकोट की गलियों से लेकर होशियारपुर की हाई-सिक्योरिटी बैरक तक, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकारी तंत्र ने राज्य के युवाओं को पूरी तरह से ड्रग माफिया के हवाले कर दिया है। पंजाब को अब ऐसी सरकार चाहिए जो असल में शासन चलाए।" AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।