ब्राजील चुनाव 2026: लूला ने दूसरे दौर में बोल्सोनारो के बेटे को हराया, चौथी बार बनेंगे राष्ट्रपति
सारांश
मुख्य बातें
ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक नतीजों के अनुसार, वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार और मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने 26 अक्टूबर 2026 को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर (रनऑफ) में निर्णायक जीत दर्ज की है। 99.89 प्रतिशत मतों की गणना पूरी होने पर लूला को कुल वैध वोटों का 51.78 प्रतिशत हिस्सा मिला, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.23 प्रतिशत वोट मिले। यह लूला का चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल होगा।
मतदान परिणाम और मुख्य आँकड़े
लिबरल पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र फ्लेवियो बोल्सोनारो ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन अंततः वे लूला को रोकने में नाकाम रहे। गौरतलब है कि 4 अक्टूबर को हुए पहले दौर के मतदान में फ्लेवियो बोल्सोनारो 47.03 प्रतिशत वोटों के साथ आगे थे, जबकि लूला केवल 45.16 प्रतिशत वोट ही पा सके थे। इस पहले दौर के नतीजे के बाद लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े देश में तीन सप्ताह तक जोरदार चुनाव प्रचार चला, जिसके बाद दूसरे दौर में लूला ने शानदार वापसी की।
लूला का ऐतिहासिक चौथा कार्यकाल
लूला 5 जनवरी 2027 को चार साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और 2027 से 2030 तक शासन करेंगे। यह उनका चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल है, जो उन्हें ब्राजील के राजनीतिक इतिहास में एक असाधारण स्थान देता है। हालाँकि, उनके सामने एक चुनौतीपूर्ण संसदीय परिदृश्य होगा — बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी के पास ब्राजीलियाई कांग्रेस (संसद) में दशकों में सबसे अधिक सीटें हैं।
भू-राजनीतिक संदर्भ और क्षेत्रीय प्रभाव
आलोचकों का कहना है कि लूला की इस जीत ने लैटिन अमेरिका में उस दक्षिणपंथी राजनीतिक उभार को एक झटका दिया है जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में दक्षिणपंथी और वामपंथी राजनीतिक शक्तियों के बीच तीव्र ध्रुवीकरण देखा जा रहा है। ब्राजील दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और G20 का सदस्य है, इसलिए यहाँ की सत्ता-परिवर्तन का वैश्विक कूटनीति पर भी असर पड़ेगा।
लूला का संदेश और '6x1' श्रम सुधार का वादा
जीत के तुरंत बाद रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लूला ने लिखा: 'एक बार फिर, ब्राजील की जनता ने मुझे दिखाया कि जब हम साथ मिलकर चलते हैं, तो कोई भी सपना बहुत बड़ा नहीं होता। हमने इन दिनों खूब मेहनत की। हर कदम, हर काम और हर मार्च, केवल चुनाव प्रचार के पल नहीं थे। ये सपनों के साक्षात होने का प्रमाण थे, जो ठोस उपलब्धियों में बदल गए — जैसे कि 6x1 कार्यदिवस (सप्ताह में 6 दिन काम) का अंत।' उन्होंने यह भी कहा कि 'हम इस सफर से और अधिक मजबूत, एकजुट और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए तैयार होकर निकले हैं।'
आगे की राह: चुनौतियाँ और प्राथमिकताएँ
लूला के नए कार्यकाल की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती एक ऐसी विपक्ष-बहुल संसद के साथ काम करना होगी, जहाँ लिबरल पार्टी का दशकों में सबसे मजबूत बहुमत है। श्रम सुधार, विशेषकर '6x1' कार्यदिवस नीति को समाप्त करने का वादा, उनके कार्यकाल की प्रमुख परीक्षाओं में से एक होगा। 5 जनवरी 2027 की शपथ-ग्रहण समारोह तक राजनीतिक माहौल कितना बदलता है, यह देखना अहम होगा।