26 अक्टूबर 2026
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ब्राजील चुनाव 2026: लूला ने दूसरे दौर में बोल्सोनारो के बेटे को हराया, चौथी बार बनेंगे राष्ट्रपति

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ब्राजील चुनाव 2026: लूला ने दूसरे दौर में बोल्सोनारो के बेटे को हराया, चौथी बार बनेंगे राष्ट्रपति

सारांश

पहले दौर में पीछे रहने के बावजूद लूला ने दूसरे दौर में फ्लेवियो बोल्सोनारो को 51.78% बनाम 48.23% से हराया — यह जीत लैटिन अमेरिका में ट्रंप-समर्थित दक्षिणपंथी लहर के खिलाफ वामपंथी राजनीति की वापसी का संकेत है। लूला का चौथा कार्यकाल 5 जनवरी 2027 से शुरू होगा।

मुख्य बातें

लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने 26 अक्टूबर 2026 के रनऑफ में 51.78% वोट पाकर जीत दर्ज की।
फ्लेवियो बोल्सोनारो (लिबरल पार्टी) को 48.23% वोट मिले; पहले दौर में वे 47.03% के साथ आगे थे।
लूला 5 जनवरी 2027 को शपथ लेंगे — यह उनका चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल होगा।
ब्राजीलियाई संसद में लिबरल पार्टी के पास दशकों में सबसे अधिक सीटें, जो लूला के लिए बड़ी विधायी चुनौती होगी।
लूला ने जीत के बाद एक्स पर पोस्ट में '6x1' कार्यदिवस समाप्त करने को अपनी प्रमुख उपलब्धि बताया।

ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक नतीजों के अनुसार, वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार और मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने 26 अक्टूबर 2026 को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर (रनऑफ) में निर्णायक जीत दर्ज की है। 99.89 प्रतिशत मतों की गणना पूरी होने पर लूला को कुल वैध वोटों का 51.78 प्रतिशत हिस्सा मिला, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.23 प्रतिशत वोट मिले। यह लूला का चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल होगा।

मतदान परिणाम और मुख्य आँकड़े

लिबरल पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र फ्लेवियो बोल्सोनारो ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन अंततः वे लूला को रोकने में नाकाम रहे। गौरतलब है कि 4 अक्टूबर को हुए पहले दौर के मतदान में फ्लेवियो बोल्सोनारो 47.03 प्रतिशत वोटों के साथ आगे थे, जबकि लूला केवल 45.16 प्रतिशत वोट ही पा सके थे। इस पहले दौर के नतीजे के बाद लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े देश में तीन सप्ताह तक जोरदार चुनाव प्रचार चला, जिसके बाद दूसरे दौर में लूला ने शानदार वापसी की।

लूला का ऐतिहासिक चौथा कार्यकाल

लूला 5 जनवरी 2027 को चार साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और 2027 से 2030 तक शासन करेंगे। यह उनका चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल है, जो उन्हें ब्राजील के राजनीतिक इतिहास में एक असाधारण स्थान देता है। हालाँकि, उनके सामने एक चुनौतीपूर्ण संसदीय परिदृश्य होगा — बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी के पास ब्राजीलियाई कांग्रेस (संसद) में दशकों में सबसे अधिक सीटें हैं।

भू-राजनीतिक संदर्भ और क्षेत्रीय प्रभाव

आलोचकों का कहना है कि लूला की इस जीत ने लैटिन अमेरिका में उस दक्षिणपंथी राजनीतिक उभार को एक झटका दिया है जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में दक्षिणपंथी और वामपंथी राजनीतिक शक्तियों के बीच तीव्र ध्रुवीकरण देखा जा रहा है। ब्राजील दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और G20 का सदस्य है, इसलिए यहाँ की सत्ता-परिवर्तन का वैश्विक कूटनीति पर भी असर पड़ेगा।

