ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव 2026: 16 करोड़ मतदाता आज करेंगे फैसला, लूला vs फ्लावियो बोल्सोनारो में कड़ी टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण का मतदान रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को हो रहा है, जिसमें करीब 16 करोड़ (159 मिलियन) मतदाता वर्तमान राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच अपना फैसला सुनाएंगे। स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाले इस मतदान के नतीजे मतदान समाप्त होने के कुछ घंटों के भीतर आने की संभावना है। मतदान से एक दिन पहले लूला के दस लाख से अधिक समर्थकों ने समर्थन रैली निकाली।
पहले चरण का गणित और मौजूदा स्थिति
पहले चरण में फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.03 प्रतिशत वैध वोट मिले थे, जबकि लूला को 45.16 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे। इस तरह फ्लावियो ने लूला पर करीब 1.87 प्रतिशत अंक की बढ़त बनाई थी। किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वैध वोट न मिलने के कारण चुनाव दूसरे चरण में पहुंचा।
गौरतलब है कि 24 अक्टूबर 2026 को जारी CNT/MDA सर्वेक्षण में वैध मतों के आधार पर फ्लावियो को 50.7 प्रतिशत और लूला को 49.3 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान लगाया गया। अन्य सर्वेक्षणों में भी दोनों के बीच मामूली अंतर दिखाई दिया, हालांकि सर्वेक्षणों के आधार पर चुनाव के अंतिम नतीजे का निश्चित अनुमान लगाना संभव नहीं है।
दोनों उम्मीदवारों के मुख्य मुद्दे
लूला ने अपने चुनाव प्रचार में सामाजिक कल्याण योजनाओं, कर राहत और काम के घंटों में कमी जैसे प्रस्तावों के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की है। उनके पिछले कार्यकाल आर्थिक वृद्धि और गरीबी उन्मूलन की नीतियों के लिए जाने जाते हैं। मौजूदा कार्यकाल में, हालांकि, उनकी सरकार को जीवन-यापन की बढ़ती लागत और अपराध को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।
वहीं, फ्लावियो बोल्सोनारो — जो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के पुत्र हैं — ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और संगठित अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का वादा किया है। उनकी राजनीतिक विचारधारा काफी हद तक उनके पिता की रूढ़िवादी नीतियों से जुड़ी मानी जाती है। उल्लेखनीय है कि पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो 2022 के चुनाव में हार के बाद तख्तापलट की साजिश से संबंधित मामले में 27 साल की सजा काट रहे हैं।
अनिर्णीत मतदाताओं की भूमिका
दूसरे चरण में उन मतदाताओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिन्होंने पहले चरण में किसी अन्य उम्मीदवार को वोट दिया था या जो मतदान में हिस्सा नहीं ले सके थे। ब्राजील में मतदान अनिवार्य है और पहले चरण में मतदान न करने वाले मतदाता भी दूसरे चरण में वोट डाल सकते हैं। दोनों उम्मीदवारों ने अंतिम दिनों में ऐसे मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्रचार अभियान तेज किया।
यह ऐसे समय में आया है जब पहले चरण में फ्लावियो की मामूली बढ़त के बावजूद दूसरे चरण का मुकाबला पूरी तरह खुला माना जा रहा है। इस चुनाव में अर्थव्यवस्था, महंगाई, अपराध और राष्ट्रीय संप्रभुता प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
वैश्विक और क्षेत्रीय निहितार्थ
इस चुनाव का असर ब्राजील की विदेश नीति पर भी पड़ सकता है। लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में ब्राजील के अमेरिका और चीन के साथ संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लावियो बोल्सोनारो के प्रति अपना समर्थन जताया है।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली के चलते नतीजे मतदान समाप्त होते ही कुछ घंटों में स्पष्ट हो जाने की उम्मीद है। जो भी उम्मीदवार जीतेगा, वह लैटिन अमेरिका की भू-राजनीतिक दिशा पर दीर्घकालिक प्रभाव डालेगा।