5 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ब्राजील चुनाव पहला दौर: फ्लावियो बोल्सोनारो ने लूला को पीछे छोड़ा, 25 अक्टूबर को होगा निर्णायक मुकाबला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ब्राजील चुनाव पहला दौर: फ्लावियो बोल्सोनारो ने लूला को पीछे छोड़ा, 25 अक्टूबर को होगा निर्णायक मुकाबला

सारांश

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो ने 47.3% वोटों के साथ लूला (44.8%) को पीछे छोड़ा। दोनों के बीच 25 अक्टूबर को होने वाला निर्णायक मुकाबला लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगा — और बोल्सोनारो परिवार की राजनीतिक वापसी का फैसला भी।

मुख्य बातें

फ्लावियो बोल्सोनारो को ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में लगभग 47.3 प्रतिशत मत मिले।
मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को करीब 44.8 प्रतिशत वोट मिले; कोई भी 50 प्रतिशत का आँकड़ा नहीं छू सका।
दोनों उम्मीदवारों के बीच 25 अक्टूबर 2026 को निर्णायक दूसरे दौर का मतदान होगा।
फ्लावियो, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र हैं, जो 2022 के चुनाव में लूला से हार चुके थे।
महंगाई, अपराध, लोकतंत्र और अमेरिका के साथ संबंध चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे।

ब्राजील में 5 अक्टूबर 2026 को हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा पर बढ़त हासिल कर ली है। मतगणना के आँकड़ों के अनुसार, फ्लावियो को लगभग 47.3 प्रतिशत मत मिले, जबकि लूला को करीब 44.8 प्रतिशत वोट हासिल हुए। चूँकि कोई भी उम्मीदवार 50 प्रतिशत से अधिक मत नहीं पा सका, इसलिए ब्राजील के संवैधानिक प्रावधानों के तहत दोनों शीर्ष प्रतिद्वंद्वियों के बीच 25 अक्टूबर 2026 को निर्णायक दूसरे दौर का मतदान होगा।

पहले दौर के नतीजे और राजनीतिक समीकरण

फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र हैं, जो 2019 से 2022 तक ब्राजील की सत्ता में रहे थे। 2022 के चुनाव में जायर को लूला दा सिल्वा से पराजय मिली थी, और उसके बाद उनके समर्थकों की ओर से चुनाव परिणामों को चुनौती देने की कोशिशों ने देश की राजनीति को लंबे समय तक अस्थिर रखा। फ्लावियो की इस मजबूत शुरुआत से साफ है कि बोल्सोनारो परिवार का राजनीतिक प्रभाव अभी भी बरकरार है।

यह ऐसे समय में आया है जब लूला सरकार पर महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर जनता में असंतोष की खबरें आती रही हैं। गौरतलब है कि ब्राजील की राजनीति में वैचारिक ध्रुवीकरण पिछले कई वर्षों से गहरा होता जा रहा है।

वैचारिक खाई और प्रमुख चुनावी मुद्दे

एक तरफ लूला दा सिल्वा का वामपंथी गठबंधन है, जिसने अपने कार्यकाल में सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और आर्थिक समानता को प्राथमिकता दी है। दूसरी तरफ फ्लावियो बोल्सोनारो अपने पिता की दक्षिणपंथी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का दावा कर रहे हैं।

चुनाव अभियान में महंगाई, अपराध नियंत्रण, लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा, धर्म और अमेरिका के साथ ब्राजील के संबंध जैसे मुद्दे केंद्र में रहे। आर्थिक स्थिति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी चिंताएँ भी मतदाताओं के लिए अहम बनी रहीं।

दूसरे दौर में तीसरे उम्मीदवारों के मतदाताओं की भूमिका

दूसरे दौर के 25 अक्टूबर के मतदान में वे मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं जिन्होंने पहले दौर में अन्य उम्मीदवारों को वोट दिया था। चुनावी मुकाबला बेहद करीबी रहने के कारण छोटे दलों और पहले दौर में बाहर हुए उम्मीदवारों के समर्थकों का रुझान दोनों प्रमुख खेमों के लिए महत्वपूर्ण होगा। दोनों खेमे अब इन मतदाताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश में जुट गए हैं।

ब्राजील की वैश्विक और क्षेत्रीय अहमियत

ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और क्षेत्रीय राजनीति में उसका विशेष स्थान है। राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम देश की घरेलू नीतियों के साथ-साथ उसकी विदेश नीति और वैश्विक मंच — जैसे G20 और ब्रिक्स — पर उसकी भूमिका को भी प्रभावित कर सकता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल चुनावी तस्वीर खुली है। 25 अक्टूबर 2026 का दूसरा दौर ब्राजील के अगले राष्ट्रपति का फैसला करेगा। अंतर महज ढाई प्रतिशत अंकों का होने के कारण विश्लेषकों का मानना है कि यह मुकाबला अंत तक अनिश्चित बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे 2022 में हार के बाद खत्म मान लिया गया था। लूला सरकार के चार साल के कार्यकाल में सामाजिक कार्यक्रमों के बावजूद महंगाई और असुरक्षा की भावना ने मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग नाराज किया है। 25 अक्टूबर का दूसरा दौर सिर्फ दो नेताओं का नहीं, बल्कि दो परस्पर विरोधी विश्वदृष्टियों का टकराव होगा — और इसका असर ब्राजील की विदेश नीति, G20 में उसकी भूमिका और लैटिन अमेरिका के भू-राजनीतिक संतुलन पर भी पड़ेगा।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव 2026 के पहले दौर में क्या हुआ?
5 अक्टूबर 2026 को हुए पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो को लगभग 47.3 प्रतिशत और लूला दा सिल्वा को करीब 44.8 प्रतिशत वोट मिले। चूँकि किसी को भी 50 प्रतिशत से अधिक मत नहीं मिले, इसलिए ब्राजील के नियमों के तहत 25 अक्टूबर को दूसरा दौर होगा।
फ्लावियो बोल्सोनारो कौन हैं?
फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व ब्राजीली राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र और दक्षिणपंथी नेता हैं। वे अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस चुनाव में उतरे हैं; जायर 2019 से 2022 तक राष्ट्रपति रहे थे और 2022 में लूला से हार गए थे।
ब्राजील चुनाव का दूसरा दौर कब होगा और क्यों जरूरी है?
ब्राजील में दूसरा दौर 25 अक्टूबर 2026 को होगा। पहले दौर में किसी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वोट न मिलने पर ब्राजील के संवैधानिक प्रावधानों के तहत शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच निर्णायक मतदान अनिवार्य होता है।
ब्राजील के इस चुनाव में कौन-से प्रमुख मुद्दे हैं?
चुनाव अभियान में महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत, अपराध नियंत्रण, लोकतंत्र की रक्षा, धर्म और अमेरिका के साथ ब्राजील के संबंध प्रमुख मुद्दे रहे हैं। आर्थिक स्थिति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी चिंताएँ भी मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
दूसरे दौर में किसके जीतने की संभावना अधिक है?
पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो की लगभग 2.5 प्रतिशत अंकों की बढ़त है, लेकिन मुकाबला बेहद करीबी है। पहले दौर में अन्य उम्मीदवारों को वोट देने वाले मतदाताओं का रुझान निर्णायक साबित हो सकता है; विश्लेषकों के अनुसार अंतिम नतीजा अनिश्चित बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले