क्या तरुण चुघ ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए?

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क्या तरुण चुघ ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए?

सारांश

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री मान को जनता के हित में निर्णय लेने चाहिए। इस लेख में जानिए कैसे किसानों ने इस लैंड माफिया योजना को विफल किया।

मुख्य बातें

तरुण चुघ ने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला किया है।
किसानों की आवाज को महत्व दिया गया है।
लैंड पूलिंग नीति पर रोक लगाने के लिए हाई कोर्ट का धन्यवाद।
आंदोलन में भाजपा कार्यकर्ताओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
किसानों के मुद्दे पर सभी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट होना चाहिए।

पटियाला, 17 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मान को अपने नजदीकी लोगों का समर्थन छोड़कर पंजाब की जनता के हित में निर्णय लेना चाहिए।

तरुण चुघ ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पंजाब की जनता और किसानों की महान जीत है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान जिस लैंड माफिया को पंजाब की जमीन सौंपना चाहते थे, उनकी योजना पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है। लैंड पूलिंग नीति पर रोक लगाने के लिए मैं हाई कोर्ट का धन्यवाद करता हूं।

उन्होंने भाजपा नेताओं का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं पंजाब भाजपा नेता सुनील जाखड़ और अश्विनी कुमार शर्मा का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने किसानों और पंचायतों की आवाज को लेकर राज्यपाल तक मामला पहुंचाया। साथ ही, मैं किसान यूनियनों और भाजपा कार्यकर्ताओं का भी आभारी हूं, जिन्होंने गांव-गांव में आंदोलन चलाया और इसे सफल बनाया।

तरुण चुघ ने कहा कि यह जीत सिर्फ किसानों की नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की जीत है। अब भगवंत मान सरकार का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि मान, कानून-व्यवस्था से लेकर शासन तक अपने नजदीकी लोगों के लिए निर्णय लेना बंद करें और पंजाब की जनता के लिए काम करें। पंजाब ने आपको चुना है, लेकिन अब जनता यह तय कर चुकी है कि पंजाब मांगे भाजपा।

वहीं, केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने सीएम भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तस्वीर लगाकर और उनका नाम लेकर पंजाब को लूटना बंद करें। भगवंत मान किसानों से डरकर लैंड पूलिंग पॉलिसी वापस लेने को मजबूर हुए हैं। यदि यह पॉलिसी वास्तव में सही होती, तो किसानों से माफी मांगकर वापस लेते। जब किसान धरने पर बैठे थे, तब मैं भी एक साल तक जंतर-मंतर पर उनके हक में आवाज उठाने के लिए बैठा रहा। इसी कारण मैंने भाजपा का झंडा थामा और पंजाब में डबल इंजन की सरकार देने का संकल्प लिया।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब के किसानों की जीत से आम आदमी पार्टी का चेहरा बेनकाब हो गया है। अब पंजाब के किसानों और जनता को जागरूक होना पड़ेगा, क्योंकि असली लड़ाई किसानों के खेतों में लड़ी जा रही है। चाहे नीति अरविंद केजरीवाल ने बनाई हो या किसी बड़े विदेशी नेता ने, सभी की नजरें पंजाब के किसानों पर टिकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हितों की रक्षा करते हुए दिखाया है कि सच्ची लीडरशिप क्या होती है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।

जाखड़ ने कहा कि अब सही किसान नेता सामने आएं और जिम्मेदारी लें। यदि किसानों से जुड़ी कोई गलती हुई थी, तो पीएम मोदी ने बड़ा कदम उठाकर उसे सुधार दिया है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टियां बाकी मुद्दों पर विरोध करें, लेकिन किसानों के मुद्दे पर सबको एकजुट होना पड़ेगा। मोदी सरकार की नीतियां किसानों के हित में हैं और आज पंजाब के लोग सच को पहचान रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है। परंतु, किसानों की हितों की रक्षा करना और उनके साथ संवाद स्थापित करना हर सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरुण चुघ ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए?
तरुण चुघ ने कहा कि मुख्यमंत्री मान को अपने करीबियों की हिमायत छोड़कर जनता के हित में निर्णय लेना चाहिए।
किसानों की जीत का क्या महत्व है?
किसानों की जीत का मतलब है कि उनकी आवाज सुनी गई है और लैंड माफिया की योजनाएं विफल हुई हैं।
भगवंत मान सरकार की नीतियों पर क्या प्रतिक्रिया है?
तरुण चुघ ने चेतावनी दी है कि सरकार को कानून-व्यवस्था से लेकर शासन तक अपने करीबियों के लिए फैसले लेना बंद करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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