ब्राजील चुनाव 2026: लूला का बड़ा दांव — 'बोल्सा फमीलिया' में 15% बढ़ोतरी और मुफ्त वजन घटाने वाली दवा का वादा
सारांश
मुख्य बातें
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने 4 अक्टूबर 2026 को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से महज दो सप्ताह पहले दो बड़े चुनावी वादे किए हैं — देश के प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रम 'बोल्सा फमीलिया' के मासिक भुगतान में 15 फीसदी की बढ़ोतरी और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के ज़रिए वजन घटाने वाली दवाएँ मुफ्त उपलब्ध कराने का ऐलान। इन घोषणाओं ने ब्राजील में चुनावी बहस को तेज कर दिया है और विपक्ष ने इन्हें 'वोट खरीदने की कोशिश' करार दिया है।
बोल्सा फमीलिया में क्या बदलेगा
बोल्सा फमीलिया ब्राजील का सबसे बड़ा नकद हस्तांतरण कार्यक्रम है, जिसे 2003 में लूला के पहले कार्यकाल में शुरू किया गया था। वर्तमान में करीब 5 करोड़ लोग इस योजना के दायरे में हैं, जिनमें लगभग 2.7 करोड़ मतदान योग्य नागरिक शामिल हैं।
मौजूदा करीब 98 पाउंड के मासिक भुगतान को बढ़ाकर लगभग 113 पाउंड किया जाएगा। यह बढ़ोतरी 19 अक्टूबर से प्रभावी होगी — यानी पहले दौर के मतदान और संभावित 25 अक्टूबर के दूसरे दौर के बीच की अवधि में।
मुफ्त दवा और महिला मतदाताओं पर नजर
लूला सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के ज़रिए वजन घटाने वाली दवाएँ मुफ्त देने का भी वादा किया है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ब्राजील में मोटापा एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है।
इसके साथ ही, लूला की नजर महिला मतदाताओं पर भी स्पष्ट रूप से है। कुल मतदाताओं में करीब 53 फीसदी महिलाएँ हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सोशल मीडिया पर लूला के ऐसे वीडियो क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जिनमें वे महिलाओं की सुरक्षा, फेमिसाइड के विरुद्ध कड़े कानून और महिलाओं के जीवन जीने के अधिकार की बात कर रहे हैं।
विपक्ष का रुख और कानूनी चुनौती
मुख्य विपक्षी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो ने इन घोषणाओं की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे लूला की 'हताशा' बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से ठीक पहले गरीबों के वोट खरीदने की कोशिश कर रही है।
दक्षिणपंथी उम्मीदवार रेनान सैंटोस ने चुनावी अदालत में याचिका दायर कर भुगतान बढ़ोतरी को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के पदभार संभालने तक रोकने की माँग की है। हालाँकि, कुछ कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि मुद्रास्फीति के अनुरूप लाभ में समायोजन कानूनी रूप से प्रतिबंधित नहीं है।
लूला का बचाव और मुख्य मुकाबला
लूला का तर्क है कि बोल्सा फमीलिया में की गई बढ़ोतरी वास्तव में पिछले वर्षों की मुद्रास्फीति के अनुरूप समायोजन है, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की क्रय शक्ति बनाए रखना है — न कि चुनावी लाभ लेना।
गौरतलब है कि 4 अक्टूबर का पहला दौर और संभावित 25 अक्टूबर का दूसरा दौर — यह पूरा चुनावी समीकरण इस बात पर निर्भर करेगा कि लूला की कल्याणकारी छवि और बोल्सोनारो का राष्ट्रवादी आख्यान किस पर भारी पड़ता है। यह मुकाबला ब्राजील की भविष्य की नीतिगत दिशा तय करेगा।