पंजाब में नशे की ओवरडोज मौत पर भाजपा का हमला: आप को बताया 'अराजक अफीमी पार्टी'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 28 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मानसा जिले में 35 वर्षीय दलजीत सिंह की कथित तौर पर नशीली दवाओं के ओवरडोज से हुई मौत के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। BJP ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर राज्य में बढ़ती नशे की समस्या से निपटने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया और पुलिस द्वारा मृतक के शव के साथ कथित अमानवीय व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े किए।
घटनाक्रम: मानसा से मचा बवाल
मानसा निवासी दलजीत सिंह की मौत ऐसी परिस्थितियों में हुई, जिसमें उनके परिवार को मादक पदार्थों के ओवरडोज का संदेह है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मौत के बाद परिजनों ने मंगलवार को एक मुख्य सड़क पर शव रखकर यातायात रोक दिया और इलाके में कथित नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिस के साथ झड़प हो गई, और पुलिस द्वारा शव को परिवार से जबरन ले जाने की कथित घटना ने मामले को और विस्फोटक बना दिया।
भाजपा का तीखा प्रहार
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने AAP सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'पंजाब के मानसा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है... हमारे भाई दलजीत सिंह का निधन हो गया है, और उनके परिवार का कहना है कि उनकी मृत्यु नशीली दवाओं के अत्यधिक सेवन से हुई है।'
भाटिया ने आरोप लगाया कि भगवंत मान दलजीत सिंह को जीते-जी सम्मान नहीं दे सके और मृत्यु के बाद भी उनकी सरकार 'पार्थिव शरीर का सम्मान करने में विफल रही।' उन्होंने दावा किया कि 'पंजाब पुलिस को भगवंत मान के निर्देश पर परिवार से जबरन शव छीनकर सड़क पर घसीटते देखा गया।' BJP प्रवक्ता ने आगे आरोप लगाया कि भगवंत मान पंजाब में 'चिट्टा' (हेरोइन) की आपूर्ति करने वालों की 'कठपुतली' हैं — यह एक गंभीर राजनीतिक आरोप है जिसका AAP सरकार की ओर से तत्काल कोई जवाब नहीं आया।
सांस्कृतिक गरिमा का मुद्दा
भाटिया ने पुलिसिया कार्रवाई को सिख समुदाय की भावनाओं से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, 'पगड़ी सिखों और पंजाब की पहचान और गरिमा का प्रतीक है। लेकिन जब पुलिस शव ले जाने आई, तो उनके बाल जमीन को छू रहे थे, जबकि वर्दीधारी पुलिसकर्मी शरीर को बेरहमी से घसीट रहे थे।' इस बयान ने मामले को राजनीतिक के साथ-साथ सामाजिक-सांस्कृतिक मोर्चे पर भी खड़ा कर दिया है।
भाजपा की राजनीतिक चुनौती
भाटिया ने AAP को 'अराजक अफीमी पार्टी' करार देते हुए चेतावनी दी कि BJP पंजाब सरकार के 'इस अहंकार को चुनौती देगी।' उन्होंने मुख्यमंत्री मान के नाम पर व्यंग्य करते हुए उन्हें 'भगोड़ा' कहा और सवाल किया कि क्या पंजाब की जनता 'ऐसे अक्षम मुख्यमंत्री को फिर से चुनेगी?'
गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या दशकों पुरानी है और हर चुनावी मौसम में यह मुद्दा केंद्र में आ जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। AAP सरकार ने 2022 के चुनाव में नशा-मुक्ति को प्रमुख वादों में शामिल किया था, और आलोचकों का कहना है कि ज़मीनी हकीकत अभी भी बदली नहीं है।
आगे क्या होगा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारण की पुष्टि होगी, जो राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक आधार प्रदान करेगी। परिवार ने जवाबदेही की मांग जारी रखी है, और पुलिस तथा प्रशासन पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। BJP के इस हमले के बाद AAP की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।