बंगाल चुनाव दूसरा चरण: उत्तर 24 परगना में 507 कंपनियों की सबसे बड़ी CAPF तैनाती, 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान

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बंगाल चुनाव दूसरा चरण: उत्तर 24 परगना में 507 कंपनियों की सबसे बड़ी CAPF तैनाती, 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान

सारांश

बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। उत्तर 24 परगना में सर्वाधिक 507 CAPF कंपनियां तैनात होंगी। कुल 2,348 केंद्रीय कंपनियां और 95 पुलिस पर्यवेक्षक चुनाव की निगरानी करेंगे। पहला चरण शांतिपूर्ण रहा, दूसरे पर आयोग की विशेष नजर है।

Key Takeaways

  • 29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के 142 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे चरण का मतदान होगा।
  • कुल 2,348 केंद्रीय कंपनियां (CAPF, IRB और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस) तैनात की जाएंगी।
  • सर्वाधिक 507 कंपनियां उत्तर 24 परगना में और न्यूनतम 257 कंपनियां हावड़ा में लगाई जाएंगी।
  • दूसरे चरण में 142 सामान्य पर्यवेक्षक और 95 पुलिस पर्यवेक्षक निगरानी करेंगे।
  • चुनाव आयोग ने अन्य राज्यों से 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।
  • पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा, किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पड़ी।

कोलकाता, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल 2026 को छह जिलों और कोलकाता में फैले 142 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। इस चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), भारतीय रिजर्व बटालियन (IRB) और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस इकाइयों समेत कुल 2,348 कंपनियां तैनात की जाएंगी। सबसे अधिक सुरक्षा बल उत्तर 24 परगना जिले में लगाए जाएंगे।

जिलेवार CAPF तैनाती का ब्यौरा

केंद्रीय बलों की सर्वाधिक तैनाती उत्तर 24 परगना जिले में 507 कंपनियों के साथ होगी, जो इस चरण में किसी भी एकल जिले में सबसे अधिक है। इसके बाद दक्षिण 24 परगना में 409 कंपनियां तैनात की जाएंगी।

हुगली जिले में 344 कंपनियां और नादिया जिले में 285 कंपनियां तैनात होंगी। पूर्वी बर्दवान और कोलकाता दोनों में समान रूप से 273-273 कंपनियां लगाई जाएंगी।

सबसे कम तैनाती हावड़ा जिले में होगी, जहां 257 कंपनियां मतदान की सुरक्षा संभालेंगी। ये सभी केंद्रीय बल कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस के कर्मियों के अतिरिक्त होंगे।

संवेदनशील बूथों के आधार पर हुआ वितरण

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि केंद्रीय बलों का जिलेवार वितरण संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की संख्या के आधार पर किया गया है। इसमें पिछले चुनावों में हुई मतदान हिंसा का रिकॉर्ड और बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा जैसे भौगोलिक-सामरिक पहलुओं को भी ध्यान में रखा गया है।

उत्तर 24 परगना में सर्वाधिक CAPF तैनाती इसीलिए है क्योंकि यह जिला बांग्लादेश सीमा से लगा हुआ है और ऐतिहासिक रूप से चुनावी हिंसा के लिए संवेदनशील माना जाता है। यह क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पर्यवेक्षकों की कड़ी निगरानी में होगा मतदान

29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान 142 सामान्य पर्यवेक्षकों — प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक — और 95 पुलिस पर्यवेक्षकों की कड़ी निगरानी में संपन्न होगा। पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान 84 पुलिस पर्यवेक्षकों की देखरेख में हुआ था।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शनिवार को अन्य राज्यों से 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की, जो दूसरे चरण की निगरानी को और सशक्त बनाएगी।

पहला चरण शांतिपूर्ण, दूसरे पर विशेष नजर

CEO कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, पहले चरण का मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा और किसी भी बड़ी हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं आई। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले चरण के 152 निर्वाचन क्षेत्रों के किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं है।

चुनाव आयोग दूसरे चरण को लेकर विशेष रूप से सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास पुराना है और राष्ट्रीय स्तर पर इसे लेकर हमेशा चिंता जताई जाती रही है।

यह भी उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में भी बंगाल में बड़े पैमाने पर केंद्रीय बल तैनात किए गए थे, फिर भी कुछ जिलों में हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। इस बार आयोग उन गलतियों से सबक लेते हुए पहले से ही अधिक सतर्क दिखाई दे रहा है।

29 अप्रैल को होने वाले मतदान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा और स्पष्ट होगी। मतगणना की तारीख और अंतिम परिणाम यह तय करेंगे कि राज्य की सत्ता किस दिशा में जाती है।

Point of View

बल्कि बंगाल की चुनावी राजनीति की उस जटिल सच्चाई का आईना है जिसे हर बार 'सामान्य' कहकर टाल दिया जाता है। सवाल यह है कि जब हर चुनाव में इतनी भारी-भरकम सुरक्षा चाहिए, तो राज्य की कानून-व्यवस्था आखिर कब सामान्य होगी? 2021 के बाद हुई राजनीतिक हिंसा की जांच रिपोर्टें अभी भी अधूरी हैं — और इस बार भी केंद्रीय बल ही 'गारंटर' हैं। यह विरोधाभास उजागर करता है कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग दोनों के लिए बंगाल में 'स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव' एक आदर्श नहीं, बल्कि अभी भी एक चुनौती बना हुआ है।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

बंगाल चुनाव दूसरे चरण में कितनी CAPF कंपनियां तैनात होंगी?
बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में कुल 2,348 केंद्रीय कंपनियां तैनात होंगी, जिनमें CAPF, IRB और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस शामिल हैं। ये बल कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस के अतिरिक्त होंगे।
बंगाल चुनाव दूसरे चरण में किस जिले में सबसे अधिक सुरक्षा बल होंगे?
उत्तर 24 परगना जिले में सर्वाधिक 507 CAPF कंपनियां तैनात होंगी। इसका कारण जिले का बांग्लादेश सीमा से सटा होना और ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील बूथों की अधिक संख्या है।
29 अप्रैल को बंगाल में कितनी विधानसभा सीटों पर मतदान होगा?
29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के छह जिलों और कोलकाता में फैले 142 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे चरण का मतदान होगा। इसकी निगरानी 142 सामान्य और 95 पुलिस पर्यवेक्षक करेंगे।
बंगाल चुनाव में CAPF तैनाती का आधार क्या है?
केंद्रीय बलों का वितरण संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की संख्या, पिछले चुनावों में हुई हिंसा के रिकॉर्ड और बांग्लादेश सीमा जैसे भौगोलिक कारकों के आधार पर किया गया है। यह जानकारी CEO कार्यालय के सूत्रों ने दी।
बंगाल चुनाव पहले चरण का परिणाम कैसा रहा?
पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा और किसी बड़ी हिंसा की रिपोर्ट नहीं आई। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं है।
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