लूला का संदेश और '6x1' श्रम सुधार का वादा

जीत के तुरंत बाद रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लूला ने लिखा: 'एक बार फिर, ब्राजील की जनता ने मुझे दिखाया कि जब हम साथ मिलकर चलते हैं, तो कोई भी सपना बहुत बड़ा नहीं होता। हमने इन दिनों खूब मेहनत की। हर कदम, हर काम और हर मार्च, केवल चुनाव प्रचार के पल नहीं थे। ये सपनों के साक्षात होने का प्रमाण थे, जो ठोस उपलब्धियों में बदल गए — जैसे कि 6x1 कार्यदिवस (सप्ताह में 6 दिन काम) का अंत।' उन्होंने यह भी कहा कि 'हम इस सफर से और अधिक मजबूत, एकजुट और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए तैयार होकर निकले हैं।'

आगे की राह: चुनौतियाँ और प्राथमिकताएँ

लूला के नए कार्यकाल की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती एक ऐसी विपक्ष-बहुल संसद के साथ काम करना होगी, जहाँ लिबरल पार्टी का दशकों में सबसे मजबूत बहुमत है। श्रम सुधार, विशेषकर '6x1' कार्यदिवस नीति को समाप्त करने का वादा, उनके कार्यकाल की प्रमुख परीक्षाओं में से एक होगा। 5 जनवरी 2027 की शपथ-ग्रहण समारोह तक राजनीतिक माहौल कितना बदलता है, यह देखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह भी एक ऐसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जिसे ट्रंप-प्रभाव की आँधी का सहारा था, यह दिखाता है कि श्रम-केंद्रित राजनीति अभी भी ब्राजील के मतदाताओं को गोलबंद कर सकती है। लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है: एक विपक्ष-प्रभुत्व वाली संसद के साथ '6x1' जैसे महत्वाकांक्षी श्रम सुधार को अमल में लाना आसान नहीं होगा। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि 48.23% वोट पाने वाला पक्ष किसी भी तरह से हाशिये पर नहीं है — ब्राजील आधे-आधे में बँटा हुआ देश है, और लूला को एकजुट करने का वादा निभाने की कड़ी परीक्षा देनी होगी।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव 2026 में लूला ने कितने वोटों से जीत दर्ज की?
ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 99.89% मतों की गणना के बाद लूला को 51.78% और फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.23% वोट मिले। यह जीत दूसरे दौर (रनऑफ) में 26 अक्टूबर 2026 को मिली।
लूला कब राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और उनका कार्यकाल कब तक होगा?
लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा 5 जनवरी 2027 को ब्राजील के राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और 2027 से 2030 तक चार साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। यह उनका चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल होगा।
पहले दौर में क्या हुआ था और लूला कैसे पलटे?
4 अक्टूबर के पहले दौर में फ्लेवियो बोल्सोनारो 47.03% वोटों के साथ आगे थे, जबकि लूला 45.16% पर थे। इसके बाद तीन सप्ताह के गहन चुनाव प्रचार के दौरान लूला ने समर्थन जुटाया और दूसरे दौर में बाज़ी पलट दी।
लूला के नए कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी?
लूला को एक ऐसी ब्राजीलियाई संसद (कांग्रेस) के साथ काम करना होगा जिसमें विपक्षी लिबरल पार्टी के पास दशकों में सबसे अधिक सीटें हैं। इसके अलावा, '6x1' कार्यदिवस नीति समाप्त करने जैसे श्रम सुधारों को संसद में पारित कराना एक बड़ी परीक्षा होगी।
फ्लेवियो बोल्सोनारो कौन हैं और उन्होंने चुनाव में क्या हासिल किया?
फ्लेवियो बोल्सोनारो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र और लिबरल पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। पहले दौर में बढ़त के बावजूद वे दूसरे दौर में लूला से हार गए, लेकिन 48.23% वोटों के साथ उन्होंने दर्शाया कि दक्षिणपंथी राजनीति ब्राजील में अभी भी मजबूत है।
राष्ट्र प्रेस
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