हेमंत सोरेन की याचिका हाई कोर्ट ने खारिज की, JMM बोला — ज़रूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमीन खरीद मामले से जुड़ी याचिका को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने स्पष्ट किया है कि वह आगे की कानूनी लड़ाई के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगी। 19 सितंबर 2026 को रांची में JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने यह प्रतिक्रिया दी और पार्टी का रुख साफ किया।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी मामले से जुड़ी हेमंत सोरेन की याचिका झारखंड उच्च न्यायालय से खारिज होने के बाद JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, 'वकीलों की सलाह पर अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा। ज़रूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट का भी रुख करेंगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और कोर्ट का जो भी आदेश होगा, वह स्वीकार्य होगा।
पांडे ने कहा, 'हमें विश्वास है कि न्याय मिलेगा और मुख्यमंत्री बेकसूर साबित होंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी पहले से ही चरम पर है और ईडी की जाँच को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है।
ममता बनर्जी के चुनाव चिह्न पर प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की पार्टी का चुनाव चिह्न फ्रीज़ होने के मामले में भी मनोज पांडे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'इस मामले में ममता बनर्जी का सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला सही है। ममता बनर्जी के साथ बहुत गलत हुआ।' पांडे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि 'यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।'
नंदीग्राम उपचुनाव और गिरफ्तारी पर बयान
ममता बनर्जी के समर्थन वाले नंदीग्राम उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर JMM प्रवक्ता ने कहा, 'यह गिरफ्तारी ममता के प्रभाव को दिखाती है। इसके पहले जिन्हें ममता बनर्जी ने टिकट दिया, उसे खरीद लिया गया।' गौरतलब है कि यह बयान विपक्षी एकजुटता की व्यापक राजनीति के संदर्भ में आया है।
किरेन रिजिजू पर पलटवार
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के 'भस्मासुर है कांग्रेस' वाले बयान पर मनोज पांडे ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि किरेन रिजिजू खुद भस्मासुर हैं। बहुत जल्द अपनी पार्टी की नैया उत्तर-पूर्व में डुबो देंगे।' यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
JPSC और परीक्षा रद्द मामले में सरकार का पक्ष
JPSC, CGL सहित 4 परीक्षाएँ रद्द करने के मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया गया है। मनोज पांडे ने कहा, 'सरकार ने हाईकोर्ट में एफिडेविट के माध्यम से अपनी बात मजबूती से रखी है। अब इस पर कोर्ट निर्णय लेगी और कोर्ट के आदेश का पालन सरकार करेगी।' आगे की सुनवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं और JMM के अनुसार सरकार अपना पक्ष पूरी मज़बूती से रख रही है।