फ्लावियो बोल्सोनारो के ब्राजील से फरार होने की खबर, पासपोर्ट रद्द; लूला ने कहा — 'शर्मनाक'
सारांश
मुख्य बातें
फ्लावियो बोल्सोनारो — ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे और लिबरल पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार — के मंगलवार, 28 अक्टूबर 2026 को देश छोड़ने की खबरों ने ब्राजील में गंभीर राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। कथित तौर पर वह सुप्रीम फेडरल कोर्ट द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने सामान्य और राजनयिक पासपोर्ट जमा करने में विफल रहे, जिसके बाद उनके दोनों पासपोर्ट रद्द कर दिए गए। मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बीच उनकी संभावित विदेश यात्रा ने ब्राजील की न्यायिक और राजनीतिक व्यवस्था को हिला दिया है।
चुनावी नतीजे और हार का संदर्भ
रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो को मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से पराजय का सामना करना पड़ा। आधिकारिक मतगणना के अनुसार लूला को 51.79 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। इससे पहले 4 अक्टूबर को हुए पहले दौर के मतदान में किसी भी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था।
इस जीत के साथ लूला चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति पद की ज़िम्मेदारी संभालेंगे। उनका शपथ ग्रहण 5 जनवरी 2027 को निर्धारित है और कार्यकाल चार वर्ष का होगा। गौरतलब है कि यह उनकी राजनीतिक वापसी की भी कहानी है — वह स्वयं 2018 में भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल जा चुके थे।
पासपोर्ट रद्द और देश छोड़ने की कथित खबर
ब्राजील के सुप्रीम फेडरल कोर्ट के न्यायाधीश अलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने बोल्सोनारो को अपने पासपोर्ट संघीय पुलिस को सौंपने और देश न छोड़ने का आदेश दिया था। यह आदेश बोल्सोनारो और वकील विलर तोमाज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग संदेह की जांच के तहत दिया गया था, जिसमें खेल सट्टेबाजी उद्योग से जुड़ी कंपनियों के साथ वित्तीय संबंधों की पड़ताल भी शामिल है। इसके अलावा, बोल्सोनारो अपने पिता पर बन रही एक बायोपिक फिल्म के वित्तपोषण को लेकर भी जांच के दायरे में हैं।
बोल्सोनारो ने सोमवार को कहा था कि वह पासपोर्ट जमा करने के अनुरोध का पालन करेंगे और देश छोड़कर भागने की किसी भी योजना से इनकार किया था। लेकिन समयसीमा समाप्त होने से पहले दस्तावेज़ जमा न होने पर उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए गए। बाद में उनके अमेरिका रवाना होने की खबरें सामने आईं, हालांकि यात्रा मार्ग की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।
अर्जेंटीना के आव्रजन विभाग ने कथित तौर पर बुधवार को बताया कि बोल्सोनारो और उनका परिवार मंगलवार देर रात एक निजी विमान से इक्वाडोर के लिए रवाना हुए थे। हालांकि, इक्वाडोर के विदेश मंत्रालय ने इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। फिलहाल बोल्सोनारो और उनके परिवार की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं है। ब्राजील की आव्रजन नियंत्रण प्रणाली में भी ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है जिससे संकेत मिले कि उन्होंने नियमित सीमा जांच प्रक्रिया के ज़रिए देश छोड़ा। संघीय पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह देश से बाहर गए हैं या नहीं, और यदि गए हैं तो किस मार्ग से।
लूला और अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी मीडिया ने मंगलवार को विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका बोल्सोनारो और उनके परिवार को प्रवेश की अनुमति देने के लिए वीजा जारी करेगा। इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति लूला ने अल्वोरादा पैलेस के बाहर एकत्र समर्थकों से कहा, "मुझे अफसोस है कि वह ब्राजील छोड़कर चले गए... उनका ब्राजील छोड़ने का फैसला शर्मनाक है।"
लूला ने अदालत के आदेश का पालन न करने को लेकर भी बोल्सोनारो की आलोचना की। उन्होंने याद दिलाया कि 2018 में जब उन्हें स्वयं अपना पासपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया था, तब उन्होंने ऐसा किया था और अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए ब्राजील में ही रहे थे।
चुनाव परिणाम पर विवाद और ट्रंप का बयान
चुनाव परिणाम आने के बाद बोल्सोनारो ने राजधानी ब्रासीलिया में कहा था कि परिणामों को स्वीकार करना 'असंभव' है। उन्होंने चुनाव रद्द करने की माँग करते हुए आरोप लगाया कि मतदान के समय में दो घंटे की बढ़ोतरी से मतदाताओं के साथ असमान व्यवहार हुआ। हालांकि, उनकी लिबरल पार्टी ने सोमवार को औपचारिक रूप से लूला की जीत स्वीकार कर ली, और उन्हें समर्थन देने वाले रिपब्लिकन्स, ब्राजीलियन डेमोक्रेटिक मूवमेंट तथा प्रोग्रेसिव्स दलों ने भी लूला की जीत को मान्यता दी।
इसी बीच, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव को 'एक और धांधली वाला चुनाव' जैसा बताया था और मतदान का समय बढ़ाए जाने के फैसले को 'बहुत अजीब' करार दिया था। ब्राजील के उपराष्ट्रपति गेराल्डो अल्कमिन ने ट्रंप के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "किसी दूसरे देश की राजनीति में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। ब्राजील इलेक्ट्रॉनिक मतदान और कानूनी सुरक्षा उपायों के मामले में वास्तव में दुनिया के लिए एक उदाहरण है। लोकतंत्र इसी तरह काम करता है — आप जीतते हैं या हारते हैं, और फैसला जनता करती है।"
विदेशी हस्तक्षेप की जांच
ब्राजील के सुप्रीम फेडरल कोर्ट ने मंगलवार को संघीय पुलिस को देश की चुनावी प्रक्रिया में संभावित विदेशी हस्तक्षेप की जांच शुरू करने का आदेश दिया। न्यायाधीश फ्लावियो डिनो के आदेश में ऐसे संकेतों का उल्लेख किया गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम में कथित तौर पर बदलाव कर रूढ़िवादी उम्मीदवार बोल्सोनारो को फायदा पहुँचाने की कोशिश की गई। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे लैटिन अमेरिका में चुनावों में डिजिटल हस्तक्षेप को लेकर चिंताएँ गहरी होती जा रही हैं।
गौरतलब है कि फ्लावियो के पिता जायर बोल्सोनारो 2022 के चुनाव में हार के बाद तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में 27 साल और तीन महीने की सजा काट रहे हैं और घर में नजरबंद हैं। इस पृष्ठभूमि में फ्लावियो का यह कदम ब्राजील के लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए एक निर्णायक परीक्षा बन गया है।