चौंकाने वाला हमला: बकाया 2 लाख मांगने पर हलवाई के हाथ ग्राइंडर से काटे, आरोपी अजय पाल गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- 24 अप्रैल 2025 की रात विजय एन्क्लेव, दिल्ली में हलवाई लोकेश गुप्ता (32) के दोनों हाथ ग्राइंडर से काटने की कोशिश की गई।
- आरोपी अजय पाल ने अपनी बेटी की शादी के लिए ₹2.5 लाख की टेंट सर्विस ली थी, जिसमें ₹2 लाख बकाया थे।
- मुख्य आरोपी अजय पाल (53 वर्ष) को घटना के कुछ घंटों बाद गिरफ्तार किया गया, दो नाबालिग भी हिरासत में हैं।
- घायल लोकेश को एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार जारी है।
- डबरी पुलिस स्टेशन में बीएनएस धारा 118(2), 127(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज।
- पुलिस अभी भी फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
मुख्य घटनाक्रम: विजय एन्क्लेव में दरिंदगी
नई दिल्ली के विजय एन्क्लेव इलाके में 24 अप्रैल 2025 की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब ₹2 लाख का बकाया पैसा मांगने गए हलवाई लोकेश गुप्ता (32 वर्ष) के दोनों हाथ ग्राइंडर से काटने की क्रूर कोशिश की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय पाल (53 वर्ष) को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।
रात लगभग 8:30 बजे पुलिस को पीसीआर कॉल मिली कि विजय एन्क्लेव में कुछ लोगों ने एक व्यक्ति पर ग्राइंडर से हमला किया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल लोकेश गुप्ता को पाया, जो विजय एन्क्लेव, डबरी का निवासी है और हलवाई के साथ-साथ टेंट सर्विस का व्यवसाय भी करता है।
विवाद की जड़: शादी की टेंट सर्विस और बकाया रकम
जांच में सामने आया कि 20 अप्रैल को आरोपी अजय पाल ने अपनी बेटी की शादी के लिए लोकेश से ₹2.5 लाख में टेंट सर्विस बुक की थी। इसमें से करीब ₹2 लाख अभी तक अदा नहीं किए गए थे। जब लोकेश बकाया राशि वसूलने आरोपी के घर पहुंचा, तो अजय पाल ने 2-3 साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला बोल दिया।
आरोपियों ने ग्राइंडर मशीन का इस्तेमाल करते हुए लोकेश के दोनों हाथ काटने की कोशिश की। यह हमला इतना बर्बर था कि पीड़ित को तत्काल अस्पताल ले जाना पड़ा।
चिकित्सा उपचार और पुलिस कार्रवाई
घायल लोकेश गुप्ता को पहले राशि मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उसे धारदार हथियार से गहरी और खतरनाक चोटें आई हैं।
पुलिस ने मौके से सबूत इकट्ठा किए और पीड़ित का विस्तृत बयान दर्ज किया। डबरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(2), 127(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी और आगे की जांच
पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय पाल (53 वर्ष) को घटना के कुछ घंटों के भीतर ही दबोच लिया। इसके अलावा दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है, जो इस हमले में शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह के जघन्य अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी और सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
व्यापक संदर्भ: छोटे व्यापारियों पर बढ़ती हिंसा
यह घटना दिल्ली में छोटे व्यापारियों, कारीगरों और सेवा प्रदाताओं के साथ होने वाली हिंसा और शोषण की एक गंभीर कड़ी है। जो लोग अपनी मेहनत की कमाई मांगने जाते हैं, वे अक्सर इस तरह के हिंसक हमलों का शिकार बन जाते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में इस तरह की घटनाएं — जहां बकाया पैसे मांगने पर हमला किया जाता है — समय-समय पर सामने आती रहती हैं, जो छोटे व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक बकाया वसूली के लिए कोई त्वरित और सुलभ कानूनी तंत्र नहीं होगा, तब तक ऐसे विवाद हिंसक रूप लेते रहेंगे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इस मामले में नाबालिगों की संलिप्तता एक और चिंताजनक पहलू है।
आने वाले दिनों में एम्स में लोकेश गुप्ता के उपचार की स्थिति और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर नज़र रहेगी। अदालत में इस मामले की सुनवाई यह तय करेगी कि बीएनएस की नई धाराओं के तहत दोषियों को कितनी कड़ी सजा मिलती है।