क्या ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो नजरबंद हुए?
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नई दिल्ली, ५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को नजरबंद करने का आदेश दिया है। उन पर २०२२ का चुनाव हारने के बाद कथित तौर पर तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगा है। अमेरिका ने बोल्सोनारो के नजरबंद किए जाने की निंदा की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ पर लिखा, "मैंने देखा है कि आपके खिलाफ एक अन्यायपूर्ण व्यवस्था भयानक व्यवहार कर रही है। यह मुकदमा तुरंत समाप्त होना चाहिए।"
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "न्यायमूर्ति एलेक्जेंडर डी मोरेस ब्राजीलियाई संस्थानों का उपयोग विपक्ष को चुप कराने और लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए कर रहे हैं। अमेरिका उन सभी लोगों को जिम्मेदार ठहराएगा जो इन प्रतिबंधित गतिविधियों में सहयोग कर रहे हैं।"
न्यायमूर्ति एलेक्जेंडर डी मोरेस ने जेयर बोल्सोनारो को सोमवार को नजरबंद किए जाने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथी नेता ने पिछले महीने सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन किया। रविवार को देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनकारी पूर्व राष्ट्रपति के समर्थन में सड़कों पर उतरे, जबकि बोल्सोनारो ने अपने सहयोगियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स का उपयोग सुप्रीम फेडरल कोर्ट पर हमले के लिए और ब्राजील की न्यायपालिका में विदेशी हस्तक्षेप के लिए समर्थन वाले संदेश साझा करने के लिए किया।
जेयर बोल्सोनारो को ब्रासीलिया के दक्षिण में उनकी किराए की हवेली में नजरबंद करने का आदेश दिया गया है। उनसे मिलने की अनुमति केवल उनके परिवार के करीबी सदस्यों और वकीलों को दी जाएगी। पूर्व राष्ट्रपति से मिलने के लिए अधिकृत आगंतुकों को मोबाइल फोन का उपयोग करने, फोटो लेने या वीडियो रिकॉर्ड करने की अनुमति नहीं होगी।
बोल्सोनारो के प्रेस प्रतिनिधि ने पुष्टि की कि सोमवार शाम को पुलिस ने उनके ब्रासीलिया स्थित आवास पर उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया और उन्हें नजरबंद कर दिया। बोल्सोनारो के वकीलों ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। उन्होंने तर्क किया कि उन्होंने किसी भी अदालती आदेश का उल्लंघन नहीं किया है।
जेयर बोल्सोनारो पर ब्राजील सरकार और न्यायपालिका की तरफ से शिकंजा कसा जा रहा है। बोल्सोनारो अमेरिका का करीबी माना जाता है। बढ़ते शिकंजे के बीच अमेरिका ने ब्राजील पर ५० प्रतिशत टैरिफ लगा दिया। रविवार को बोल्सोनारो के समर्थन में उतरे प्रशंसक 'थैंक्यू ट्रंप' का बैनर लिए हुए थे। इसे सरकार और न्यायपालिका देशद्रोह के रूप में देख रही है।