सुप्रीम कोर्ट से सीएम हेमंत सोरेन को मिली राहत, ईडी के समन अवहेलना मामले में कार्यवाही पर रोक
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट ने सीएम हेमंत सोरेन को राहत दी है।
- ईडी के समन की अवहेलना का मामला चल रहा है।
- रांची की एमपी-एमएलए विशेष अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाई गई है।
- ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
- यह मामला राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली/रांची, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन की अवहेलना से संबंधित मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने रांची की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में इस प्रकरण की चल रही कार्यवाही पर अस्थायी रोक लगा दी है और ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह मामला ईडी के समन की कथित अवहेलना से संबंधित है। ईडी ने सीजेएम कोर्ट में हेमंत सोरेन के खिलाफ १९ फरवरी २०२४ को शिकायत दर्ज कराई थी। एजेंसी का कहना है कि रांची के बड़गाईं अंचल की भूमि घोटाले में पूछताछ के लिए हेमंत सोरेन को पहली बार १४ अगस्त २०२३ को समन दिया गया था।
इसके बाद उन्हें १९ अगस्त, १ सितंबर, १७ सितंबर, २६ सितंबर, ११ दिसंबर, २९ दिसंबर को और २०२४ में १३ जनवरी, २२ जनवरी और २७ जनवरी को भी समन भेजे गए। कुल मिलाकर उन्हें दस समन भेजे गए, लेकिन वह केवल दो समन पर उपस्थित हुए।
यह पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की धारा ६३ एवं आईपीसी की धारा १७४ के तहत अवैध है। अदालत ने ईडी द्वारा दाखिल शिकायत पर सुनवाई के बाद ४ मार्च २०२४ को संज्ञान लिया। बाद में मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश को रद्द करने से इनकार करते हुए ट्रायल की प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले की सुनवाई के दौरान, हेमंत सोरेन की ओर से अधिवक्ता प्रज्ञा सिंह बघेल ने तर्क किया कि जिन समनों पर वह उपस्थित नहीं हुए, उनके लिए लिखित जवाब दिया गया था और बाद के समनों पर वह ईडी के समक्ष पेश हुए थे। इसके अलावा, शिकायत को दुर्भावनापूर्ण बताया गया।