ब्राजील चुनाव: हार के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो को पासपोर्ट जमा करने का आदेश, देश छोड़ने पर प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
ब्राजील की सुप्रीम फेडरल कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंडर डी मोरेस ने राष्ट्रपति चुनाव हारने वाले उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को अपना पासपोर्ट संघीय पुलिस के पास जमा करने का आदेश दिया है और उन पर ब्राजील छोड़ने पर पाबंदी लगा दी है। यह आदेश 27 अक्टूबर को सामने आया, ठीक उसके एक दिन बाद जब मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने निर्णायक दूसरे दौर में जीत हासिल की।
आदेश की पृष्ठभूमि और जाँच का दायरा
ब्राजीली मीडिया और सरकारी समाचार स्रोतों के अनुसार, यह गोपनीय न्यायिक आदेश फ्लावियो बोल्सोनारो और वकील विलर टोमाज से जुड़े एक चल रहे जाँच मामले का हिस्सा है। संघीय पुलिस दोनों के खिलाफ धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और अवैध विदेशी मुद्रा लेनदेन के आरोपों की जाँच कर रही है।
न्यायाधीश मोरेस ने बोल्सोनारो को वकील विलर टोमाज से किसी भी प्रकार का संपर्क करने से भी प्रतिबंधित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव परिणामों पर राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।
चुनाव परिणाम और विवाद
रविवार, 26 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे और निर्णायक दौर में लूला दा सिल्वा ने 51.79 प्रतिशत वैध वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वोट मिले। ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट ने रविवार की रात परिणाम घोषित किए।
गौरतलब है कि 4 अक्टूबर को हुए पहले चरण में बोल्सोनारो लगभग 47 प्रतिशत वोट पाकर आगे रहे थे, जबकि लूला दा सिल्वा को करीब 45 प्रतिशत वोट मिले थे। चुनावी नियमों के अनुसार पहले चरण में 50 प्रतिशत से अधिक वोट न मिलने पर दोनों शीर्ष उम्मीदवारों के बीच दूसरा दौर अनिवार्य होता है।
बोल्सोनारो की आपत्तियाँ और कानूनी चुनौती
परिणाम आने के बाद ब्रासीलिया में बोलते हुए फ्लावियो बोल्सोनारो ने चुनाव नतीजों को स्वीकार करना 'असंभव' बताया और चुनाव रद्द करने की माँग की। उनका आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदान का समय दो घंटे बढ़ाने के आदेश से मतदाताओं के साथ असमान व्यवहार हुआ।
उल्लेखनीय है कि मतदान-समय विस्तार का आदेश सार्वजनिक परिवहन में बाधाओं और भारी बारिश के चलते दिया गया था, और यह केवल उन केंद्रों पर लागू हुआ जो उस समय खुले थे — जो केंद्र पहले बंद हो चुके थे, उन्हें दोबारा नहीं खोला गया। बोल्सोनारो की कानूनी टीम के चुनाव परिणामों को अदालत में चुनौती देने की तैयारी की बात कही जा रही है।
क्या होगा आगे
लूला दा सिल्वा की जीत के साथ वे एक बार फिर ब्राजील के राष्ट्रपति पद पर बने रहने में सफल रहे हैं। वहीं फ्लावियो बोल्सोनारो पर न केवल न्यायिक प्रतिबंध लागू हैं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच भी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में ब्राजील में राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज रह सकती है। पासपोर्ट जमा कराने का यह आदेश ब्राजीली लोकतंत्र और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित कर रहा है।